स्वतंत्रता दिवस समारोह में अमित शाह के सामने हाथ जोड़कर खड़े दिखे चंद्रचूड़? वायरल तस्वीर एडिटेड है
सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की एक तस्वीर वायरल है। तस्वीर में चंद्रचूड़ अमित शाह के सामने हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को...
सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की एक तस्वीर वायरल है। तस्वीर में चंद्रचूड़ अमित शाह के सामने हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर कर कुछ लोग भारतीय न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, कुछ पोस्ट में तस्वीर के आधार पर न्यायपालिका के सरकार के सामने झुकने के दावे कर रहे हैं।
क्या लिख हैं लोग?
प्रज्ञाना गुप्ता ने एक्स पर लिखा, ‘यह एक तस्वीर कार्यपालिका के आदेशों के आगे नतमस्तक न्यायपालिका की मौजूदा स्थिति का सार है। न इससे कम, न इससे ज़्यादा। न्यायपालिका के इस प्रतिनिधि को वापस जाकर उस ‘न्यायिक शपथ’ को फिर से पढ़ना चाहिए, जो उन्होंने कभी ली थी। शायद वे भूल गए हैं कि उन्होंने क्या पढ़ा था।’

रवींद्र अर्जुन ने लिखा, ‘Indian Judiciary Bowing down & Surrendering to Money Power & Tadipaar…’
Indian Judiciary Bowing down & Surrendering to Money Power & Tadipaar…🥲 https://t.co/kZgbFxO0MK
— Ravindra Arjun (@RavindraArjun07) October 28, 2026
RJD कार्यकर्त्ता पुष्पराज यादव ने लिखा,’यह शर्मनाक दृश्य है, तड़ीपार रह चुके एक राजनीतिक सत्ताधारी के सामने भारत का सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश हाथ जोड़कर खड़ा है,और उसकी इस नीचता और हीनता का उपहास उड़ाते हुए एक महिला चाटुकार नेत्री पूरी भारतीय न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ा रही है,’
यह शर्मनाक दृश्य है, तड़ीपार रह चुके एक राजनीतिक सत्ताधारी के सामने भारत का सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश हाथ जोड़कर खड़ा है, और उसकी इस नीचता और हीनता का उपहास उड़ाते हुए एक महिला चाटुकार नेत्री पूरी भारतीय न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ा रही है, https://t.co/wpolXkaIVe
— Pushpraj Yadav (@pushprajyadav97) October 27, 2026
डॉ. ओम सुधा ने तस्वीर शेयर कर लिखा,’दूसरा कौन है ?’
दूसरा कौन है ? https://t.co/LEYRq7rdrS
— Dr. Om Sudha (@dromsudhaa) October 27, 2026
Government of India Shadow ने लिखा,’दोस्तो इस फोटो को देखिए और विचार करें कि सुप्रीम कोर्ट का मुख्यन्यधीश अपराधी जैसे कर जोड़ खड़े है और तड़ीपार हाथ पीछे किए दादा खलीफा गृह मंत्री विनती सुन रहे हैं, क्या इनके द्वारा दी गई फैसलों को न्याय मानेंगे? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल ने कॉलेजियम के बंद कमरों का ऐसा सीक्रेट खोला है जिसने सबको हैरान कर दिया है , नियम कहता है कि कॉलेजियम वरिष्ठ जजों की मंडली पहले आपस में बैठकर तय करेगी कि कौन जज बनेगा और फिर वह लिस्ट सरकार को भेजी जाएगी , लेकिन जस्टिस संजय किशन कौल का कहना है कि पूर्व CJI चंद्रचूड़ साहब की कार्यप्रणाली ऐसी थी मानो बारात निकलने से पहले ही समधी जी के घर जाकर पूछ रहे हों कि लड़का पसंद है न , मतलब कॉलेजियम के साथी जजों से नाम पर बात करने से पहले ही वे सरकार से अनौपचारिक हरी झंडी या सहमति ले लेते थे , जस्टिस किशन कौल का मानना था कि बाहर कैमरों और भाषणों में तो न्यायपालिका की आजादी और कड़े तेवर दिखते थे लेकिन अंदरखाने सरकार के सामने उनका रुख जरूरत से ज्यादा ही आज्ञाकारी और नरम रहता था , अब बेचारी जनता सोचती रही कि जज साहब स्वतंत्र निष्पक्ष फैसले ले रहे हैं , जबकि असल में पत्ता भी सरकार से पूछकर हिलाया जा रहा था ,’
