महाकुंभ के कचरे में लाशों को न जलाने पर दो लोगों की गिरफ्तारी का दावा भ्रामक है
सनातन आस्था के महापर्व महाकुंभ में दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था का स्नान करने प्रयागराज आ रहे हैं। महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। इस बीच सोशल मीडिया...
सनातन आस्था के महापर्व महाकुंभ में दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था का स्नान करने प्रयागराज आ रहे हैं। महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। इस बीच सोशल मीडिया में पुलिस की गाड़ी में दो लोगों को लेकर जाने का वीडियो वायरल है। लोग दावा कर रहे हैं कि पुलिस ने दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उन्होंने महाकुंभ के उस कचरे को जलाने से मना कर दिया जिसमें लोगों की लाशें पड़ी थीं। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
ज्ञान प्रकाश यादव ने लिखा, ‘सोचों इस दोनों को पुलिस प्रशासन गिरफ्तार क्यों किया इन्हें कचरा जलाने को बोला गया और ये लोग कचरा जलाने से मना कर दिया क्योंकि कचरे में लोगों की लाशें पडी़ है लावारिस योगी सरकार श्रध्दालुओं के लाशें भी नहीं देना चाहते हैं योगीजी परिवार को जिंदा या मुर्दा दे’
सोचों इस दोनों को पुलिस प्रशासन गिरफ्तार क्यों किया इन्हें कचरा जलाने को बोला गया और ये लोग कचरा जलाने से मना कर दिया क्योंकि कचरे में लोगों की लाशें पडी़ है लावारिस योगी सरकार श्रध्दालुओं के लाशें भी नहीं देना चाहते हैं योगीजी परिवार को जिंदा या मुर्दा दे https://t.co/WdNXezCQJ1
— Gyan Prakash Yadav #INDIA (@Gyanpra65533145) February 2, 2025
आकाश यादव ने लिखा, ‘महाकुंभ मेले में कई जगहों पर भगदड़ मचने से वहां पर जेसीबी लगा कर मलबे और कचरे का ढेर ट्रैक्टर और ट्रकों में भरकर एक जगह एकत्रित किया है। प्रशासन के लोग उसे जला कर खत्म करना चाहते हैं, उनमें कई लोगों की लाशें भी दबी हुई हैं, प्रशासन इस तरह का दुर्व्यवहार ना करे लोगों के शव के साथ साथ उनके सामान के आधार पर उनकी पहचान भी हो सकती है, इस तरह से लोग अपने परिवार के लोगों तक पहुंच पाएंगे….. प्रशासन किसी भी तरह की जल्दबाजी ना करे’

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान घटना का वीडियो हमे एबीपी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर मिला। ABP के मुताबिक वायरल वीडियो मध्यप्रदेश के पीथमपुर का है, जहाँ लोगों ने कचरा जलाए जाने के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान दो लोग झुलस गए थे।

इसके बाद हमे इस प्रकरण से सम्बंधित हिंदुस्तान की वेबसाइट की रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात भोपाल के यूनियन कार्बाइड कीटनाशक कारखाने से अत्यधिक जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस का रिसाव हुआ था। इसमें कम से कम 5479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग गंभीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त हो गए थे।
इस भोपाल गैस त्रासदी का जहरीला कचरा निस्तारित किया जाना है। इसे मध्य प्रदेश में इंदौर के पास का पीथमपुर नामक इलाके में लाया गया। इसके चलते स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पीथमपुर में बंद का आयोजन भी किया गया था लेकिन प्रदर्शन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में दो प्रदर्शनकारी बुरी तरह झुलस गए हैं।
| दावा | प्रयागराज के महाकुंभ में कचरे में लाशों को जलाया जा रहा है, इसका विरोध करने पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। |
| हकीकत | यह वीडियो मध्यप्रदेश के पीथमपुर का है। यूनियन कार्बाइड के कचरे का निस्तारण का विरोध करने के दौरान दो लोग आग में झुलस गए थे। |



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