कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर चुनावों में धांधली और वोट चोरी के आरोप लगाए हैं हालाँकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन किया है। इस बीच एक दावा किया जा रहा है कि राजस्थान के गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र के बड़गांव में भाग संख्या 267 के मकान संख्या 111 में करीब 700 मतदाता के नाम दर्ज हैं। यह सभी फर्जी मतदाता हैं, वो यहाँ निवासी नही हैं।
नेहा सिंह राठौर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘हर राज्य में वोटचोरी हुई है. हर राज्य के वोटर को ठगा गया है।’
हर राज्य में वोटचोरी हुई है.
— Neha Singh Rathore (@nehafolksinger) August 23, 2025
हर राज्य के वोटर को ठगा गया है.#VoterAdhikarYatra #VoteChori #VoteChor #VoteTheft #Votechoriexposed pic.twitter.com/H1tVSNc7zM
असपाक हुसैन ने लिखा, ‘राहुल गांधी जी द्वारा #वोट_चोरी के खुलासे के बाद भाजपा के चुनावी डिपार्टमेंट ‘इलेक्शन कमीशन’ के अद्भुत कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं गोगुंदा विधानसभा उदयपुर की बड़गांव पंचायत में BJP-EC का ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है कि एक ही मकान में 700 से ज़्यादा मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।’
राहुल गांधी जी द्वारा #वोट_चोरी के खुलासे के बाद भाजपा के चुनावी डिपार्टमेंट 'इलेक्शन कमीशन' के अद्भुत कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं
— Ashpak Hussain (Ashfaq Joiya) (@ashpak_Hussain7) August 22, 2025
गोगुंदा विधानसभा उदयपुर की बड़गांव पंचायत में BJP-EC का ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है कि एक ही मकान में 700 से ज़्यादा मतदाताओं के नाम दर्ज हैं pic.twitter.com/u1TjoVYg0t
गोविन्द सिंह ने लिखा, ‘नेता विपक्ष @RahulGandhi जी द्वारा #वोट_चोरी के खुलासे के बाद भाजपा के चुनावी डिपार्टमेंट ‘इलेक्शन कमीशन’ के अद्भुत कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं। गोगुंदा विधानसभा (उदयपुर) की बड़गांव पंचायत में BJP-EC का ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है कि एक ही मकान में 700 से ज़्यादा मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोट चोरी के षड्यंत्र की ये वही सच्चाई है, जिस पर राहुल जी लगातार सवाल उठा रहे हैं और आयोग से जवाब मांग रहे हैं। ये कोई इकलौता मामला नहीं है, भाजपा ने लोकतंत्र लूटने के लिए वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर की।’
नेता विपक्ष @RahulGandhi जी द्वारा #वोट_चोरी के खुलासे के बाद भाजपा के चुनावी डिपार्टमेंट 'इलेक्शन कमीशन' के अद्भुत कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं।
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) August 22, 2025
गोगुंदा विधानसभा (उदयपुर) की बड़गांव पंचायत में BJP-EC का ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है कि एक ही मकान में 700 से ज़्यादा मतदाताओं… pic.twitter.com/Nhh9HdjyNk
इसके अलावा अशोक कुमार चौधरी, विनीता जैन, अत्वेंद्र, उमेश, नमिता शर्मा ने भी यही दावा किया है।
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमे सम्बन्धित कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक गोगुन्दा विधानसभा क्षेत्र-149 की मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर बड़गांव पंचायत के प्रशासक संजय शर्मा और पंचायत समिति सदस्य भुवनेश व्यास ने शिकायत दी है, उनका आरोप है कि बांडीनाल क्षेत्र के भाग संख्या 267 के मकान नंबर 111 में करीब 700 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं जबकि वास्तविकता में वहां इतने लोग निवास ही नहीं करते।
इसके बाद हमे इसी सम्बन्ध में ETV भारत की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रकरण की जांच में सामने आया कि अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं। उदयपुर विकास प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कच्चे-पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं। इन लोगों का वैध पता नहीं होने से उन्हें नोशनल नंबर आवंटित कर मतदाता सूची में दर्ज किया गया है।
