प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर विवाद के बीच सोशल मीडिया में उनके दो अलग-अलग इंटरव्यू के वीडियो वायरल हैं। इस वीडियो के साथ लोग दावा कर रहे हैं कि पीएम मोदी ने खुद ये बात मानी है कि वो पढ़े-लिखे नहीं हैं। इस तरह पीएम मोदी की एजुकेशन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
एक यूजर @Jindagikekalesh ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘इधर मोदीजी- मैंने तो कॉलेज-वालेज देखा ही नहीं जी उधर अमित शाह जी- आज मैं प्रधानमंत्री जी की BA और MA की डिग्री सार्वजनिक कर रहा हूँ इसमें से कौन BC कर रहा है कोई बता सकता है क्या, कौन कहता है मुँह काला है झूठ का’
इधर मोदीजी- मैंने तो कॉलेज-वालेज देखा ही नहीं जी
— Jindagi Ke Kalesh (@Jindagikekalesh) August 29, 2025
उधर अमित शाह जी- आज मैं प्रधानमंत्री जी की BA और MA की डिग्री सार्वजनिक कर रहा हूँ🔥
इसमें से कौन BC कर रहा है कोई बता सकता है क्या,
कौन कहता है मुँह काला है झूठ का 😂😂 pic.twitter.com/DxXHy3sdYc
सरल व्यंग्या ने लिखा, ‘मोदीजी- मैंने तो कॉलेज-वालेज देखा ही नहीं जी अमित शाह जी- आज मैं प्रधानमंत्री जी की BA और MA की डिग्री सार्वजनिक कर रहा हूँ “कौन कहता है मुँह काला है झूठ का’
“मोदीजी- मैंने तो कॉलेज-वालेज देखा ही नहीं जी”🚨
— Saral Vyangya (@SaralVyangya) June 26, 2025
“अमित शाह जी- आज मैं प्रधानमंत्री जी की BA और MA की डिग्री सार्वजनिक कर रहा हूँ”🔥🔥
“कौन कहता है मुँह काला है झूठ का”😂😂 pic.twitter.com/5UjpsZFoJm
इसी वीडियो को तनवीर रंगरेज, अभिषेक पटेल, उजवल ने भी पोस्ट किया है।
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमे पहला वीडियो ‘Manushi India‘ यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सीएम बनने के बाद नौकरशाहों के साथ अपनी पहली बातचीत के बारें में बता रहे हैं। इस वीडियो में इंटरव्यूर मधु किश्वर ने नरेंद्र मोदी से उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर नहीं, बल्कि ट्रेनिंग को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में मोदी ने बताया कि उनकी कोई ट्रेनिंग नहीं हुई है लेकिन सीएम बनने के बाद वो आईआईएम पढने गए थे।
इस सम्बन्ध में साल 2003 की TOI की रिपोर्ट भी बताती है कि भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (आईआईएमए) के प्रोफेसरों ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के लिए ‘प्रभावी शासन’ पर एक कार्यशाला आयोजित की थी।
इसके बाद हमे दूसरा वीडियो Samina Khan नामक एक यूट्यूब अकाउंट पर मिला। इस वीडियो के मुताबिक राजीव शुक्ला ने साल 2001 में पीएम मोदी का एक इंटरव्यू लिया था।
इस वीडियो में 20:06 मिनट पर राजीव शुक्ला पीएम मोदी से सवाल करते हैं कि आपको कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करने का काफी शौक है जबकि बीजेपी में ऐसे बहुत कम लोग हैं, जिन्हें टेक्नोलॉजी का ज्ञान हो। इस पर जवाब देते हुए पीएम मोदी कहते हैं, ”मैं कोई पढ़ा-लिखा व्यक्ति नहीं, लेकिन परमात्मा की कृपा है और उसके कारण शायद मुझे नई-नई चीजें जानना या सीखने का बड़ा शौक था। 17 की उम्र में घर छोड़ दिया, स्कूली शिक्षा के बाद मैं निकल गया, तब से लेकर आज तक मैं भटक रहा हूँ, नयी चीजें पाने के लिए।”
पीएम मोदी के इस जवाब के बाद राजीव शुक्ला उनसे पूछते हैं कि आप कितना पढ़े हुए हैं। इसके जवाब में पीएम मोदी कहते हैं कि कि उन्होंने हाईस्कूल पूरा किया था। बाद में हमारे संघ के एक अधिकारी के आग्रह पर मैंने एक्सटर्नल एग्जाम देना शुरू किया। मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एक्सटर्नल एग्जाम देकर बीए कर लिया फिर भी उन्होंने आग्रह किया तो मैंने एक्सटर्नल एग्जाम से एमए भी कर लिया। मैंने कभी कॉलेज का दरवाजा नहीं देखा, लेकिन मैं यूनिवर्सिटी में पहला आया। मुझे टेक्नोलॉजी में काफी दिलचस्पी है, जब ये शास्त्र मेरे सामने आया मैं इसका पोटेंशियल समझ गया। फिर मेरा मन इसमें लगता गया।
दावा | हकीकत |
पीएम मोदी खुद मान रहे हैं कि वो पढ़े लिखे नहीं हैं | यह दो अलग अलग एडिटेड वीडियो हैं। पहले वीडियो में पीएम मोदी अपनी शैक्षणिक योग्यता को लेकर नहीं, नौकरशाहों से बातचीत को लेकर ट्रेनिंग की बात कर रहे हैं जबकि दूसरे वीडियो के अगले हिस्से में ही उन्होंने बताया कि एक्सटर्नल एग्जाम देकर बीए और एमए किया है। |