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25 Aug 2026, Tue

दिल्ली पुलिस की लाठी खाते हुए युवक का यह वीडियो आरक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन का नहीं है

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विवादास्‍पद नियमों और जातिगत आरक्षण के खिलाफ सवर्णों के प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो में पुलिस एक युवक को लाठी मार रही है, वीडियो को आरक्षण को लेकर प्रोटेस्ट से जोड़ा जा रहा है।

उदिता त्यागी ने लिखा, ‘जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मार जाता है ये अंत की शुरुवात है’

यति शर्मा ने लिखा, ‘मारो जितना मार सकते हो वैसे भी मर ही रहे हैं  रिजर्वेशन दो लेकिन हमको दो जिनको वाकई में रिजर्वेशन की जरूरत है चाहे वह दलित समाज से हो OBC हो या फिर सवण समाज समाज से हो और यूजीसी जैसे कानून मैं थोड़ा सा प्रावधान कर दो कम से कम जांच पहले करो अगर आरोप सिद्ध हो जाए तो जरूर सजा दो’

एक एक्स यूजर वीके ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘कितनी बेरहमी से पुलिस आंदोलनकारी भाई पर लाठियाँ बरसा रही है। शर्म आनी चाहिए! लेकिन सामने देखिए—यह Gen-Z अब डरने वाला नहीं है। अब लड़ाई साफ़ है: आरक्षण हटेगा या सरकार हटेगी। आज का यह संघर्ष इतिहास में याद रखा जाएगा।’

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमे यह वीडियो पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी के एक्स अकाउंट पर मिला। उन्होंने इस वीडियो को 22 जुलाई को को शेयर कर लिखा था कि उन्होंने शांति से विरोध कर रहे बच्चों की पिटाई की। एक गंभीर सवाल है: क्या किसी ने कभी पुलिस फ़ोर्स को कांवड़ियों की पिटाई करते देखा है, जब वे लोगों को पीटते हैं या गाड़ियाँ तोड़ते हैं?

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