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25 Aug 2026, Tue

सीजेपी आन्दोलन के कई पुराने वीडियो सवर्णों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई बताकर वायरल

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विवादास्‍पद नियमों और जातिगत आरक्षण के खिलाफ सवर्णों के प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया में पुलिस के बल प्रयोग के कई वीडियो वायरल हैं, इन वीडियो के साथ दावा है कि यह वीडियो आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के दौरान के हैं।

क्या लिख रहे हैं लोग?

स्वामी आनंद स्वरूप ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘ये पुलिस वाला किस अंदाज़ में लाठियाँ मार रहा है जरा देखिए और विचार कीजिए।केंद्र सरकार ने जान बुझकर ऐसे पुलिस वालों को लगाया है जो एससी एसटी हैं और हमको अपना दुश्मन समझ रहे हैं ।मैं सरकार को बताना चाहता हूँ की आप लाठी-गोली से नहीं जीत पाओगे आप सीधे हमारा नरसंहार करो ताकि ना हम रहेंगे ना आप से अपने हक अधिकार के लिए लड़ेंगे।

रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन ने लिखा, ‘पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए था !!’

इसके अलावा पंडित बृजेंद्र शुक्ला, अजय सनातनी, थॉर ओडिनसन, GC_Revolution, अजीत भारती यूट्यूब, आकृति त्रिपाठी, वैभव, सचिन शुक्ला ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया है।

क्या है हकीकत?

अपनी पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमे यह वीडियो एक फेसबुक प्रोफाइल पर मिला, यहाँ इस वीडियो को सीजेपी कैप्शन के साथ 20 जुलाई 2026 को पोस्ट किया गया था। इसी तरह शाश्तव यादव ने भी इस वीडियो को इन्स्टाग्राम पर 20 जुलाई को पोस्ट किया था।

एक यूजर पुष्पराज शर्मा ने लिखा, ‘जैसे ये पुलिस निहत्थे बच्चों पर लाठियां बरसा रही है वैसे कभी इस पुलिस ने चोर या आतंकवादियों पर लाठियां बरसाई है ? नहीं क्योंकि उनसे इनकी गांव फटती है….। ये निकम्मी पुलिस सिर्फ मासूमों पर अत्याचार कर सकती है।

पंडित बृजेंद्र शुक्ला प्रधान राष्ट्रीय सचिव ने लिखा, अरे जैसे ये पुलिस निहत्थे बच्चों पर लाठियां बरसा रही है वैसे कभी इस पुलिस ने चोर या आतंकवादियों पर लाठियां बरसाई है ? नहीं क्योंकि उनसे इनकी गांव फटती है….। ये निकम्मी पुलिस सिर्फ मासूमों पर अत्याचार कर सकती है ।

ब्रजेश मिश्र ने लिखा, ‘ये दिल्ली पुलिस नहीं भाजपा सरकार मार रही है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये आरक्षण वाला है।’

इसके अलावा शत्रुधन पाण्डेय, अंकित रावल ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया है।

क्या है हकीकत?

जांच के दौरान हमे यह वीडियो एक फेसबुक अकाउंट ‘Aam Press’ के फेसबुक अकाउंट पर मिला, यहाँ इस वीडियो को 23 जुलाई 2026 को पोस्ट किया गया था। इसी वीडियो को इन्स्टाग्राम पर 23 जुलाई को पोस्ट किया गया था।

पुष्पराज शर्मा ने लिखा, ‘ध्यान से देखना ये पुलिस वाला इस लड़की के कहां डंडा दें रहा है…. इससे ज्यादा शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता’

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमे यह वीडियो इन्स्टाग्राम पर एक यूजर की प्रोफाइल पर मिला, यहाँ इस वीडियो को 21 जुलाई को पोस्ट किया था। इसके अलावा दिनेश यादव, तरुण प्रधान ने भी इसी वीडियो को 21 जुलाई को पोस्ट किया था।

परमवीर राठौड़ ने लिखा, ‘बेहद दुखद भाजपा के राज में दिल्ली की सड़कों पर बस से उतार कर सवर्ण समाज के युवाओं को दिल्ली पुलिस द्वारा मारा जा रहा है सवर्ण समाज कोटे से जीतकर आने वाले नेताओं शर्म से डूबकर मर जाओ समय आने पर इसका जवाब जरूर मांगे इन राजनेताओं से और जुते से स्वागत करना भी भूलना मत’

विष्णु पाठक आजाद ने लिखा, ‘पुलिस की इस बर्बरता को ज़रूर देखें… आज विरोध प्रदर्शन का चौथा दिन है और हज़ारों प्रदर्शनकारी अभी भी जंतर-मंतर के पास मौजूद हैं।’

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमे यह वीडियो एक्स पर एक यूजर अर्जुन टंडन की प्रोफाइल पर मिला, उन्होंने इस वीडियो को 20 जुलाई 2026 को पोस्ट किया था। इसी तरह माधवेंद्र ओझा ने 21 जुलाई को वीडियो पोस्ट किया था।

