पश्चिम बंगाल में एक गाडी में पुलिस की वर्दी का वीडियो दिल्ली का बताकर वायरल
दिल्ली में चुनाव आयोग की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के खिलाफ तमाम संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अक्टूबर माह की शुरुआत से चल रहे इन प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में...
दिल्ली में चुनाव आयोग की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के खिलाफ तमाम संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अक्टूबर माह की शुरुआत से चल रहे इन प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। जंतर-मंतर और इंडिया गेट की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग के साथ साथ बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं और अब तक कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इसी बीच एक कार में रखी कई खाकी वर्दियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो को दिल्ली का बताकर दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान गुंडों को पुलिस की वर्दियां दी जा रही हैं।
क्या लिख रहे हैं लोग?
पत्रकार अजय शुक्ला ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘भाजपाइयों को वर्दी पहनाकर नफरत और हिंसा की साजिश की तैयारी। मोदी गैंग का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।’
भाजपाइयों को वर्दी पहनाकर नफरत और हिंसा की साजिश की तैयारी। मोदी गैंग का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। https://t.co/W7lgr6iABI
— Ajay Shukla अजय शुक्ल اجے شکلا (@AjayShuklaIN) October 11, 2026
संजय राउत ने लिखा, ‘दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है: सड़कों पर गुंडागर्दी करते दिखे पुलिसकर्मी— जो महिलाओं और लड़कियों के साथ बदसलूकी करते हुए देखे गए— वे असल में BJP (अमित शाह) के नकली पुलिसकर्मी थे; प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए किराए के गुंडों को खाकी वर्दी पहनाकर तैनात किया गया था। दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास खाकी पुलिस वर्दी पहने लोगों से भरी गाड़ियाँ ही गाड़ियाँ थीं— लेकिन किसके लिए? बिना नेमप्लेट वाले जो पुलिस अधिकारी दिखे, वे असल में वर्दी पहने हुए गुंडे थे। यही राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘गुजरात मॉडल’ है! अपनी आँखें खोलिए और ध्यान से देखिए!’
दिल्लीतील ज्ञानेश कुमार आंदोलनातील ट्विस्ट: ज्या पोलिसांना रस्त्यावर गुंडागर्दी करताना पाहिले, महिला मुलींवर हात टाकताना दिसले, ते भाजपचे (अमित शहा) नकली पोलिस होते, भाडोत्री गुंडांना खाकी गणवेश देऊन आंदोलकांना रोखण्यासाठी उतरवले होते दिल्लीत आंदोलनाच्या आसपास खाकी पोलिस वर्दी ने गच्च भरलेल्या गाड्या होत्या कोणासाठी? नेमप्लेट शिवाय जे पोलिस दिसत होते ते अशी वर्दी घातलेले गुंड होते हाच राष्ट्रीय सुरक्षेचा गुजरात पैटर्न आहे! उघडा डोळे आणि बघा नीट! https://t.co/a4dsIH2AY5
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) October 12, 2026
कांग्रेस समर्थक सुधीर कुमार पांडे ने लिखा, ‘ये वीडियो सोशल मीडिया से प्राप्त हुई है देखकर थोड़ा विचलित हो गया हूं क्या इतनी सस्ती हो गई है सरकारी वर्दी सवाल उठता है इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है सवाल है कि प्रोटेस्ट के दौरान ये वर्दी क्यों लाई जा रही है क्या साज़िश है इसके पीछे’
ये वीडियो सोशल मीडिया से प्राप्त हुई है देखकर थोड़ा विचलित हो गया हूं क्या इतनी सस्ती हो गई है सरकारी वर्दी सवाल उठता है इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है सवाल है कि प्रोटेस्ट के दौरान ये वर्दी क्यों लाई जा रही है क्या साज़िश है इसके पीछे https://t.co/O3s6PsBZpe
— Sudhir kumar Pandey (@sudhirkummar123) October 11, 2026
अलका मौर्य ने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस की वर्दी थोक में बन गई है बस दुखद बात ये है कि नेम प्लेट नहीं बन पाया इसीलिए आप देख रहे होंगे कि दिल्ली पुलिस वर्दी में है लेकिन उसके नाम गायब हैं……’
दिल्ली पुलिस की वर्दी थोक में बन गई है बस दुखद बात ये है कि नेम प्लेट नहीं बन पाया इसीलिए आप देख रहे होंगे कि दिल्ली पुलिस वर्दी में है लेकिन उसके नाम गायब हैं…… https://t.co/bKFB4YOleY
— Alka Maurya (@MauryaAlka76391) October 11, 2026
मोईनी ने लिखा, ‘ये वीडियो सोशल मीडिया से प्राप्त हुई है देखकर थोड़ा विचलित हो गया हूं क्या इतनी सस्ती हो गई है सरकारी वर्दी सवाल उठता है इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है सवाल है कि प्रोटेस्ट के दौरान ये वर्दी क्यों लाई जा रही है क्या साज़िश है इसके पीछे’
ये वीडियो सोशल मीडिया से प्राप्त हुई है देखकर थोड़ा विचलित हो गया हूं क्या इतनी सस्ती हो गई है सरकारी वर्दी सवाल उठता है इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है सवाल है कि प्रोटेस्ट के दौरान ये वर्दी क्यों लाई जा रही है क्या साज़िश है इसके पीछे
— @Moini (@moini_565) October 12, 2026
पत्रकार अजीत सिंह राठी ने लिखा, ‘हैरतअंगेज़ !!! प्रोटेस्ट के दौरान इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है ?’
हैरतअंगेज़ !!! प्रोटेस्ट के दौरान इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है ? https://t.co/KKtLbSpAhC
— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) October 11, 2026
इसके अलावा कमल सिंह, सचिंता बासु, मृगांका सिंह ने भी यही दावा किया।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने इस वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो यही वीडियो हमे एक फेसबुक यूजर राजेश सरकार की प्रोफाइल पर मिला। राकेश सरकार ने इस वीडियो को 9 अक्टूबर 2026 को पोस्ट किया था। राजेश सरकार ने जब इस वीडियो को पोस्ट किया तो उन्होंने बंगाली भाषा में लिखा, ‘बगदाह में यूनिफॉर्म का वितरण शुरू हो गया है।’ इसके साथ #WBP, #wbppolice और West Bengal Police जैसे हैशटैग भी इस्तेमाल किए गए थे। वहीं जब उनका वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल हुआ तो उन्होंने अपनी पोस्ट को एडिट कर अंग्रेजी भाषा में लिखा, ‘पश्चिम बंगाल पुलिस के नए नियुक्त कॉन्स्टेबल की वर्दी।’

