अरावली पर्वत श्रृंखला भारत के सबसे पुरानी और सबसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिक प्रणालियों में से एक है। यह एक प्राकृतिक दुर्ग है जो उत्तर भारत को रेगिस्तानीकरण से बचाता है, जल संकट को रोकता है, और करोड़ों लोगों की जीविका को बनाए रखता है। लेकिन हाल ही में अरावली को लेकर विवाद गर्माया हुआ है। इस बीच सोशल मीडिया में एक मैदान में जमा लोगों का वीडियो वायरल है। इस वीडियो के साथ लोग दावा कर रहे हैं कि अरावली को बचाने के लिए राजस्थान में विशाल सभा हुई।
हंसराज मीणा ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘यह तस्वीर मेरे करौली ज़िले के अरावली की तलहटी में बसे करीरी गाँव की है। यह क्षेत्र मुख्यतः मीणा–गुर्जर बहुल है। आज करौली के कटकड़ गाँव में भी अरावली को बचाने के लिए विशाल सभा हुई। मैं गारंटी देता हूँ मेरे लोग अरावली की रक्षा के लिए अंतिम साँस तक लड़ेंगे।’
यह तस्वीर मेरे करौली ज़िले के अरावली की तलहटी में बसे करीरी गाँव की है। यह क्षेत्र मुख्यतः मीणा–गुर्जर बहुल है। आज करौली के कटकड़ गाँव में भी अरावली को बचाने के लिए विशाल सभा हुई। मैं गारंटी देता हूँ मेरे लोग अरावली की रक्षा के लिए अंतिम साँस तक लड़ेंगे।pic.twitter.com/oD1DCFUCOj
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) December 22, 2025
सुमी विश्नोई ने लिखा, ‘ओ राजस्थान है प्रधान….ऐसे नहीं जाने देगे अरावली को अरावली को बचाने के लिए लाखों की भीड़ संगठन में ही शक्ति है’
ओ राजस्थान है प्रधान….ऐसे नहीं जाने देगे अरावली को 🔥💚
— Sumii Bishnoi👑 (@Sumii029) December 20, 2025
अरावली को बचाने के लिए लाखों की भीड़ 😇
संगठन में ही शक्ति है ✊✊#अरावली_बचाओ #अरावली_बचाओ_अभियान pic.twitter.com/7ZadfXIs3k
Tsering Gaphel ने लिखा, ‘अगर लोग एकजुट हों तो कोई कुछ नहीं कर सकता।’
No one can do anything if people are united . #SaveAravalli pic.twitter.com/ItPxM2EQ9e
— Tsering Gaphel ༅༎ཚིི་ཪིང་དགའ་འཕེལ།། (@Tsering_gaphel) December 22, 2025
इसके अलावा Voice of Tribals ने भी वीडियो को पोस्ट किया है।
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने देखा कि वायरल वीडियो में विशाल महापंचायत का एक पोस्टर लगा हुआ है। हमने इस स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो पद दंगल स्टूडियों के फेसबुक पेज पर एक मिलता जुलता वीडियो मिला।

इस वीडियो को 27 जनवरी 2015 को ‘करीरी महापंचायत में बिचौलिया नहीं आने पर पटेलों में भारी रोष’ कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था।
इसी तरह का एक वीडियो हमे ‘जी राजस्थान न्यूज’ के फेसबुक पेज पर भी मिला। 27 जनवरी 2015 की इस रिपोर्ट के मुताबिक करीरी में सर्वसमाज की महापंचायत हुई। गोदभराई कार्यक्रम को लेकर विवाद पर इस पंचायत को आयोजित किया गया था।
हमने इन कीवर्ड्स की मदद से जब गूगल सर्च किया तो इससे सम्बंधित एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली 27 जनवरी 2025 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के करौली जिले में मीणा समाज की महापंचायत आयोजित की गई। ये महापंचायत रौंसी और करीरी गांवों के बीच एक सामाजिक विवाद को लेकर आयोजित की गई थी। यह विवाद उस समय हुआ, जब बीते 18 जनवरी को करीरी गांव के कुछ लोग रोसी गांव में गोद भराई (सगाई) करने गए थे। किन्हीं कारणों से लड़के वालों ने लड़की नापसंद कर दिया। इस पर गुस्साए लड़की वाले परिजन ने और ग्रामीणों ने दूल्हे के भाई को पकड़कर उसके बाल और मूंछ काट दी। उसके बाद सूचना मिलने पर स्थानीय पंच पटेलों ने पहुंचकर समझाइश कर लड़का वालों को छुड़वाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक इस पंचायत ने रोसी गांव के लड़की पक्ष के लोगों पर 11 लाख रुपये का दण्ड लगाया है, जिसे 15 दिन में देने होंगे। रिश्ता तय कराने वाले दोनों बिचौलियों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। लड़की पक्ष के घर हुई पंचायत में निर्णय देने वाले 5 लोगों पर 11-11 सौ रुपए का आर्थिक दण्ड और 5 वर्ष के लिए समाज से बहिष्कार किया गया है। 5 साल तक समाज की होने वाली पंचायत मैं भाग नहीं ले सकेंगे।
| दावा | राजस्थान के करौली में अरावली को बचाने के लिए विशाल सभा हुई। |
| हकीकत | यह वीडियो जनवरी माह का है। राजस्थान के करौली जिले में सगाई में विवाद के बाद महापंचायत का आयोजन किया गया था। |