दोस्तो इस फोटो को देखिए और विचार करें कि सुप्रीम कोर्ट का मुख्यन्यधीश अपराधी जैसे कर जोड़ खड़े है और तड़ीपार हाथ पीछे किए दादा खलीफा गृह मंत्री विनती सुन रहे हैं, क्या इनके द्वारा दी गई फैसलों को न्याय मानेंगे? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल ने कॉलेजियम के बंद कमरों का ऐसा सीक्रेट खोला है जिसने सबको हैरान कर दिया है , नियम कहता है कि कॉलेजियम वरिष्ठ जजों की मंडली पहले आपस में बैठकर तय करेगी कि कौन जज बनेगा और फिर वह लिस्ट सरकार को भेजी जाएगी , लेकिन जस्टिस संजय किशन कौल का कहना है कि पूर्व CJI चंद्रचूड़ साहब की कार्यप्रणाली ऐसी थी मानो बारात निकलने से पहले ही समधी जी के घर जाकर पूछ रहे हों कि लड़का पसंद है न , मतलब कॉलेजियम के साथी जजों से नाम पर बात करने से पहले ही वे सरकार से अनौपचारिक हरी झंडी या सहमति ले लेते थे , जस्टिस किशन कौल का मानना था कि बाहर कैमरों और भाषणों में तो न्यायपालिका की आजादी और कड़े तेवर दिखते थे लेकिन अंदरखाने सरकार के सामने उनका रुख जरूरत से ज्यादा ही आज्ञाकारी और नरम रहता था , अब बेचारी जनता सोचती रही कि जज साहब स्वतंत्र निष्पक्ष फैसले ले रहे हैं , जबकि असल में पत्ता भी सरकार से पूछकर हिलाया जा रहा था ,
— Government of India Shadow (@GoIShadow) October 27, 2026
नरगिस बानो ने लिखा,’सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल ने कॉलेजियम के बंद कमरों का ऐसा सीक्रेट खोला है जिसने सबको हैरान कर दिया है , नियम कहता है कि कॉलेजियम वरिष्ठ जजों की मंडली पहले आपस में बैठकर तय करेगी कि कौन जज बनेगा और फिर वह लिस्ट सरकार को भेजी जाएगी , लेकिन जस्टिस संजय किशन कौल का कहना है कि पूर्व CJI चंद्रचूड़ साहब की कार्यप्रणाली ऐसी थी मानो बारात निकलने से पहले ही समधी जी के घर जाकर पूछ रहे हों कि लड़का पसंद है न , मतलब कॉलेजियम के साथी जजों से नाम पर बात करने से पहले ही वे सरकार से अनौपचारिक हरी झंडी या सहमति ले लेते थे , जस्टिस किशन कौल का मानना था कि बाहर कैमरों और भाषणों में तो न्यायपालिका की आजादी और कड़े तेवर दिखते थे लेकिन अंदरखाने सरकार के सामने उनका रुख जरूरत से ज्यादा ही आज्ञाकारी और नरम रहता था , अब बेचारी जनता सोचती रही कि जज साहब स्वतंत्र निष्पक्ष फैसले ले रहे हैं , जबकि असल में पत्ता भी सरकार से पूछकर हिलाया जा रहा था.’
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल ने कॉलेजियम के बंद कमरों का ऐसा सीक्रेट खोला है जिसने सबको हैरान कर दिया है , नियम कहता है कि कॉलेजियम वरिष्ठ जजों की मंडली पहले आपस में बैठकर तय करेगी कि कौन जज बनेगा और फिर वह लिस्ट सरकार को भेजी जाएगी , लेकिन जस्टिस संजय किशन कौल का कहना है कि पूर्व CJI चंद्रचूड़ साहब की कार्यप्रणाली ऐसी थी मानो बारात निकलने से पहले ही समधी जी के घर जाकर पूछ रहे हों कि लड़का पसंद है न , मतलब कॉलेजियम के साथी जजों से नाम पर बात करने से पहले ही वे सरकार से अनौपचारिक हरी झंडी या सहमति ले लेते थे , जस्टिस किशन कौल का मानना था कि बाहर कैमरों और भाषणों में तो न्यायपालिका की आजादी और कड़े तेवर दिखते थे लेकिन अंदरखाने सरकार के सामने उनका रुख जरूरत से ज्यादा ही आज्ञाकारी और नरम रहता था , अब बेचारी जनता सोचती रही कि जज साहब स्वतंत्र निष्पक्ष फैसले ले रहे हैं , जबकि असल में पत्ता भी सरकार से पूछकर हिलाया जा रहा था ,
— Nargis Bano (@Nargis_Bano78) October 25, 2026
इसके अलावा सौरभ, वरुण वर्मा, डॉ. रत्ना पांडे,आदित्य साहा ने भी यही दावा किया।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने वायरल तस्वीर को गूगल रिवर्स सर्च किया तो हमे एक पूरी तस्वीर ब्रिटिश स्टॉक फोटोग्राफी एजेंसी Alamy की वेबसाइट पर मिली। यह तस्वीर 15 अगस्त 2023 की है, जब दिल्ली के लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद थे।

असली तस्वीर में डीवाई चंद्रचूड़ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एक-दूसरे के सामने हाथ जोड़कर अभिवादन कर रहे हैं। वायरल तस्वीर में इसी दृश्य को क्रॉप करके ऐसा दिखाया गया है, मानो चंद्रचूड़ अमित शाह के सामने हाथ जोड़कर खड़े हों।
| दावा | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ हाथ जोड़कर खड़े हुए हैं। |
| हकीकत | वायरल तस्वीर एडिटेड है। असल तस्वीर में डीवाई चंद्रचूड़ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एक-दूसरे के सामने हाथ जोड़कर अभिवादन कर रहे हैं। |



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