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8 Oct 2026, Thu

बीबीसी ने फ्लाईदुबई हमलावर की पहचान भारतीय एजेंट के रूप में नहीं की

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में बुधवार को अफरातफरी मच गई। दरअसल, कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी बीच BBC का एक वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत के पराग जैन और अजीत डोभाल ने मोसाद के साथ गुप्त बैठक की और दुबई-तेल अवीव फ्लाइट को हाईजैक करने के एक गुप्त मिशन बनाया है। इसके साथ ही यह योजना थी कि इसका दोष ईरान या अरब देशों पर मढ़ दिया जाए।

क्या लिख रहें हैं लोग?

वीर सक्सेना ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “ब्रेकिंग: खबरों के मुताबिक, भारतीय अधिकारी पराग जैन और अजीत डोभाल ने मोसाद के साथ गुप्त बातचीत की और फिर ईरान या अरब देशों को फंसाने के लिए दुबई-तेल अवीव हाईजैक की गुप्त योजना के वास्ते पूर्व RAW ऑपरेटिव राघव मेनन को चुना।”

क्लैश फायर ने लिखा, “ब्रेकिंग: फ़्लाइट FZ10703 से जुड़ी ताज़ा जानकारी के अनुसार, भारत के पराग जैन और अजीत डोभाल ने मोसाद के साथ गुप्त बैठक की और दुबई-तेल अवीव फ़्लाइट को हाईजैक करने के एक गुप्त मिशन के लिए भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साथ मिलकर पूर्व RAW एजेंट राघव मेनन को चुना। योजना यह थी कि इसका दोष ईरान या अरब देशों पर मढ़ दिया जाए। लेकिन जब यह योजना नाकाम हो गई, तो इज़राइली सुरक्षा मीडिया ने इस घटना को दोनों पायलटों के बीच हुई मामूली कहासुनी बताकर कम करके दिखाया।”

सुमित सरकार ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ब्रेकिंग: ताज़ा जानकारी के अनुसार, भारतीय अधिकारी पराग जैन और अजीत डोभाल ने मोसाद के साथ गुप्त बैठकें कीं और दुबई-तेल अवीव फ़्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश वाले एक गुप्त मिशन के लिए RAW के पूर्व इंटेलिजेंस एजेंट राघव मेनन को चुना। इस योजना का मकसद सारा दोष ईरान या अरब देशों पर मढ़ना था। लेकिन जब यह योजना नाकाम हो गई, तो इज़राइली सुरक्षा मीडिया ने इस घटना को दोनों पायलटों के बीच हुई मामूली कहासुनी बताकर टाल दिया।”

क्या है हकीकत?

पड़ताल के दौरान हमने BBC की वेबसाइट और उसके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाला, लेकिन वायरल वीडियो में किए गए दावे से संबंधित BBC की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। वहीं, इस घटना को लेकर उपलब्ध BBC की कवरेज से पता चलता है कि फ्लाइट में हमले की घटना में सह-पायलट की भूमिका थी, जिसकी पहचान बाद में ओमान के नागरिक के तौर पर हुई।

वायरल वीडियो में नजर आ रही एंकर की पहचान BBC की पत्रकार सैली बंडॉक के रूप में हुई। पड़ताल में हमें 29 सितंबर 2026 को प्रकाशित BBC न्यूज़ का एक वास्तविक वीडियो मिला, जिसमें सैली बंडॉक OpenAI के नए AI मॉडल ‘Astra’ से जुड़े एक फैसले पर रिपोर्टिंग करती नजर आती हैं। खास बात यह है कि इस वास्तविक वीडियो में उन्होंने वही पोशाक पहनी हुई है, जो वायरल वीडियो में दिखाई दे रही है। इससे संकेत मिलता है कि वायरल वीडियो में असली BBC फुटेज का इस्तेमाल कर उसके साथ छेड़छाड़ की गई है।

इसके बाद वायरल वीडियो में दिखाए गए उस व्यक्ति की तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च किया गया, जिसका नाम वीडियो में लिया गया है। खोज के दौरान यही तस्वीर स्टॉक पर मिली, जहां इसे वर्ष 2018 में एक भारतीय व्यक्ति की थ्री-पीस सूट पहने तस्वीर के तौर पर प्रकाशित किया गया था। यानी वायरल वीडियो में जिस तस्वीर को एक विशेष व्यक्ति से जोड़कर पेश किया जा रहा है, उसका पुराना स्रोत कुछ और है।

पड़ताल में BBC Verify के पत्रकार शायान सरदारीज़ादेह की एक X पोस्ट भी मिली। उन्होंने वायरल वीडियो को फर्जी बताते हुए कहा कि इसमें AI-generated ऑडियो का इस्तेमाल किया गया है और वीडियो में किया गया दावा निराधार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि BBC ने ऐसी कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की है।

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