सोशल मीडिया में उत्तर प्रदेश सरकार का एक नोटिफिकेशन वायरल है। इस नोटिफिकेशन के साथ दावा है कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति स्वीकृत करती है लेकिन सवर्णों अर्थात सामान्य वर्ग के लिए वित्तीय सहायता नहीं दी जाती।
सत्यजीत मिश्रा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘योगी सरकार ने OBC समाज के स्टूडेंट्स के लिए छात्रवृत्ति के नाम पर ₹22,55,00,00,000 स्वीकृत किए हैं। क्या सवर्ण समाज के छात्रों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता दे रहे हैं योगी जी? सोच कर देखिए। हिंदू एकता की बात करने वाली योगी सरकार सवर्ण समाज को वित्तीय सहायता क्यों नहीं दे रही है’
योगी सरकार ने OBC समाज के स्टूडेंट्स के लिए छात्रवृत्ति के नाम पर ₹22,55,00,00,000 स्वीकृत किए हैं।
— Satyajeet Mishra (@SatyajeetM72938) May 17, 2026
क्या सवर्ण समाज के छात्रों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता दे रहे हैं योगी जी?
सोच कर देखिए।
हिंदू एकता की बात करने वाली योगी सरकार सवर्ण समाज को वित्तीय सहायता क्यों नहीं दे रही है pic.twitter.com/jsfFP46PHb
आदर्श पांडे ने लिखा, ‘योगी सरकार ने OBC समाज के स्टूडेंट्स के लिए छात्रवृत्ति के नाम पर ₹22,55,00,00,000 स्वीकृत किए हैं। क्या सवर्ण समाज के छात्रों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता दे रहे हैं योगी जी? ये जो चल रहा तुष्टिकरण की राजनीति ठीक नहीं है।’
योगी सरकार ने OBC समाज के स्टूडेंट्स के लिए छात्रवृत्ति के नाम पर ₹22,55,00,00,000 स्वीकृत किए हैं।
— Adarsh Pandey (@Adarshp23645682) May 17, 2026
क्या सवर्ण समाज के छात्रों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता दे रहे हैं योगी जी?
ये जो चल रहा तुष्टिकरण की राजनीति ठीक नहीं है।। pic.twitter.com/Ruj5Pt5XcS
अभिनव पाण्डेय ने लिखा, ‘योगी सरकार OBC छात्रों के लिए 2026-27 में ₹2255 करोड़ की छात्रवृत्ति दे रही है। लेकिन चुनाव के समय “हिंदू एकता” और चुनाव के बाद योजनाएं जाति के आधार पर। अंत में सवर्णों के हिस्से आता है सिर्फ हिंदुत्व का झुनझुना। 2027 आ गया है, हिंदू एकता मजबूत करो!’
योगी सरकार OBC छात्रों के लिए 2026-27 में ₹2255 करोड़ की छात्रवृत्ति दे रही है।
— Abhinay Pandey (@AbhinayWithYou) May 17, 2026
लेकिन चुनाव के समय “हिंदू एकता” और चुनाव के बाद योजनाएं जाति के आधार पर।
अंत में सवर्णों के हिस्से आता है सिर्फ हिंदुत्व का झुनझुना।
2027 आ गया है, हिंदू एकता मजबूत करो ! pic.twitter.com/TjJoM5cvWv
विशाल पांडे ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश कि योगी सरकार ने OBC छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के नाम पर ₹2255 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है ! ये धनराशि मात्र 1 वर्ष यानी 2026 -27 के लिए है, ये वही योगी सरकार है जो ‘बटेंगे तो कटेंगे’ का नारा देकर हिंदू एकता की दुहाई देती है लेकिन चुनाव जीतने के बाद इनकी योजनाएं पूरी तरह जाति के आधार पर लागू होती है. हिंदू एकता का सबसे बड़ा भूत सवर्णों पर चढ़ता है लेकिन अंत में उनके हाथ में सरकारी सुविधाओं की जगह सिर्फ हिंदुत्व का झुनझुना आता है. फिलहाल 2027 आ गया है, हिंदू एकता मजबूत करो!’
उत्तर प्रदेश कि योगी सरकार ने OBC छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के नाम पर ₹2255 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है !
