सोशल मीडिया पर एक रोती हुई महिला का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगा रही है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर के अंदर एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म हुआ है।
क्या लिख रहे हैं लोग?
आरएन यादव ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार !!! जब मंदिरों में यह हो सकता है तो बाहर लड़कियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी’
राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार !!!
— RN yadav. ✍️ 🇮🇳 (@RamnareshY21480) September 23, 2026
📍 जब मंदिरों में यह हो सकता है तो बाहर लड़कियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी !!😡 pic.twitter.com/kW2UNJRS8n
आशीष कुमार ने भी लिखा, ‘राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार !!! जब मंदिरों में यह हो सकता है तो बाहर लड़कियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी’
राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार !!!
— Ashish Kumar (@ashishk53542554) September 24, 2026
📍 जब मंदिरों में यह हो सकता है तो बाहर लड़कियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी !!😡 pic.twitter.com/wiXYoXPyB3
एआर राठौर ने लिखा, ‘बीजेपी सरकार मे राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार !!! जब मंदिरों में यह हो सकता है तो बाहर लड़कियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी’
बीजेपी सरकार मे
— New Delhi Patrkar (@ARRathour3) September 24, 2026
राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार !!!
जब मंदिरों में यह हो सकता है तो बाहर लड़कियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी
बीजेपी के जीरो कराईम के खोखले दावे#वायरल विडियो pic.twitter.com/pRdVCDF027
इसके इलावा राधेश्याम ऐरवाल बीबीएम भीलवाड़ा, डोमा परिसंघ ,रतनमणि , साहिर खान ने भी यही दावा किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जो इस बात की पुष्टि कर सके कि अयोध्या के राम मंदिर के अंदर किसी दलित महिला के साथ बलात्कार हुआ है। इसके बाद हमें 14 सितंबर 2024 को आजतक की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में सफाई का काम करने वाली एक दलित युवती के साथ गैंगरेप का मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई थी। पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उस समय पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट में अयोध्या पुलिस के हवाले से बताया गया था कि मामला कैंट थाना क्षेत्र का था और पीड़िता ने 2 सितंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, इस रिपोर्ट में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया गया है कि यह कथित दुष्कर्म मंदिर परिसर में हुआ था।
इसके बाद हमे हमें Punjab Kesari – Uttarakhand के फेसबुक पर वायरल वीडियो मिला। इसे 6 मार्च 2026 को पोस्ट किया गया था। इसमें बताया गया कि एक महिला ने हल्द्वानी बुद्ध पार्क में ससुराल पक्ष के खिलाफ धरना दिया।
पड़ताल के दौरान हमें उत्तराखंड न्यूज के यूट्यूब अकाउंट पर भी 6 मार्च को अपलोड हुआ यह वीडियो मिला। इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में भी बताया गया है कि यह घटना उत्तराखंड के हल्द्वानी की है, जहां ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर महिला ने बुद्ध पार्क में धरना दिया था।
इसी वीडियो में आखिरी फ्रेम में मौजूद पीयूष मिश्रा और शुभम मिश्रा नाम के दो आरोपियों के बारे में कीवर्ड सर्च करने पर हमें नवंबर 2025 की अमर उजाला की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में रहने वाली 15 साल की एक दलित लड़की को कुछ युवकों ने बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने पीयूष शुक्ला और शुभम मिश्रा नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया था।

