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29 Jan 2026, Thu

राजस्थान में पंचायत समिति हटाने के विरोध का वीडियो यूजीसी से जोड़ा गया है

यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज है। सामान्य वर्ग के छात्र और संगठन इन नियमों के विरोध में उतर चुके हैं। इसी बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल है, इस वीडियो को यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का बताया जा रहा है।

अनुज अग्निहोत्री ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘वीर तुम बढ़े चलो UGC के खिलाफ सवर्ण छात्रों का उग्र प्रदर्शन, भाजपा के लिए खतरे की घंटी, भाजपा ने सोचा नहीं होगा कि कभी इतना बड़ा विरोध झेलना पड़ेगा।  अभी तो यह शुरुआत है आगे देखो होता है क्या?’

शौर्य मिश्रा ने लिखा, ‘महोदय कहां-कहां से रुकोगे अभी तो शुरुआत है’

इसके अलावा यति शर्मा, कल्पना श्रीवास्तव ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया है

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने इस वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो एक दूसरे एंगल का वीडियो हमे राजस्थान के जालोर के एक मीडिया संस्थान ‘मीडिया हाउस सांचाैर‘ के फेसबुक पेज की लाइव फीड में मिला।इस वीडियो में 11 मिनट से वायरल वीडियो के द्रश्यों को देखा जा सकता है। वीडियो के साथ बताया गया है कि झाब पंचायत समिति रद्द होने पर जनआक्रोश, हजारों लोग महिलाओं सहित सैकड़ों गाड़ियों में जालौर कलेक्ट्रेट पहुंचे।

इस सम्बन्ध में हमे राजस्थान पत्रिका, एनडीटीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट भी मिली। जिसके मुताबिक झाब पंचायत समिति को संशोधित नोटिफिकेशन के तहत निरस्त कर भादरुणा को पंचायत समिति बनाने की घोषणा के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण मंगलवार दोपहर को जालोर पहुंचे। भारतमाला एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बागोड़ा रोड से होकर सैकड़ों की संख्या में लोग जिला मुख्यालय पहुंचे। पंचायत समिति से रेलवे स्टेशन, आहोर चौराहे तक पहुंचने पर तैनात जाब्ते से वाहनों को रुकवा दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने पैदल ही कलक्ट्रेट की ओर कूच किया।

इसी वीडियो को ‘Dungar Malani‘ ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘जालौर पुलिस BJP कार्यकर्ता हुए आमने-सामने कलेक्टर कार्यालय में जाने रोकती हुई पुलिस… Jalore झाब पंचायत के लिए’

भीड़ ने कलक्ट्रेट पहुंचने के साथ ही पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़ने का प्रयास किया। उग्र भीड़ ने पहले ही प्रयास में एक छोर पर लोहे के बेरिकेट्स को गिरा दिया। सामने तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को धकेलने के लिए मशक्कत की। पुलिस के आला अधिकारी भी इस मशक्कत में शरीक हुए। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर चैम्बर में जाकर झाब पंचायत समिति को बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का कहना है कि झाब पंचायत समिति वर्षों से अस्तित्व में है और क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सुविधाएं यहीं से मिलती रही हैं। समिति को हटाकर भादरूणा पंचायत समिति बनाए जाने से दूर-दराज के गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।  प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फैसला बिना जनसुनवाई और बिना स्थानीय सहमति के लिया गया है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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