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24 Sep 2026, Thu

जमुई कांड में पैर में गोली लगने के बाद आरोपी के सही-सलामत चलने का दावा गलत है

सोशल मीडिया पर बिहार के जमुई कांड से जुड़ा एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पुलिस की गोली लगने के बाद आरोपी अब बिल्कुल सही-सलामत चल रहा है। इस दावे के साथ पुलिस के एनकाउंटर पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स वह आरोपी नहीं है, जिसके पैर में पुलिस की गोली लगी थी।

क्या लिख रहे हैं लोग?

एक एक्स यूजर बीजेपी झूठ की दुकान ने लिखा, ‘इस देश में न्याय का स्तर। कल पूरे भारतीय मीडिया ने दावा किया था कि #Jamui घटना के आरोपी को एनकाउंटर में गोली मारी गई थी। उसके लंगड़ाकर चलने और पुलिस द्वारा उसे कंधों पर उठाकर पुलिस स्टेशन ले जाने के वीडियो वायरल हुए थे। 24 घंटे बाद, अब वह अपने पैरों पर चल रहा है।

आरजेडी पार्टी के कार्यकर्ता प्रियांशु कुशवाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘ये हरेराम यादव है। जमुई पुलिस ने इसका एनकाउंटर किया था। पैर में गोली मारी थी। कल जब ये गिरफ्तार हुआ तो ठीक से चल नहीं पा रहा था। आज कोर्ट के बाहर दौड़ रहा है।ये क्या फर्जीवाड़ा है जमुई पुलिस?

पत्रकार उमाशंकर सिंह ने लिखा, ‘ड्रामा ही था’

मोहसिन ने लिखा, ‘बिहार के जमुई में एक बदमाश ने एक लड़की के साथ बेहद घिनौनी हरकत की, जिसके बाद पूरे देश में गुस्सा फैल गया। लोगों में भारी आक्रोश था। बिहार पुलिस ने कार्रवाई की, आरोपी को ढूंढा और उसके पैरों में गोली मार दी। इसके बाद, उन्होंने उसे हिरासत में ले लिया और एक वीडियो जारी किया जिसमें वह चार पुलिस अधिकारियों की मदद से चल रहा था। गोली लगने के बाद दो दिन बीत चुके हैं। जो आरोपी परसों चल भी नहीं पा रहा था, वह अब बिना रुके चल रहा है…! बीजेपी ने पूरे देश में इस तरह की बदमाशी और गिरावट फैला दी है…!’

मृगेंद्र प्रताप सिंह ने लिखा, ‘BJP और भारतीय मीडिया ने इस देश को मजाक बनाकर रख दिया है दावा किया गया कि जमुई में छेड़छाड़ के आरोपी को एनकाउंटर के दौरान गोली लगी थी। पुलिस उसे ऐसे उठाकर ले जा रही थी, जैसे वह चल ही नहीं सकता हो। लेकिन 24 घंटे बाद वह अपने पैरों पर बिल्कुल ठीक चलता हुआ नजर आया। वाकई, क्या कमाल का चमत्कार है!’

इसके अलावा नितिन, विजय तोत्तथिल, तनवीर रंगरेज, सच ऑफ़ बिहार ने भी यही दावा किया है।

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमे इस सम्बन्ध में दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली इस रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी करने वाले मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। उसने मंगलवार को पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एक अन्य आरोपी हरेराम को भी गिरफ्तार किया है। वो भी जंगल वाले इलाके में छिपा था। पुलिस से बचने के लिए वो भाग रहा था, इसी दौरान गिरने से उसका पैर टूट गया। आरोपी को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दैनिक भास्कर रिपोर्ट में नंदन यादव को हरा गमछा पहने दिखाया गया है, उसके घुटने में कपडा बंधा है।

वहीं दैनिक भास्कर की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक जमुई में 10वीं की छात्रा से छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी हरेराम यादव को बुधवार शाम कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पेशी के बाद बाहर निकलते वक्त हरेराम यादव को एडवोकेट आकाश पांडे ने जोरदार थप्पड़ मारा। फिलहाल उसे 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

इसी रिपोर्ट के मुताबिक पेशी को लेकर एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा, कल एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक हरेराम यादव मेडिकली फिट हो गया है। उसे आज कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, दूसरा आरोपी अभी पूरी तरह फिट नहीं है, इसलिए उसकी आज कोर्ट में पेशी नहीं हो पाएगी।

इसी मामले में प्रभात खबर की रिपोर्ट में भी आरोपी हरेराम यादव की तस्वीर प्रकाशित की गयी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नाबालिग छात्रा से बदसलूकी मामले में गिरफ्तार हरे राम यादव को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया लेकिन इस दौरान पुलिस की रिमांड की मांग स्वीकार नहीं हुई।न्यायालय ने हरे राम यादव को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस ने हरे राम यादव और नंदन यादव को गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को पहली बार दोनों में से एक आरोपित की कोर्ट में पेशी होनी थी हालांकि, मुख्य आरोपित नंदन यादव की तबीयत और इलाज के कारण उसकी पेशी नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार, नंदन यादव पैर में गोली लगने के बाद इलाजरत है।

इस सम्बन्ध में हमने जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल से भी सम्पर्क किया। उन्होंने बताया कि एक ही शख्स के दो अलग-अलग वीडियो को वायरल किया गया है, वो हरेराम यादव है। उसके पैर में गोली नहीं लगी थी। पुलिस के साथ मुठभेड़ में नंदन यादव के पैर में गोली लगी, फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

यानि वायरल दोनों वीडियो में सिर पर भगवा गमछा बांधे नजर आ रहा शख्स हरेराम यादव है। इलाज के बाद उसे अदालत में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। वहीं, गोली लगने वाला नंदन यादव अलग व्यक्ति है, जिसका अभी इलाज चल रहा है। पुलिस की गाडी में वो हरे गमछे में दिखाई देता है।

कैसे फैलाया गया भ्रम?

असल में घटना के बाद पुलिस ने जब चोटिल हरेराम यादव को गिरफ्तार कर अस्पताल ले जा रही थी। तब कई मीडिया संस्थानों ने उसको नंदन यादव बताया। जबकि इसी वीडियो में स्थानीय पत्रकार आरोपी का नाम हरेराम यादव बोल रहे थे।

बाद में जब हरेराम यादव की कोर्ट में पेशी की गयी तो उसका नाम सही लिखा। जबकि ये दोनों ही वीडियो में एक ही शख्स हरेराम यादव था

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