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16 Feb 2026, Mon

धीरेन्द्र शाश्त्री ने नहीं कहा कि मनुस्मृति को मानकर ब्राह्मणों की लड़कियों को पढ़ाई-नौकरी नहीं करना चाहिए, वायरल पोस्टकार्ड एडिटेड है

सोशल मीडिया में एनबीटी का एक पोस्टकार्ड वायरल है। दावा है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने एक बयान में कहा है कि ब्राहमण समाज के लोगों को अपने घरों में मनुस्मृति का पालन करना चाहिए। ब्राह्मण समाज की लड़कियों और महिलाओं को पढाई लिखाई नहीं करनी चाहिए। घर से बाहर नौकरी भी नहीं करनी चाहिए।

निर्देश सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘अब देखना ये है,की कितने ब्राह्मण लोग और महिलाएं अपने बाबा की बात से सहमत होकर अपनी लड़कियों को स्कूल कॉलेज और नौकरियों से बाहर निकालने वाले हैं, बाबा की बात में दम है मनुस्मृति महिलाओं को शिक्षा और नौकरी के खिलाफ है महिला सिर्फ चार दिवारी का सामान है,लेकिन मैं तो चाहती हूं हर बच्ची पढ़े आगे बढ़े,चाहे ब्राह्मण हो शूद्र गरीब,मुस्लिम हो या जैन सिख’

एक यूजर क्लाउड ने लिखा, ‘इस बाबा धीरेन्द्र शास्त्री की बात में दम तो है  कितने ब्राह्मण लोग और महिलाएं अपने बाबा धीरेन्द्र शास्त्री की बात को मानकर अपनी लड़कियों को स्कूल कॉलेज और नौकरियों से बाहर निकालने वाले हैं..?  मनुस्मृति महिलाओं की आजादी शिक्षा और नौकरी के खिलाफ है मनुस्मृति के हिसाब से महिला चार दिवारी का सामान है, लेकिन मैं तो चाहता हूं हर समाज की बच्ची पढ़े और आगे बढे।  महिलाओ को आजादी मनुस्मृति से नहीं संविधान से मिली है चहे वह ब्राह्मण समाज से ही क्यो ना हो।’

सपा नेता राम करण निर्मल ने लिखा, ‘मोदी प्रिय हिन्दू हृदय सम्राट लफ़्फ़ाज लौंडे धीरेंद्र शास्त्री का ज्ञान’

इसके अलावा आफताब आलम, निधि रतन, दिनेश कुमार सिंह, चौधरी मंजर, निधि अम्बेडकर, Rural india, अपूर्वानंद ने भी इसे पोस्ट किया है।

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने वायरल पोस्टकार्ड के बयान से सम्बंधित कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया लेकिन हमे धीरेन्द्र शाश्त्री को लेकर ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।

चूंकि इस पोस्टकार्ड पर एनबीटी का Logo है इसीलिए हमने एनबीटी के सोशल मीडिया अकाउन्ट्स को तलाशा। इस दौरान हमे एक्स पर 26 दिसम्बर का एक पोस्ट मिला, जिसके मुताबिक धीरेन्द्र शाश्त्री ने अपने बयान में कहा, ‘चाहे गोपनीय तरीके से अथवा ओपन तरीके से भारत सरकार को बांग्लादेशी हिन्दुओं के लिए कोई कदम उठाना जरूरी हो गया है।’

हमे एनबीटी का एक दूसरा पोस्ट भी मिला। इस पोस्ट में एनबीटी ने वायरल पोस्टकार्ड का खंडन करते हुए लिखा है, ‘पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई पोस्ट वायरल हो रही हैं और उन फ़र्ज़ी पोस्ट के जरिये भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं। इस पोस्ट में दो तस्वीरें लगी हैं, जिनमें से एक फेक है और एक असली है।’

दावाधीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने एक बयान में कहा है कि ब्राहमण समाज के लोगों को अपने घरों में मनुस्मृति का पालन करना चाहिए। ब्राह्मण समाज की लड़कियों और महिलाओं को पढाई लिखाई नहीं करनी चाहिए। घर से बाहर नौकरी भी नहीं करनी चाहिए।
हकीकतवायरल पोस्टकार्ड एडिटेड है, असल में धीरेन्द्र शाश्त्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।

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