इसके अलावा राजेश ने पोस्ट के कमेन्ट बॉक्स में भी स्पष्ट कर लिखा, ‘कृपया सभी लोग ध्यान दें। मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, वह वायरल हो गया है। हालाँकि, यह RSS की यूनिफ़ॉर्म नहीं है; यह पश्चिम बंगाल पुलिस की नई भर्ती यूनिफ़ॉर्म है। लोग इसी गलतफ़हमी के आधार पर कमेंट कर रहे हैं।’

इसके बाद हमने राजेश से फेसबुक पर ही सम्पर्क किया तो उन्होंने वीडियो के सम्बन्ध में बताया कि वीडियो उन्होंने ही बनाया था। उन्होंने बताया कि वह हाल ही में पुलिस में भर्ती हुए हैं और यह वीडियो पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का है।
पड़ताल में हमे यह भी पता चला कि राकेश ने एक अक्टूबर 2026 को भी एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें कुछ लोग लाइन लगाकर खड़े हैं, उनका नाप लिया जा रहा है और एक शख्स उनसे बारी-बारी रजिस्टर में कुछ लिख भी रहा है। इस वीडियो में राजेश सरकार भी नजर आते हैं, वीडियो के पोस्ट कर साथ उन्होंने लिखा, ‘बोंगांव पुलिस ज़िले के चुने गए उम्मीदवारों की आज यूनिफ़ॉर्म के लिए नाप ली जा रही है।’

| दावा | दिल्ली में हालिया प्रदर्शन के दौरान गुंडों को खाकी वर्दियां दी गईं। |
| हकीकत | वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का है और इसका दिल्ली में हुए प्रदर्शनों से कोई लेना-देना नहीं है। |



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