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2 Sep 2026, Wed

भाजपा नेता जेपी नड्डा को गुरूद्वारे से बाहर निकालने का दावा भ्रामक है

पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल यानी 2027 में होने वाले हैं। इसी बीच सोशल मीडिया में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का वीडियो वायरल है, इस वीडियो में वो एक गुरूद्वारे में नजर आ रहे हैं। वीडियो के साथ दावा है कि सिखों ने नड्डा को गुरूद्वारे से बाहर निकाल दिया।

क्या लिख रहे हैं लोग?

सुनिल बालेकर ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘सिक्ख भाइयों ने जेपी नड्डा को धक्के मारकर गुरूद्वारे से बाहर किया वहां नेतागिरी करने गया था’

कैलाश मीणा ने लिखा, ‘सिखों ने गुरुद्वारे से जेपी नड्डा को बाहर का रास्ता दिखाया’

दिव्या कुमारी ने लिखा, ‘भाजपाई नेता हर जगह राजनीति करने चले जाते हैं ! सरदारों ने बेइज्जत करके गुरुद्वारे से भगा दिया ! जिओ सरदार भाइयों!’

इसके अलावा हरयाणवी, रागा_का फैन__ banEVM , आफताब अहमद ने भी इस वीडियो को शेयर किया है।

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमें जेपी नड्डा के आधिकारिक एक्स हैंडल पर 15 नवंबर 2024 को किया गया एक पोस्ट मिला। इसमें नड्डा को एक गुरुद्वारे में मत्था टेकते और दर्शन करते हुए देखा जा सकता है। पोस्ट के मुताबिक, यह वीडियो महाराष्ट्र के ठाणे स्थित गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार का है। नड्डा 15 नवंबर 2024 को सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा पहुंचे थे।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमें वायरल वीडियो को लेकर गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार के अध्यक्ष गुरमुख सिंह का स्पष्टीकरण भी मिला। गुरमुख सिंह का फेसबुक पोस्ट में उन्होंने वायरल दावे को गलत बताया। गुरमुख सिंह के मुताबिक, जेपी नड्डा का गुरुद्वारा दौरा श्रद्धा और दर्शन के लिए था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नड्डा को गुरुद्वारे से बाहर नहीं निकाला गया था।

गुरमुख सिंह ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डाजों बाबा श्री गुरुनानक देवजी के 555 वे प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर ठाणे स्थित हमारे गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार में गुरु ग्रंथ साहेबजी के और संगत के दर्शन हेतू आज आए थे। दर्शन के बाद नड्डा वापस लौट रहे थे तभी अचानक से कूछ मीडियाकर्मी बीच मे आए और कीर्तन की तरफ पीठ करके अपने वीडियो निकालने लगे। इसलिये उन सभी पत्रकारों को कीर्तन की तरफ पीठ करके खड़े होने के लिए मना किया गया।

यानी वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम जेपी नड्डा को गुरुद्वारे से बाहर निकाले जाने का नहीं, बल्कि वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को कीर्तन की ओर पीठ करके खड़े होने से रोकने का है।

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