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30 Aug 2025, Sat

जयपुर ग्रामीण मतदाता सूची में ‘999999’ मकान नंबर वाले वोटर फर्जी नहीं हैं

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बिहार में ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की है। वहीं चुनाव आयोग ने वोट चोरी के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने राजनीतिक दलों से एसआईआर पर गलत सूचना फैलाने से बचने का आग्रह किया है। इस बीच सोशल मीडिया में राजस्थान के मतदाताओं की एक सूची वायरल है। लोग दावा कर रहे हैं कि जयपुर ग्रामीण में झोटवाडा विधानसभा में कई मतदाताओं की मकान संख्या ‘99999’ है। यह सभी संदिग्ध या फर्जी मतदाता हैं। इसी वजह से भाजपा ने लोकसभा चुनाव जीता था।

कांग्रेस कार्यकर्त्ता आदित्य गोस्वामी ने एक्स पर मतदाताओं की सूची पोस्ट करते हुए लिखा, ‘जयपुर ग्रामीण के जोतवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 136 पर कुल 1409 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 140 से अधिक (लगभग 10%) के मकान संख्या ’00’ या ‘999999’ के रूप में सूचीबद्ध हैं। कांग्रेस उम्मीदवार अनिल चोपड़ा झोटवाडा को छोड़कर जयपुर ग्रामीण के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आगे थे।’

ममता राजगढ़ ने लिखा, ‘जयपुर ग्रामीण सीट मे फूटा ‘वोट चोरी का बम, बताओ मकान नबर 00 व 999999 भी है..? पढ़िए कैसे बेईमानी हुई है   बीजेपी कैसे जीती…?’

केरल कांग्रेस ने लिखा, ‘प्रिय @ECISVEEP,  हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमारे प्रिय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी के साथ एक तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस करें, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि जयपुर के पास के गांवों में मतदाता सूची में घर नंबर 999999 क्यों लिखा गया है।  हमारा अंदाज़ा है कि शायद ये लोग किसी “क्लाउड स्टोरेज” में रहते हैं।’

मंजीत घोषी ने लिखा, ‘जयपुर ग्रामीण सीट मे फूटा ‘वोट चोरी का बम, बताओ मकान नबर 00 व 999999 भी है..? पढ़िए कैसे बेईमानी हुई है बीजेपी कैसे जीती…? चुनाव आयोग ये भी बता दे 999999 किन लोगो का मकान नंबर होता है भाई’

इसके अलावा निशांत धनकड़, राकेश, राजेन्द्र सैनी, प्रतीक सिंह ने भी यही दावा किया है।

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने मतदाता सूची में कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर (Electors Photo Identity Card Number) को चुनाव की वेबसाइट ‘मतदाता सेवा पोर्टल‘ पर सर्च किया। जिसमे पता चला कि यह सभी मतदाता राजस्थान की लोकसभा ‘6-Jaipur Rural’ और विधानसभा ’46-Jhotwara’ क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। ‘मतदाता सेवा पोर्टल‘ पर इन सभी मतदाता की जानकारी के साथ-साथ बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) आशीष कुमार शर्मा का मोबाइल नंबर भी दिया गया है। हमने बीएलओ से सम्पर्क किया और उन्हें वायरल मतदाता सूची और उसमे सभी की मकान संख्या ‘99999 के बारें में बताया।

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) आशीष कुमार शर्मा ने बताया कि यह मतदाता सूची झोटवाड़ा तहसील के गांव निवारू की है। यह इलाका पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्र रहा है। ग्रामीण ढांचे की वजह से यहां कई पुराने मकानों की कोई आधिकारिक संख्या दर्ज नहीं थी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तकनीकी कारणों से मतदाता सूची में घर की संख्या ‘00’ या ‘999999’ अंकित कर दी जाती है। यह सिर्फ़ एक प्लेसहोल्डर है, ताकि कॉलम खाली न रहे।

बीएलओ ने यह भी कहा कि गांव में नए बने मकानों को मकान संख्या दी गई है। जैसे-जैसे लोगों के पानी, बिजली या राशन कार्ड के कनेक्शन जुड़े, वैसे-वैसे उन्हें मकान संख्या भी आवंटित होती गई। लेकिन जिन मकानों का निर्माण बहुत पहले हुआ था और जिनका कोई रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाया, वहां अभी तक मकान संख्या दर्ज नहीं की गई है। आशीष कुमार ने आगे बताया कि करीब छह महीने पहले निवारू गांव को जयपुर नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया गया है। अब नगर निगम द्वारा शेष बचे हुए मकानों को भी आधिकारिक संख्या प्रदान की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची में सभी घरों के सही नंबर अपडेट कर दिए जाएंगे। अंत में उन्होंने साफ़ किया कि इस सूची में दर्ज मतदाता पूरी तरह स्थानीय और वास्तविक निवासी हैं। यहां किसी भी तरह का फर्जी वोटर नहीं है। मकान संख्या का 00 या 999999 होना केवल ग्रामीण व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया की तकनीकी वजह है, न कि फर्जीवाड़ा।

बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) से बातचीत में हमें झोटवाड़ा तहसील के गांव निवारू के मतदाताओं के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए। इसके बाद हमने मतदाताओं से सीधे संपर्क कर ज़मीनी हकीकत जानने की कोशिश की।

  • सबसे पहले, हमने ईपीआईसी संख्या IQT1846625 के मतदाता प्रभु दयाल पुत्र मोहन लाल से बात की। प्रभु दयाल ने कहा, “हमारा परिवार जन्म से ही निवारू गांव का ही स्थानीय निवासी है। यह पूरा इलाका ग्रामीण क्षेत्र है, जहां किसी के भी मकान का आधिकारिक नंबर नहीं होता। यही वजह है कि मतदाता सूची में ज़्यादातर मकान संख्या ‘00’ या ‘999999’ लिखी है।”
  • इसके बाद, हमने ईपीआईसी संख्या HRQ2332815 से जुड़े मतदाता सूचि पति सुनील कुमार से संपर्क किया। सुनील कुमार ने भी यही बात दोहराई। उन्होंने बताया, “यहां मकान नंबर की कोई व्यवस्था नहीं है क्योंकि यह ग्राम पंचायत क्षेत्र है। इसलिए मतदाता सूची में भी मकान नंबर अंकित नहीं होता। मैं और मेरा परिवार कई वर्षों से वोट डालते आ रहे हैं। हम सब स्थानीय और वास्तविक मतदाता हैं, किसी तरह की फर्जीवाड़े की बात बिल्कुल गलत है।”
  • इसी तरह, हमने ईपीआईसी संख्या IQT0305409 की मतदाता ममता (पति नन्द किशोर) से संपर्क किया। इस दौरान हमारी बातचीत उनके पति नन्द किशोर से हुई। उन्होंने भी गांव की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “मेरे पिता और दादा सभी का जन्म यहीं निवारू गांव में हुआ था। हम पीढ़ियों से इस गांव में रहते आए हैं और लगातार मतदान करते आ रहे हैं। यह इलाका ग्रामीण है और यहां किसी को मकान नंबर नहीं मिलता। मतदाता सूची में जो संख्या दिखाई देती है, उसका यही कारण है। हम सब असली मतदाता हैं, फर्जी नहीं।”
  • इसके बाद, हमने ईपीआईसी संख्या IQT2179778 की मतदाता ज्योति शर्मा (पति पवन शर्मा) से संपर्क करने की कोशिश की। इस दौरान हमारी बातचीत उनके देवर सनातन शर्मा से हुई। सनातन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया, “ज्योति शर्मा मेरी बड़ी भाभी हैं। हमारा पूरा परिवार निवारू गांव का ही मूल निवासी है। हमारे दादा-परदादा भी यहीं पैदा हुए और यहीं बसे रहे। यह इलाका पूरी तरह ग्रामीण है, जहां मकानों की संख्या नहीं दी जाती। यही वजह है कि मतदाता सूची में घर के नंबर ‘00’ या ‘999999’ जैसे अंक लिखे हैं। हम सब इसी गांव के स्थायी निवासी और असली मतदाता हैं।”

पड़ताल के दौरान हमने गांव निवारू के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र शर्मा से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि गांव में मकान संख्या की स्थिति मिश्रित है। सुरेन्द्र शर्मा ने कहा, “गांव में कई परिवार ऐसे हैं जिनके मकानों को संख्या आवंटित नहीं हुई है, जबकि कुछ घरों को मकान संख्या दी जा चुकी है। चूंकि निवारू अब जयपुर नगर निगम क्षेत्र में शामिल हो चुका है इसलिए उम्मीद है कि शेष बचे घरों को भी जल्द ही आधिकारिक मकान संख्या मिल जाएगी।”

दावा हकीकत
जयपुर ग्रामीण की मतदाता सूची में ‘999999’ मकान संख्या दर्ज होना फर्जी वोटरों और वोट चोरी का सबूत है।राजस्थान के जयपुर ग्रामीण में निवारू गांव पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्र है, जहाँ कई पुराने मकानों को अब तक आधिकारिक मकान संख्या आवंटित नहीं हुई थी। ऐसे मामलों में मतदाता सूची में तकनीकी तौर पर मकान संख्या के कॉलम में ‘00’ या ‘999999’ भर दिया जाता है।

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