नीट पेपर लीक मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दिल्ली के जन्तर मंतर पर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसी बीच सडक पर लोगों के हुजूम का एक वीडियो सामने आया है, दावा है कि महाराष्ट्र के नासिक में भी लोग केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ सडक पर आ गए हैं।
क्या लिख रहे हैं लोग?
सीजेपी के अधिकारिक एक्स अकाउंट ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘Nation has awakened..’
Nation has awakened.. pic.twitter.com/MZNCsw5Bil
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 23, 2026
मीडिया संस्थान नेशनल दस्तक ने पोस्ट कर लिखा, ‘नासिक में आंदोलन शुरू !’
नासिक में आंदोलन शुरू ! pic.twitter.com/yIlq8jBDTN
— National Dastak (@NationalDastak) July 23, 2026
आरजेडी नेता डॉक्टर कंचन यादव ने भी इसे पोस्ट कर लिखा, ‘नासिक में छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा है।’
नासिक में छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा है। pic.twitter.com/Hs9kLbAZqk
— Dr. Kanchana Yadav (@Kanchanyadav000) July 23, 2026
आरजेडी नेता प्रियांशु कुशवाहा ने पोस्ट कर लिखा, अब नासिक में आंदोलन शुरू हो गया है।
अब नासिक में आंदोलन शुरू हो गया है। pic.twitter.com/Sq4LbdG0cU
— Priyanshu Kushwaha (@PriyanshuVoice) July 23, 2026
इसके इलावा The Live Tv ,फ़िरोज़ शाह , अमित यादव ,लक्ष्मण यादव , अभिषेक कुमार ,अजित सिंह राठी, राना अयूब, ममता त्रिपाठी, उत्तराखंड यूथ कांग्रेस, अभिमन्यु सिंह, पुनीत कुमार सिंह, हंसराज मीणा, Gen Z India, समर राज, विनय मिश्रा, देव मोहन सिंह, आशुतोष शुक्ला, रमेश, जुलिफ्कर अली, Voice of Cockroach, शिवानी साहू, नमिता शर्मा, रश्मि, Molitics ने भी इस वीडियो को शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के आखिरी हिस्सें में तीन हाथी नजर आए।

हमने इस स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो इंडिया टुडे, न्यूज फर्स्ट प्राईम, कर्नाटक.कॉम की वेबसाइट पर प्रकाशित पुरानी रिपोर्ट्स में एक मिलती जुलती तस्वीर मिली।

इन रिपोर्ट के मुताबिक यह द्रश्य कर्नाटक के प्रसिद्ध मैसूर दशहरा उत्सव की जम्बू सवारी का है। शोभायात्रा में बीच वाले सजे-धजे हाथी पर 750 किलोग्राम के स्वर्ण हौदे (Golden Howdah) में मां चामुंडेश्वरी की प्रतिमा विराजमान रहती है। मैसूर दशहरा की सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक परंपरा है। जम्बू सवारी की परंपरा 1610 में राजा वोडेयार प्रथम के समय से चली आ रही है और पिछले 400 से अधिक वर्षों से हर वर्ष विजयदशमी पर इसका आयोजन किया जाता है।
अपनी पड़ताल में हमने मैसूर दशहरा उत्सव के वीडियो को यूट्यूब पर तलाशा, इस दौरान हमे एक कन्नड़ यूट्यूब चैनल ‘TheTallDuo’ पर ‘ಮೈಸೂರು ದಸರಾ ಆನೆಗಳ ತಾಲೀಮ್ 2025 Mysuru Dasara Elephants | Jamboo Savaari Rehersal’ टाईटल के साथ एक वीडियो मिला। इस वीडियो में वायरल वीडियो वाली लोकेशन नजर आती हैं।
वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, ‘दशहरा एलिफेंट वॉक एक पारंपरिक जुलूस और ट्रेनिंग का समय है, जो मैसूरु दशहरा फेस्टिवल के मुख्य इवेंट ‘जम्बू सवारी’ से पहले होता है। यह जुलूस और ट्रेनिंग कर्नाटक के मैसूरु में होती है और इसमें अलग-अलग फॉरेस्ट कैंप से लाए गए हाथियों का एक खास ग्रुप शामिल होता है। फाइनल जुलूस की तैयारी के लिए हाथियों को हफ़्तों तक ट्रेनिंग दी जाती है। रोज़ाना होने वाली ये वॉक लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होती हैं। रूट: हाथियों को सुबह और शाम 4.8 किलोमीटर लंबे जम्बू सवारी रूट पर मैसूरु पैलेस से बन्नीमंटप ग्राउंड्स तक घुमाया जाता है।’

अपनी पड़ताल में आगे हमने Google Maps की मदद ली। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही इमारतों, दुकानों तुलना Google Street View से की। इस दौरान ‘Sharada Medical & Optical Store’ और ‘New Bombay Tiffanys’ समेत कई स्थायी लैंडमार्क पूरी तरह मेल खाते मिले। इससे पुष्टि हुई कि वायरल वीडियो कर्नाटक के मैसूर का है।

इसके अलावा, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लाल रंग की छत वाली इमारत, पेड़ और आसपास के ढांचे का भी Google Street View से मिलान किया गया। दोनों तस्वीरों में भवन की संरचना, छत का डिज़ाइन मेल खाते हैं।

| दावा | महाराष्ट्र के नासिक में सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। |
| हकीकत | यह वीडियो नासिक के किसी प्रदर्शन का नहीं, बल्कि कर्नाटक के मैसूर में आयोजित प्रसिद्ध मैसूर दशहरा उत्सव की ‘जम्बू सवारी’ का है। मूल वीडियो के अंत में जम्बू सवारी के हाथी स्पष्ट दिखाई देते हैं। इस वीडियो को नासिक प्रोटेस्ट का बताकर साझा करना भ्रामक है। |

