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30 Aug 2025, Sat

लखनऊ में दलित डिलीवरी बॉय से खाना न लेने का दावा झूठा है

सोशल मीडिया पर ‘यूपी तक’ वेबसाइट पर प्रकाशित एक खबर का स्क्रीनशॉट वायरल है। इस खबर में बताया गया है कि यूपी के लखनऊ में एक दलित डिलीवरी बॉय से उसकी जाति की वजह से खाना लेने से इनकार कर दिया। उसके मुंह पर तंबाकू थूककर पीटा गया।

मिशा इशी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘छुआछूत विरोधी कानून होने के वावजूद इतनी हिम्मत पेशेवर क्रिमिनल्स में होना नार्मल है।’

Amitmbedkr ने लिखा, ‘दलित का छुआ नहीं खाएंगे कहकर डिलीवरी boy पर थूका  ये अपमान जाति के आधार पर हुआ है या आर्थिक आधार पर” वाह रे जातिवादियों   जातिवादी खाना खाते है!जाति देखकर  पुजारी पंडा बनाये जाते हैं! जाति देखकर   आखिर इस धर्म ने दलितों को क्या दिया केवल छुआ छूत और जाति के नाम पर दलितों का शोषण’

रवि जाटव ने लिखा, ‘मेरी नजर में यह आदमी नहीं होगा यह सूअर ही होगा .. जिसे मल खाना पसंद है लेकिन दलित का छुआ खाना पसंद नहीं … ऐसे हरामखोरो की एक ही सजा होनी चाहिए मौत … सिर्फ मौत’

एमपी एक्सप्रेस ने लिखा, ‘भारत 2025 में- चाँद पर पहुंच गए, लेकिन कुछ की सोच अब भी जाति की नाली में पड़ी है। लखनऊ में “दलित का छुआ नहीं खाएंगे” कहकर डिलीवरी बॉय पर थूका गया। FIR दर्ज लेकिन सवाल अब भी ज़िंदा है कि इंसानियत किस जाति की है?’

क्या है हकीकत? क्या है हकीकत? पड़ताल में हमे ‘यूपी तक‘ और ‘अमर उजाला‘ वेबसाइट पर प्रकाशित खबर मिली। 20 जून 2022 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ के आशियाना सेक्टर एच में जोमैटो के डिलीवरी बॉय विनीत रावत का कहना है कि जब वो ऑर्डर लेकर पहुंचा तो वहां दरवाजा खुलते ही निकले व्यक्ति अजय सिंह ने उससे नाम पूछा। नाम सुनते ही उसने खाना लेने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि दलित के हाथ का छुआ खाना हम नहीं लेंगे। विरोध करने पर डिलीवरी ब्वाय की अपने साथियों संग मिलकर पिटाई की। पीड़ित ने आशियाना थाने में तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने दो नामजद व 12 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

हमे इसी मामले से सम्बंधित दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 20 जून 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रकरण में अजय सिंह के घर पर खाना बनाने वाले विवेक शुक्ला और आरती रावत ने डिलीवरी बॉय पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए एसीपी कैंट को प्रार्थनापत्र दिया है। उनके मुताबिक वह कई साल से अजय सिंह के घर खाना बना रहे हैं। शनिवार की रात अजय ने खाना आर्डर किया। विनीत डिलीवरी लेकर घंटे भर बाद पहुंचा। जबकि रास्ता 10 मिनट का है। आरती खाने का पैकेट लेने गेट पर पहुंची। विनीत ने उसे देने से मना कर दिया उसने कहा कि वह आर्डर देने वाले को रिसीव कराएगा। इस बीच अजय के छोटे भाई अभय सिंह भी आ गए। उन्होंने गाड़ी पोर्टिको में खड़ी की। अभय पान खा रहे थे। उन्होंने थूंका तो छींटे विनीत की स्कूटी पर पड़ गई। इस पर वह गाली-गलौज करने लगा। विरोध पर झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी दी। शोर सुनकर आस पड़ोस के लोग आ गए। उन्होंने भी डिलीवरी ब्वाय विनीत की अभद्रता देखी तो विरोध किया। इसके बाद कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। कंट्रोल रूम की सूचना पर पुलिस पहुंची तो स्थानीय लोगों ने भी डिलीवरी ब्वाय की ही गलती बताई। विवेक शुक्ला का आरोप है कि उसने झूठी तहरीर देकर अजय सिंह, अभय सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर फंसा दिया।