पड़ताल के दौरान हमने एक स्थानीय पत्रकार की मदद से बड़गांव पंचायत के प्रशासक संजय शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि भाग संख्या 267 के मकान नंबर 111 पर लगभग 700 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, जबकि इनमें से अधिकांश अब वहां नहीं रहते। शर्मा ने स्पष्ट किया कि पहले ये मतदाता उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की जमीन पर कच्चे-पक्के मकान बनाकर रह रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें वहां से हटा दिया गया। कई लोग अन्य जगह चले गए लेकिन उनके नाम मतदाता सूची से अभी तक हटाए नहीं गए हैं। संजय शर्मा ने हमें भाग संख्या 267, मकान नंबर 111 से जुड़े मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध करवाई।

इस सूची के अध्ययन में पाया गया कि अनेक मतदाताओं का मकान नंबर एक ही – 111 – दर्ज है। हमने इनमें से एक मतदाता के ईपीआईसी नंबर को चुनाव आयोग की मतदाता सेवा पोर्टल पर खोजा। वहाँ से हमें पता चला कि इन मतदाताओं के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) आशीष भट्ट हैं।
इसके बाद हमने सुनील भट्ट से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले यूडीए के एक पहाड़ी क्षेत्र ‘मगरा बस्ती’ पर बड़ी संख्या में लोगों ने कब्जा कर कच्चे-पक्के घर बना लिए थे। उन लोगों के वोट भी बन गए लेकिन चूंकि उनके पास स्थाई मकान नहीं था इसलिए सभी को एक अस्थायी या ‘नोशनल’ मकान नंबर दिया गया। यही कारण है कि आज उनकी मतदाता सूची में मकान संख्या 111 दर्ज है। सुनील भट्ट ने आगे बताया कि बाद में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत वहां से सभी को हटा दिया गया। कुछ लोग पास की बस्तियों में चले गए जबकि बड़ी आबादी ने पहाड़ी के ही निचले इलाकों में अपना घर बना लिया। आज भी यह आबादी कच्चे-पक्के मकानों में रहती है।
सुनील भट्ट ने यह भी बताया कि संभव है कुछ मतदाता इस क्षेत्र से पलायन कर दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में चले गए हों, लेकिन ऐसे नाम आसानी से सूची से नहीं हटाए जा सकते। इसके लिए चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत फॉर्म 7 भरना अनिवार्य है। इस फॉर्म में मतदाता के परिवार का सदस्य या पड़ोसी यह प्रमाणित करता है कि संबंधित व्यक्ति अब यहाँ निवास नहीं करता। सुनील के अनुसार, यदि वह बिना इस प्रक्रिया के किसी का नाम हटा दें तो राजनीतिक दल उन पर आरोप लगा सकते हैं कि उन्होंने जानबूझकर मतदाता सूची से नाम काटा है। इसलिए केवल फॉर्म 7 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नाम हटाए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता पलायन कर चुका है और उसका प्रमाण उपलब्ध कराया जाता है, तो निश्चित तौर पर उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

सुनील भट्ट ने आगे बताया कि सभी मतदाताओं के लिए एक ही मकान संख्या दर्ज होना किसी फर्जीवाड़े का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह चुनावी प्रक्रिया का ही हिस्सा है। उनके पास स्थाई मकान नहीं है इसीलिए एक अस्थायी या ‘नोशनल’ मकान नंबर दिया गया।
Fact Check: राजस्थान के बड़गांव पंचायत में 700 मतदाता एक ही मकान में नहीं रहते हैं। ये लोग पहाड़ी इलाके में हुए बसे हुए हैं, जहाँ उन्होंने कच्चे-पक्के मकान और झोपड़ियाँ बना ली। इनमें से कोई दिहाड़ी मजदूरी करता है, कोई घरेलू काम तो कोई ड्राइवर है। चूंकि यह पूरा इलाका सरकारी जमीन… https://t.co/Pd5iuV1766 pic.twitter.com/I7iWuXnUMW
— Vishal Maheshwari (@vishalPosts) August 23, 2025
इसके बाद हमने कांग्रेस नेता और क्षेत्र के वार्डपंच यशवंत गमेती से भी संपर्क किया। यशवंत ने बताया कि यह आबादी वास्तव में यूडीए की सरकारी जमीन पर बसी हुई है। यहाँ दर्ज मतदाता फर्जी नहीं हैं लेकिन कुछ लोग यहाँ से पलायन कर चुके हैं। ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए।
दावा | हकीकत |
उदयपुर के बड़गांव पंचायत में मकान नंबर 111 पर 700 मतदाता दर्ज हैं, यानी 700 लोग एक ही मकान में रहते हैं। ये फर्जी वोटर हैं। | बड़गांव पंचायत में 700 लोग किसी एक मकान में नहीं रहते, बल्कि सरकारी जमीन पर झुग्गी-बस्तियों में फैले हुए हैं। अधिकृत मकान नंबर न होने के कारण चुनाव आयोग ने सभी को एक ही ‘नोशनल नंबर 111’ आवंटित किया। यह मतदाता फर्जी नहीं हैं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। |