गुजरात में वनरक्षकों के प्रदर्शन का वीडियो दिल्ली पुलिस के विरोध का बताकर वायरल
शाहदरा थाने में पुलिस और वकीलों के बीच झड़प के बाद दो पुलिसकर्मियों के तबादले के विरोध में सोमवार(2 नवम्बर) को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर लगभग 100 पुलिसकर्मी जमा हुए। इनमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाना प्रभारी (एसएचओ) इंस्पेक्टर अरुण कुमार की बहाली की मांग की। वहीं अब सोशल मीडिया पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो वायरल है, इस वीडियो के साथ लोग दावा कर रहे हैं कि दिल्ली पुलिस अपने ही हेडक्वार्टर के सामने प्रोटेस्ट कर रही है।
क्या लिख रहें है लोग?
हर्ष छिकारा ने एक्स पर वीडियो शेयर कर लिखा, ‘दिल्ली पुलिस आज अपने ही मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही है।’
Delhi Police is protesting outside their own headquarters today. https://t.co/ZWlrU3bTdA
— Harsh Chhikara (@imharshchhikara) November 3, 2026
आवेश तिवारी ने भी पोस्ट कर लिखा,”अजीबोगरीब स्थिति है। अमित शाह की पुलिस का यह बगावती तेवर भले ही वकीलों के खिलाफ हो लेकिन इसको प्रेरणा मौजूदा आंदोलन से ही मिली है। सिस्टम का कोई भी हिस्सा सरकार से खुश नहीं है। आइए इसके पीछे की असल वजह जानें। सच्चाई यह है कि हर किसी को राहुल गांधी के तेवर से लगने लगा है कि इस सरकार की चलाचली की बेला है जिन लोगों ने भी पिछले 12 साल में मोदी शाह के झांसे में आम जनता के खिलाफ अभियान चलाया है नफरती एजेंडे का समर्थन किया है अब वो घबरा रहे हैं। देखिएगा यह आग जल्द ही ईडी, सीबीआई और तो और सरकार के भीतर भी पहुंचेंगी। जैसा कि हमने आपको बताया था कि दिल्ली के कुछ भाजपा नेताओं ने रामलीला आंदोलन के समर्थन में जो लोग भी दिल्ली आए थे उनके रुकने ठहरने की व्यवस्था की थी। देखते जाइए।”
अजीबोगरीब स्थिति है। अमित शाह की पुलिस का यह बगावती तेवर भले ही वकीलों के खिलाफ हो लेकिन इसको प्रेरणा मौजूदा आंदोलन से ही मिली है। सिस्टम का कोई भी हिस्सा सरकार से खुश नहीं है। आइए इसके पीछे की असल वजह जानें। सच्चाई यह है कि हर किसी को राहुल गांधी के तेवर से लगने लगा है कि इस सरकार की चलाचली की बेला है जिन लोगों ने भी पिछले 12 साल में मोदी शाह के झांसे में आम जनता के खिलाफ अभियान चलाया है नफरती एजेंडे का समर्थन किया है अब वो घबरा रहे हैं। देखिएगा यह आग जल्द ही ईडी, सीबीआई और तो और सरकार के भीतर भी पहुंचेंगी। जैसा कि हमने आपको बताया था कि दिल्ली के कुछ भाजपा नेताओं ने रामलीला आंदोलन के समर्थन में जो लोग भी दिल्ली आए थे उनके रुकने ठहरने की व्यवस्था की थी। देखते जाइए।
— Awesh Tiwari (@awesh29) November 3, 2026
अजीत सिंह राठी ने लिखा, ‘इस देश में अच्छे और बुरे बड़ी संख्या में घटनाएं हुई, लेकिन पुलिस को कभी धरना प्रदर्शन करते नहीं देखा। कभी पुलिस ने बर्बरता की कभी पुलिस के साथ हुई, लेकिन ऐसा नहीं देखा जैसा दिल्ली में हो रहा है।’
इस देश में अच्छे और बुरे बड़ी संख्या में घटनाएं हुई, लेकिन पुलिस को कभी धरना प्रदर्शन करते नहीं देखा। कभी पुलिस ने बर्बरता की कभी पुलिस के साथ हुई, लेकिन ऐसा नहीं देखा जैसा दिल्ली में हो रहा है। https://t.co/zfL4lHdB6O
— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) November 3, 2026
कांग्रेस नेता पंखुड़ी पाठक ने पोस्ट कर लिखा, ‘मेरे खानदान में मैं पहला व्यक्ति हूँ जिसने पुलिस को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते देखा है। गंभीरता से कहें तो, यह गृह विभाग की पूरी विफलता को दर्शाता है और देश के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।’
First in my bloodline to witness the Police protesting against the government. On a serious note , this reflects the utter failure of the home department and doesn’t bode well for the country . https://t.co/NhZEnxCNOR
— Pankhuri Pathak पंखुड़ी पाठक پنکھڑی (@pankhuripathak) November 3, 2026
इसके अलावा सदफ आफरीन, डॉ एसपी, कृष्ण कांत, अपूर्व भारद्वाज ने भी वीडियो को दिल्ली पुलिस का बताया।
क्या है हकीकत ?
पड़ताल में हमे वायरल वीडियो की लोकेशन का एक वीडियो इंस्टाग्राम यूजर ‘gujarat_forest_20’ के अकाउंट पर मिला। इसे 28 अक्टूबर 2026 को वन रक्षकों के प्रदर्शन बताकर पोस्ट किया था। इसमें ‘वनरक्षक’ का हैशटैग भी प्रयोग किया गया था। इस वीडियो में दिख रही इमारत और वायरल हो रहे वीडियो की इमारत एक जैसी दिख रही है।

इसके बाद हमे वायरल वीडियो गुजरात वन विभाग में कार्यरत संगेचा नवघन की फेसबुक प्रोफाइल पर मिला। इस पोस्ट में जगह का नाम ‘सत्याग्रह छावनी’ बताया गया है। संगेचा की प्रोफाइल इस जगह के कई और वीडियो मौजूद हैं, जिसके मुताबिक प्रोटेस्ट में शामिल लोग फॉरेस्ट गार्ड कर्मचारी हैं जो अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से यहां प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस सम्बन्ध में द ब्लंट इंडिया की वेबसाइट पर 28 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के गांधीनगर में गुजरात फारेस्ट गार्ड्स ने अपनी मांगो को लेकर सत्याग्रह छावनी में प्रदर्शन किया जिसमे जोखिम भत्ता, छुट्टी के दौरान पूरा वेतन, प्रमोशन और वेतन विसंगतियों को दूर करने जैसी मांगें शामिल हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो वो आंदोलन को और तेज करेंगे। गुजरात राज्य वन रक्षक संघ का कहना है कि कई बार समस्याओं को बताने के बावजूद भी सरकार ने उनकी शिकायतों को लेकर कोई करवाई नहीं की।
| दावा | वीडियो दिल्ली हेडक्वाटर का है जहाँ पुलिस सरकार के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट कर रही है। |
| हकीकत | वायरल वीडियो गुजरात का है जहाँ वन रक्षक अपनी मांगो को लेकर राज्य सरकार के ख़िलाफ़ गांधीनगर में प्रदर्शन कर रहें हैं। |



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