हमने इस मामले में स्थानीय पत्रकार की मदद से अजय सिंह से भी बातचीत की। अजय ने कहा कि उनका पूरा नाम अजय सिंह गंगवार है और वे जाति से कुर्मी हैं, यानी ओबीसी वर्ग में आते हैं। इस मामले में उनका छोटा भाई अभय सिंह भी आरोपी बनाया गया था लेकिन पिछले साल उसकी हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। अजय के मुताबिक, घटना के दिन उन्होंने अपने बच्चों के लिए मोमोज ऑर्डर किए थे। जब डिलीवरी देर से पहुँची तो उन्होंने देरी की वजह पूछी, जिस पर बहस और धक्का-मुक्की हो गई। इस बीच उनका भाई अभय सिंह गाड़ी पार्क करने आया था। उसके मुँह में मसाला था और उसने कुल्ला किया, जिससे छींटें डिलीवरी ब्वॉय की बाइक पर चली गईं लेकिन उसके चेहरे पर नहीं। अजय ने कहा कि अगर थूका गया होता तो शर्ट पर दाग जरूर आते, लेकिन जब पुलिस 112 मौके पर पहुँची तो कोई दाग नहीं दिखा। इसके बाद 112 की टीम वापस चली गई, हालांकि अगले दिन विनीत ने जातीय उत्पीड़न का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया।

अजय ने यह भी कहा कि उनके घर में काम करने वाली आरती रावत भी उसी जाति से हैं, जिससे डिलीवरी ब्वॉय आता है। अगर वह जातिगत भेदभाव करते तो आरती इतने सालों से उनके घर में क्यों काम करतीं। अजय का कहना था कि वे जोमैटो और स्विगी से अक्सर खाना मंगवाते हैं, अब तक कितने ही डिलीवरी ब्वॉय आए होंगे लेकिन कभी किसी ने ऐसी शिकायत नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या डिलीवरी लेते समय कोई जाति पूछता है? यह तो डिलीवरी करने वाला लड़का सामने था इसलिए नाम मालूम हो गया, लेकिन जो खाना रेस्तरां में बन रहा है, हमें क्या पता कि उसे कौन पका रहा है? इस हिसाब से तो मुझे खाना भी नहीं मांगना चाहिए?

इस मामले में हमे ईटीवी की रिपोर्ट में आशियाना थाना प्रभारी दीपक पांडेय का बयान मिला। इंस्पेक्टर दीपक पांडेय ने बताया कि विनीत रावत ऑर्डर लेकर कस्टमर के घर पहुंचा तो वहां थूक की छींटे पड़ने को लेकर मारपीट हुई थी। विनीत रावत ने झगड़े के बाद डायल 112 को सूचना दी, जिस पर 112 की टीम पहुंची और दोनों को थाने चलने के लिए कहा तो विनीत ने जाने से इनकार कर दिया और रविवार को वह वकील के साथ थाने आया और दलित उत्पीड़न बताकर तहरीर दी फिलहाल तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।

हमने इस प्रकरण में इंस्पेक्टर दीपक पांडेय से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि इस विवाद में जाति का एंगल नहीं था। अभय सिंह के कुल्ला करने की वजह से विवाद हुआ था। घटना तीन साल पुरानी है।

दावा हकीकत
लखनऊ में डिलीवरी ब्वॉय से उसकी जाति पूछकर खाना लेने से इनकार किया गया और उसके मुंह पर थूककर जातिगत आधार पर पिटाई की गई।यह घटना तीन साल पुरानी है, साथ ही दलित होने की वजह से डिलीवरी बॉय से खाना न लेने और मुंह पर थूकने का दावा गलत है। दोनों पक्षों में डिलीवरी में देरी और कुल्ला करने की छींटों को लेकर विवाद हुआ था।

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