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19 May 2026, Tue

मेरठ में बीए छात्रा के साथ गैंगरेप का दावा झूठा है

उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीए फाइनल ईयर की छात्रा की हत्या कर दी गयी। इस बीच सोशल मीडिया में यह दावा किया गया कि यूपी की भाजपा सरकार में एससी वर्ग के ऊपर अन्याय एवं अत्याचार चरम पर है। छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या की गयी है।  

समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘अयोध्या में मासूम बच्ची के साथ रेप की घटना के बाद मेरठ से एक बेटी के अपहरण, संभावित रेप और हत्या की घटना सामने आई है, जो कि भाजपा सरकार में बढ़ते महिला अपराध, महिला असुरक्षा की कहानी कह रही।  मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट और भाजपा के अन्य नेता जनता से सिर्फ झूठ बोलते हैं, जबकि महिलाओं के साथ अपराध में भाजपा सरकार में भाजपाई सर्वाधिक संलिप्त हैं।’

पवन ने लिखा, ‘यूपी की भाजपा सरकार में जातिवादियों द्वारा एससी वर्ग के ऊपर अन्याय एवं अत्याचार चरम पर है।  मेरठ में जातिवादी गुण्डों ने अनुसूचित जाति की 20 वर्षीय छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में उसकी निर्मम एवं वीभत्स हत्या कर गन्ने के खेत में फेंक दिया। क्या यूपी की भाजपा सरकार की पुलिस इन दरिन्दों का एनकाउंटर करेगी?’

योगिता भयाना ने लिखा, ‘यह कैसा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान है जहां बेटियों को निशाना बनाकर उनके साथ दरिंदगी करके उनकी हत्याएं की जाती है !  मेरठ के थाना रोहटा निवासी गांव थरोट में 21 वर्षीय बीए की छात्रा ललिता जाटव के साथ पहले उसका अपहरण किया फिर गैंगरेप कर उसकी निर्मम हत्या कर दी…उसके शव की पहचान मिटाने के जलाने की कोशिश भी की… आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले’

इसके अलावा सांसद चन्द्रशेखर आजाद, विनय रतन सिंह ने भी दुष्कर्म का दावा किया।

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमे इस सम्बन्ध में पत्रकार नरेंद्र प्रताप का एक्स पोस्ट मिला। उन्होंने लिखा, ‘उत्तरप्रदेश- मेरठ का अंकुश चौधरी और दलित छात्रा ललिता का 4 साल से लव-अफेयर था. अंकुश उससे शादी करना चाहता था मगर ललिता के घरवाले राजी नही थे. ललिता भी परिवार के खिलाफ जाकर शादी करने के लिए रजामंद नही थी. कालेज जाते वक्त अंकुश ने ललिता को शहर के अंदर से अपने साथ लिया और जंगल में लेकर आया. ललिता, अंकुश के साथ आने को नही मानी. अंकुश ने ललिता का मोबाइल चेक किया. मोबाइल से उसे पता चला कि वह किसी अन्य लड़के से बात करती है. अंकुश इसी बात पर ललिता पर बिगड़ गया. उसने ललिता का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. ललिता की पहचान छुपाने के लिए उसके चेहरे और हाथ को तेजाब से जला दिया. परिवार ने ललिता के साथ हत्या से पहले कथित गैंगरेप किये जाने का आरोप लगाया था. मेडीकल परीक्षण में यह झूठ पाया गया है. यह भी झूठ है कि ललिता प्रेगनेंट थी.’

इसके बाद हमे इस प्रकरण में अमर उजाला की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक 17 मई (रविवार) दोपहर दो बजे छात्रा का शव उकसिया गांव के ईंख के खेत में मिला था। एसएसपी के मुताबिक आरोपी अंकुश बाइक पर छात्रा को उकसिया गांव ले गया। सीसीटीवी में छात्रा आरोपी के साथ बाइक पर जाती दिखी रही है। अंकुश ने छात्रा का मोबाइल चेक किया तो दूसरे लड़के को किया गया मैसेज देखकर वह बौखला गया। उसे दूसरे युवक से छात्रा के संबंध होने का शक हुआ। इसी वजह से उसने 15 मई को ही दुपट्टे से गला दबाकर छात्रा की ईंख के खेत में हत्या कर दी थी।

एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि इस मामले में बीएनएस की धारा 140 (1) हत्या के इरादे से अपहरण, 103 (1) हत्या और 238 साक्ष्य मिटाने की धारा में टीपीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक देहात का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और चेहरा जलाने की पुष्टि नहीं हुई है। दुपट्टे से गला दबाकर हत्या की गई है।

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