परमवीर राठौड़ ने लिखा, ‘सवर्ण बच्चे अब मोदी के लिए आतंकवादी हो गए है दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पास मिली कील लगी लाठी… और ये लाठी बच्चों के लिए थी जो प्रोटेस्ट कर रहे थे… क्या ये बच्चे आतंकवादी है जो इनको जान से मा… के लिए कील लगी लाठी लेकर आई दिल्ली पुलिस।’

पुष्पराज शर्मा ने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पास मिली कील लगी लाठी… और ये लाठी बच्चों के लिए थी जो प्रोटेस्ट कर रहे थे… क्या ये बच्चे आतंकवादी है जो इनको जान से मा… के लिए कील लगी लाठी लेकर आई दिल्ली पुलिस।’

वीके ने लिखा, ‘कील लगी लाठी लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँचना बेहद शर्मनाक है।😡 क्या ये बच्चे आतंकवादी हैं? अगर नहीं, तो इतनी बर्बरता क्यों? सवर्णों के खिलाफ इतना आक्रोश क्यों? जनता जवाब मांगेगी।’

पाण्डेय जी ने लिखा, ‘ये जो @narendramodi की दिल्ली पुलिस निर्दोष निशस्त्र सवर्ण युवाओ को कील लगी लाठी से पीट रही है है ना, यही दिल्ली पुलिस 5 सितंबर को आयोजित कॉक्रोचो के मार्च में मूक दर्शक बनकर खड़ी रहेगी। ऐसे कील लगे डंडों से तो चाइनीज सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर हमला किया था, शायद मोदी जी उन्ही से सीखकर सवर्णों पर ऐसा डंडा चलवा रहे है। सवर्णों से निवेदन है की कृपया ये वीडियो अपने हर मित्र, घरवालो को भेजे, जिससे उन्हें भी मोदी जी को बर्बरता का पता चल सके’

क्या है हकीकत?

जांच में हमे यह वीडियो पत्रकार दिनेश कुमार के एक्स अकाउंट पर मिला। उन्होंने इस वीडियो को 22 जुलाई 2026 को पोस्ट किया था, वीडियो के साथ उन्होने लिखा कि दिल्ली पुलिस को भगवान से भी शायद डर नही लगता, इसलिए बच्चों को कील वाली लाठी से मार रहे थे।

एक यूजर एएन सिंह ने लिखा, ‘सब याद रखा जाएगा! @AmitShah @BJP4India @narendramodi चलवा लाठियां जनरल समाज के ऊपर! आरक्षण,Scstact,UGC खत्म हो के रहेगा! लगा लो ताकत’

क्या है हकीकत?

अपनी पड़ताल में हमे वीडियो हमे इन्स्टाग्राम पर एक यूजर की प्रोफाइल पर मिला, यहाँ इस वीडियो को 20 जुलाई 2026 को पोस्ट किया गया था।

परमवीर राठौर ने लिखा, ‘जितनी तुम लाठी से मारोगे, उतने सवर्ण ज्यादा बाहर निकलेगा…. @narendramodi हिटलर, तुम्हारी लाठी कम पड़ जाएगी,लेकिन सवर्ण नही अब ये आंदोलन देशव्यापी बन गया है,तुम्हारी लाठी उसे रोक नही पाएगी’

पाण्डेय जी ने लिखा, ‘याद रखिए आरक्षण लाने में @BJP4India ने V P Singh को समर्थन दिया था। 90 के दशक में आरक्षण के विरोध में “राजीव गोस्वामी“ ने आत्मदाह किया था, पर अब हम एक भी राजीव गोस्वामी को ऐसा नहीं करने देंगे। सवर्ण विरोधों @narendramodi को गद्दी छोड़नी ही पड़ेगी। या तो आरक्षण में रिफार्म कीजिए, या फिर गद्दी छोड़िए महामानव’

इसके अलावा कीरत चौहान ने भी वीडियो शेयर किया है।

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमे यह वीडियो ‘Navmaharashtra News’ के फेसबुक पेज पर मिला। यहाँ इस वीडियो को 23 जुलाई को सीजेपी प्रोटेस्ट का बताकर अपलोड किया गया था।

अभिषेक सोलंकी ने लिखा, ‘क्या केप्शन अब भी लिखूं, अभी भी खून नहीं खोला क्या तुम्हारा।’

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमे यह वीडियो पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी के एक्स अकाउंट पर मिला। उन्होंने इस वीडियो को 22 जुलाई को को शेयर कर लिखा था कि उन्होंने शांति से विरोध कर रहे बच्चों की पिटाई की। एक गंभीर सवाल है: क्या किसी ने कभी पुलिस फ़ोर्स को कांवड़ियों की पिटाई करते देखा है, जब वे लोगों को पीटते हैं या गाड़ियाँ तोड़ते हैं?

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