पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल यानी 2027 में होने वाले हैं। इसी बीच सोशल मीडिया में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का वीडियो वायरल है, इस वीडियो में वो एक गुरूद्वारे में नजर आ रहे हैं। वीडियो के साथ दावा है कि सिखों ने नड्डा को गुरूद्वारे से बाहर निकाल दिया।
क्या लिख रहे हैं लोग?
सुनिल बालेकर ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘सिक्ख भाइयों ने जेपी नड्डा को धक्के मारकर गुरूद्वारे से बाहर किया वहां नेतागिरी करने गया था’
सिक्ख भाइयों ने जेपी नड्डा को धक्के मारकर गुरूद्वारे से बाहर किया वहां नेतागिरी करने गया था.. 😃😃😃😃😃 pic.twitter.com/JFXJiO5pQA
— सुनिल बालेकर (कांग्रेस समर्थक ) (@BalekarSun33537) September 1, 2026
कैलाश मीणा ने लिखा, ‘सिखों ने गुरुद्वारे से जेपी नड्डा को बाहर का रास्ता दिखाया’
"सिखों ने गुरुद्वारे से जेपी नड्डा को बाहर का रास्ता दिखाया…." #IndianOilDay#Laptop4Students_MP#ManiBhaiEndsCasteism pic.twitter.com/WxHpVmOac3
— Kailash Meena | जनआवाज़ 🇮🇳 (@Kailash96722) September 1, 2026
दिव्या कुमारी ने लिखा, ‘भाजपाई नेता हर जगह राजनीति करने चले जाते हैं ! सरदारों ने बेइज्जत करके गुरुद्वारे से भगा दिया ! जिओ सरदार भाइयों!’
भाजपाई नेता हर जगह राजनीति करने चले जाते हैं ! सरदारों ने बेइज्जत करके गुरुद्वारे से भगा दिया ! जिओ सरदार भाइयों ! 😂 pic.twitter.com/5Ui7a9bWaJ
— दिव्या कुमारी (@divyakumaari) September 2, 2026
इसके अलावा हरयाणवी, रागा_का फैन__ banEVM , आफताब अहमद ने भी इस वीडियो को शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमें जेपी नड्डा के आधिकारिक एक्स हैंडल पर 15 नवंबर 2024 को किया गया एक पोस्ट मिला। इसमें नड्डा को एक गुरुद्वारे में मत्था टेकते और दर्शन करते हुए देखा जा सकता है। पोस्ट के मुताबिक, यह वीडियो महाराष्ट्र के ठाणे स्थित गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार का है। नड्डा 15 नवंबर 2024 को सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा पहुंचे थे।
शीख धर्माचे पहिले गुरु आणि संस्थापक, श्री गुरु नानक देव जी यांच्या ५५५ व्या प्रकाश पर्वानिमित्त, मला महाराष्ट्रामधील ठाणे इथे श्री दशमेश दरबार गुरूव्दारामध्ये मत्था टेकवून आशीर्वाद घेण्याचा सौभाग्य लाभले.
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) November 15, 2024
यावेळी देशाच्या प्रगती, विकास आणि लोककल्याणासाठी वाहेगुरूंकडे प्रार्थना… pic.twitter.com/kmfleQc92W
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमें वायरल वीडियो को लेकर गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार के अध्यक्ष गुरमुख सिंह का स्पष्टीकरण भी मिला। गुरमुख सिंह का फेसबुक पोस्ट में उन्होंने वायरल दावे को गलत बताया। गुरमुख सिंह के मुताबिक, जेपी नड्डा का गुरुद्वारा दौरा श्रद्धा और दर्शन के लिए था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नड्डा को गुरुद्वारे से बाहर नहीं निकाला गया था।

गुरमुख सिंह ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डाजों बाबा श्री गुरुनानक देवजी के 555 वे प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर ठाणे स्थित हमारे गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार में गुरु ग्रंथ साहेबजी के और संगत के दर्शन हेतू आज आए थे। दर्शन के बाद नड्डा वापस लौट रहे थे तभी अचानक से कूछ मीडियाकर्मी बीच मे आए और कीर्तन की तरफ पीठ करके अपने वीडियो निकालने लगे। इसलिये उन सभी पत्रकारों को कीर्तन की तरफ पीठ करके खड़े होने के लिए मना किया गया।
यानी वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम जेपी नड्डा को गुरुद्वारे से बाहर निकाले जाने का नहीं, बल्कि वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को कीर्तन की ओर पीठ करके खड़े होने से रोकने का है।
| दावा | सिखों ने नड्डा को गुरूद्वारे से बाहर निकाल दिया। |
| हकीकत | जेपी नड्डा को सिखों द्वारा गुरुद्वारे से बाहर निकाले जाने का दावा गलत है। वायरल वीडियो महाराष्ट्र के ठाणे स्थित गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार का है, जहाँ नड्डा ने गुरूद्वारे में दर्शन किए थे। |