— Vishal Pandey (@Vishal_aawaj) May 17, 2026
ये धनराशि मात्र 1 वर्ष यानी 2026 -27 के लिए है,
ये वही योगी सरकार है जो 'बटेंगे तो कटेंगे' का नारा देकर हिंदू एकता की दुहाई देती है लेकिन चुनाव जीतने के बाद
इनकी… pic.twitter.com/Ky9x8iB62M
ऋतू राठौर ने लिखा, ‘UP सरकार के इस दस्तावेज़ में साफ़ तौर पर कहा गया है कि BJP सरकार ने 2026-27 में बजट हेड 079 के तहत OBC पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए विशेष रूप से ₹2,255 करोड़ मंज़ूर किए हैं!! बेहद भेदभावपूर्ण बजट! सभी जातियों में गरीब छात्र हैं, फिर भी BJP बेशर्मी से समानता और संवैधानिक निष्पक्षता का उल्लंघन कर रही है… वे हर जगह GC हिंदू छात्रों की अनदेखी कर रहे हैं! जब से BJP सत्ता में आई है, उसने हर क्षेत्र में, हर संभव तरीके से भेदभाव को संस्थागत बना दिया है। फूट डालो और राज करो, बिल्कुल औपनिवेशिक अंग्रेजों की तरह!’
This document by UP Govt clearly states that BJP govt has ₹2,255 CRORE sanctioned EXCLUSIVELY for OBC post matric scholarships in 2026-27 under budget head 079!!
— Ritu #सत्यसाधक (@RituRathaur) May 19, 2026
Extremely discriminatory budget!
There are poor students across ALL castes yet BJP brazenly breaches equality &… pic.twitter.com/evmRkRgyoP
इसके अलावा शत्रुधन पांडेय, हमारा किसान, अंकित मिश्रा, ब्रिजेन्द्र शुक्ला ने भी यही दावा किया है।
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने सम्बंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया तो 18 मई 2026 को प्रकाशित मीडिया संस्थान एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से छात्रों के लिए अलग-अलग स्तर पर स्कॉलरशिप योजनाएं चलाई जा रही हैं, इनमें एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के छात्र स्कॉलरशिप के पात्र होते हैं। इसके लिए परिवार की सालाना इनकम सरकार की तरफ से तय सीमा के अंदर होनी चाहिए।
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप : यह 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को दी जाती है, जिसमें 1,000 से 5,000 रुपये तक की आर्थिक मदद मिलती है.
पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप : यह 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए होती है, जिसमें लगभग 5,000 से 10,000 रुपये तक की मदद दी जाती है.
दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना : इसके जरिए 12वीं के बाद कॉलेज या दूसरे कोर्स में पढ़ाई करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है.
इसके बाद हमने UP Scholarship पोर्टल को खंगाला। जांच के दौरान हमें समाज कल्याण विभाग और छात्रवृत्ति से जुड़ी आधिकारिक जानकारी में सामान्य वर्ग (General Category) के छात्रों का भी स्पष्ट उल्लेख मिला।

पोर्टल पर छात्रवृत्ति आवेदन की प्रक्रिया के दौरान रजिस्ट्रेशन फॉर्म में भी अलग-अलग श्रेणियों के विकल्प दिए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ ‘सामान्य वर्ग’ का विकल्प भी मौजूद है।

हमने छात्रवृत्ति से जुड़े कुछ पुराने सरकारी नोटिफिकेशन और दिशा-निर्देशों की भी पड़ताल की। इन दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से सामान्य वर्ग के छात्रों को भी लाभार्थी श्रेणी में शामिल किया गया है।
यूपी बजट 2026-27 में जानकारी दी गई है कि पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में एससी छात्रों के 977 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के लिए 950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए दोनों योजनाओं के अंतर्गत करीब 3060 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं केवल किसी एक जाति वर्ग के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक श्रेणियों के पात्र छात्रों के लिए संचालित की जाती हैं। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत सामान्य व एससी और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत ओबीसी छात्रों को सहायता मिलती है। ओबीसी छात्रों के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग है तो उसके लिए अलग से राशि आवंटित होती है, जबकि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और एसटी के लिए जनजाति विकास विभाग है।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में सिर्फ OBC छात्रों को छात्रवृत्ति दिए जाने का दावा भ्रामक है। UP Scholarship पोर्टल, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और सरकारी नोटिफिकेशन में सामान्य वर्ग के छात्रों का भी स्पष्ट उल्लेख है। इससे साफ है कि छात्रवृत्ति योजनाएं केवल OBC छात्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के पात्र छात्रों को भी वित्तीय सहायता दी जाती है। वायरल दस्तावेज पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से संबंधित है इसलिए उसमें उसी वर्ग का उल्लेख किया गया है।




