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23 May 2026, Sat

यूपी में योगी सरकार में एक भी बिजली प्लांट न लगाने का दावा झूठा है

आसमान से बरस रही आग से धरती तप रही है। जिसके कारण आमजन जीवन पूरी तरह से बेहाल है।  तापमान के कारण बिजली की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। इस बीच सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कार्यकाल में एक भी नया पवार प्लांट नहीं लगाया गया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘बिजली के नये प्लांट लगाना तो आपके बस में था नहीं, न ही आपकी तंग सोच में। मुँह से ये कह ही देते ‘3×660 SUPERCRITICAL THERMAL POWER PLANT’ तो गर्मी में झुलसते प्रदेशवासियों को सुनकर ही थोड़ी राहत मिल जाती।  भाजपा के कुराज में उप्र में बिजली की सिर्फ़ ‘माँग’ बढ़ रही है या ‘दाम’ बढ़ रहे हैं, सप्लाई-आपूर्ति नहीं। भाजपा राज, यूपी ख़स्ताहाल’

सपा नेता आईपी सिंह ने लिखा, ‘1982 से लखनऊ में रहता हूँ उस 1980-90 के दशक में भी इतनी बिजली कटौती नहीं हुई है। आज रात की नींद खराब हो रही है 24 घण्टे में 40 बार बिजली जाती है। CM योगी/मोदी सरकार ने 10 वर्षों में एक भी बिजली का पॉवर प्लांट नहीं स्थापित किया। कागजों और जुबानी घोड़ा पहाड़ी बाबा जी दौड़ा रहे हैं।’

सपा समर्थक रिस्की यादव ने लिखा, ‘अखिलेश यादव को अपने लगवाए हुए सारे थर्मल प्लांट का नाम मुंह जुबानी याद है।  बहनजी की सरकार में 7 दिन बिजली दिन में आती थी और 7 दिन रात में आती थी।  अखिलेश यादव ने आकर 6 नए पॉवर प्लांट लगाए जिससे बिजली उत्पादन बढ़ा जब फायदा लेने का समय आया तो सरकार चली गई।  योगी ने एक पावर प्लांट नहीं लगाया है पुराने प्लांट से बिजली बनाकर वाहवाही लूट रहे हैं।’

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने गूगल सर्च की मदद ली तो इस सम्बन्ध में 30 मई 2025 को प्रकाशित दैनिक जागरण की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने कानपुर से बटन दबाकर खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट की 660 मेगावाट की एक यूनिट का लोकार्पण किया। इस प्लांट से उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और राजस्थान को बिजली की आपूर्ति होगी। 1200 एकड़ जमीन पर बने इस प्लांट का शिलान्यास 2019 में हुआ था। प्लांट से 5000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।

वहीं 30 मई 2025 को प्रकाशित डीडी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने 660 मेगावाट पनकी पावर प्लांट, 660 मेगावाट नेवेली पावर प्लांट, 1320 मेगावाट जवाहरपुर पावर प्लांट, 660 मेगावाट ओबरा-सी पावर प्लांट और 660 मेगावाट खुर्जा पावर प्लांट सहित कई प्रमुख बिजली संयंत्रों के उद्घाटन की घोषणा की।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक पनकी पावर प्लांट के महाप्रबंधक गोविंद कुमार मिश्र ने बताया कि परियोजना को 2018 मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने 2019 में शिलान्यास किया था। परियोजना के निर्माण 6729 करोड़ रुपये का बजट खर्च हुआ है। इस प्लांट से 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है। वहीं अमर उजाला ने बताया कि पनकी पॉवर प्लांट की आधारशिला मार्च 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी और इसके लिए 6719 करोड़ रुपए की लागत आई थी। 48 महीने में इसे बनाने का लक्ष्य था। लेकिन कोरोना काल में श्रमिकों के न होने और माल की आवाजाही पर रोक होने के कारण करीब एक साल की देरी हुई। पनकी के पॉवर प्लांट में 1967 में 32 मेगावाट की बिजली उत्पादन इकाई से पहली बार बिजली बनना शुरू हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसका उद्घाटन किया था। फिर 32 मेगावाट की दो अन्य इकाइयां स्थापित हुईं। 1977 में 110 मेगावाट की दो नई इकाइयों से बिजली बनना शुरू हुई। पनकी पॉवर हाउस कहे जाने वाले इस प्लांट से 2018 में उत्पादन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इसके बाद 2019 में 660 मेगावाट क्षमता का पॉवर प्लांट बनना शुरू हो गया।

दैनिक भास्कर ने इस सम्बन्ध में लिखा है कि पनकी पावर प्लांट 1976-77 में बना था। जो पूरी तरह से जर्जर हो गया था। 105-105 मेगावाट की 2 यूनिट थीं। वर्ष 2010-11 में बिजली उत्पादन 53 फीसदी, 2011-12 में 47 फीसदी, 2012 -13 में 39 फीसदी और 2013 -14 में 53 फीसदी ही रह गया था। इसलिए इसे बंद कर नए सिरे से 660 मेगावाट का प्लांट तैयार किया गया।

Obra-D Thermal Power Project: उत्तर प्रदेश में विद्युत उत्पादन बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने जुलाई 2023 में सोनभद्र जिले में 1600 मेगावाट क्षमता की ओबरा ‘डी’ तापीय परियोजना की स्थापना के लिए मंजूरी दी। इस परियोजना के अंतर्गत 17985.27 करोड़ रुपये की लागत से 800 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित की जा रही है।

Anpara-E Thermal Power Project: योगी सरकार ने 20 नवंबर, 2023 को सोनभद्र जिले के अनपरा में 1,600 मेगावॉट का बिजली संयंत्र स्थापित करने को मंजूरी दी थी। इन इकाइयों के निर्माण पर लगभग 18,624 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जो  यूपीआरवीयूएनएल और एनटीपीसी के संयुक्त उद्यम मेजा उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा स्थापित की जाएगी।

Meja Thermal Power Project Stage-II: योगी सरकार ने मई 2026 को प्रयागराज के मेजा तापीय परियोजना का विस्तार करते हुए 800-800 मेगावाट की तीन नई यूनिटें लगाए जाने संबंधी ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।  2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान किए गए अनुबंध के तहत एनटीपीसी और उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम मिलकर तीनों यूनिटें स्थापित करेंगे। लगभग 38,358 करोड़ रुपये से स्थापित की जाने वाली यूनिटों से राज्य को पांच वर्ष में बिजली मिलने लगेगी।

Bundelkhand Ultra Mega Solar Park: थर्मल पॉवर प्लांट के साथ-साथ योगी सरकार ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देते हुए बुंदेलखंड अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क के निर्माण को मंजूरी दी है। यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक बड़ी सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) परियोजना है, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र को “ग्रीन एनर्जी हब” बनाना है। यह कोई एक अकेला प्लांट नहीं है, बल्कि कई बड़े सोलर पार्कों का समूह है। यह परियोजना मुख्य रूप से झांसी, ललितपुर, चित्रकूट और जालौन जिलों में विकसित की जा रही है। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सोलर पार्क बनाए जा रहे हैं। सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र में कुल 8 सोलर पार्कों को मंजूरी दी है, जिनकी कुल क्षमता लगभग 4995 मेगावाट है।



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