उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुछ युवकों को पीटने का वीडियो वायरल है। घटना को जातिगत एंगल देते हुए दावा किया जा रहा है कि पुजारी ने गंगा में नहाने पर दलित युवकों की पिटाई कर दी। हालाँकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।
क्या लिख रहे हैं लोग?
आम आदमी पार्टी संजय सिंह ने लिखा, ‘भाजपा के राज में छुआ-छूत और भेदभाव बढ़ गया है। हज़ारों वर्षों के बाद अभी भी दलितों को गंगा में नहाने पर डंडा पड़ रहा है। ये अत्यंत शर्मनाक है।’
भाजपा के राज में छुआ-छूत और भेदभाव बढ़ गया है।
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) June 14, 2026
हज़ारों वर्षों के बाद अभी भी दलितों को गंगा में नहाने पर डंडा पड़ रहा है।
ये अत्यंत शर्मनाक है। pic.twitter.com/Ea68EkzBDz
एक एक्स यूजर Oppressor ने लिखा, ‘कानपुर के महाराजपुर में एक मंदिर घाट पर गंगा में नहाने की वजह से, एक ब्राह्मण मंदिर पुजारी और उसके परिवार ने निचली जाति के हिंदू रामदीन दिवाकर (धोबी) और पप्पू पासवान को लाठियों से पीटा। हिंदू एकता का यही हाल है। जय श्री राम’
A Brahmin temple priest and his family beat lower-caste Hindus Ramdeen Diwakar (Dhobi) and Pappu Paswan with sticks for bathing in the Ganga at a temple ghat in Maharajpur, Kanpur.
— Oppressor (@TyrantOppressor) June 14, 2026
So much for Hindu unity.
Jay Shri Ram. 🚩 pic.twitter.com/y9d9fhChju
पत्रकार मुकेश कुमार ने लिखा, ‘अभी जब इस देश में संविधान लागू है तब ये हाल है तो जब मनु का विधान लागू हो जाएगा तब क्या होगा? स्वर्ण हिंदू दलितों से उतनी ही घृणा करते हैं जितनी मुसलमानों से, बल्कि उससे भी ज़्यादा। धर्मांतरण की भी यही सबसे बड़ी वज़ह रही है मगर उन्हें बिल्कुल भी अक्ल नहीं आई बल्कि जबसे बीजेपी सत्ता में आई है वे और भी आत्म विश्वास और अहंकार से भर गए हैं। दुर्भाग्यवश ये बात दलितों को समझ में नहीं आ रही और वे उन्हीं सवर्णों के वर्चस्व को क़ायम रखने में मनुवादियों की मदद कर रहे हैं।’
अभी जब इस देश में संविधान लागू है तब ये हाल है तो जब मनु का विधान लागू हो जाएगा तब क्या होगा?
— Prof. Mukesh Kumar (@mukeshbudharwi) June 14, 2026
स्वर्ण हिंदू दलितों से उतनी ही घृणा करते हैं जितनी मुसलमानों से, बल्कि उससे भी ज़्यादा।
धर्मांतरण की भी यही सबसे बड़ी वज़ह रही है मगर उन्हें बिल्कुल भी अक्ल नहीं आई बल्कि जबसे बीजेपी… pic.twitter.com/V3VdJgHAa3
जे कपूर ने लिखा, ‘गंगा घाट पर दलित युवकों की पिटाई! सिर्फ जाति बनी जुर्म? जो लोग कहते हैं कि जातिवाद खत्म हो गया है, उन्हें कानपुर की यह तस्वीर जरूर देखनी चाहिए। गंगा स्नान करने पहुंचे युवकों पर किस तरह वहां के पुजारी और नाबालिक लडके लगातार डंडे बरसा रहे हैं, उनका दोष बस इतना है कि वो दलित हैं। किस तरह बेरहमी से उन पर डंडे बरसाए जा रहे हैं। यह सिर्फ मारपीट नहीं बल्कि संविधान और सामाजिक समानता पर सीधा हमला है।’
गंगा घाट पर दलित युवकों की पिटाई! सिर्फ जाति बनी जुर्म?
— J.Kapoor Indian (@indiameradesh12) June 12, 2026
जो लोग कहते हैं कि जातिवाद खत्म हो गया है, उन्हें कानपुर की यह तस्वीर जरूर देखनी चाहिए। गंगा स्नान करने पहुंचे युवकों पर किस तरह वहां के पुजारी और नाबालिक लडके लगातार डंडे बरसा रहे हैं, उनका दोष बस इतना है कि वो दलित हैं।… pic.twitter.com/GVbW2zA3UA
कांग्रेस नेता डॉ. अरुणेश यादव ने एक्स पर वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘गुनाह – दलित होना इनको सिर्फ इसलिए पीट रहे हैं क्योंकि ये दलित होकर गंगा घाट पर पहुंच गए!!’
गुनाह – दलित होना
— Dr. Arunesh Yadav (डॉ अरुणेश यादव) (@YadavArunesh) June 13, 2026
इनको सिर्फ इसलिए पीट रहे हैं क्योंकि ये दलित होकर गंगा घाट पर पहुंच गए!!pic.twitter.com/3REv8HgCgv
प्रवीण नाम के एक्स हैंडल ने वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘इनका कसूर सिर्फ इतना है कि ये दलित हैं। गंगा घाट पर नहाने का हक़ जताया, और यही कुछ लोगों को बर्दाश्त नहीं हुआ। गंगा सबकी है, ये तो बस जुमला है।’
इनका कसूर सिर्फ इतना है कि ये दलित हैं।
— Praveen प्रवीण (@iPraveenX) June 12, 2026
गंगा घाट पर नहाने का हक़ जताया, और यही कुछ लोगों को बर्दाश्त नहीं हुआ।
गंगा सबकी है, ये तो बस जुमला है।#facebookdown #instagramdown pic.twitter.com/JIopjB157T
सुर्याजीत प्रसाद ने फेसबुक पर लिखा, ‘यह जाति है कि जाती नहीं…… कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में गंगा घाट पर मंदिर के पुजारी और उसके शिष्यों द्वारा दलित समाज के दो युवकों (रामदीन पुत्र बेचेलाल दिवाकर) और (पप्पू पुत्र छेदीलाल पासवान) के साथ कथित मारपीट की घटना बेहद निंदनीय है ! गंगा किसी एक व्यक्ति, जाति या वर्ग की नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक है। कानून के अनुसार दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए’

वहीं आम आदमी पार्टी नेता कुलदीप कुमार, रोहित , विश्व गुरु और प्रवीण नाम के एक्स हैंडल ने भी वीडियो को जातिगत एंगल देते हुए शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड्स से खोज करने पर हमें मामले से जुड़ी दैनिक भास्कर की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र का है। जहां एक एक पुजारी और कुछ किशोरों द्वारा दो युवकों को लाठी-डंडों से पीटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह घटना ड्योढ़ी गंगा घाट की बताई जा रही है।

रिपोर्ट में पीड़ित रामदीन पुत्र बेचेलाल दिवाकर और पप्पू पुत्र छेदीलाल पासवान ने बताया कि वे बुधवार को मछली पकड़ने के लिए ड्योढ़ी घाट से करीब एक किलोमीटर दूर जमदा गांव के पास गंगा नदी गए थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान एक स्टीमर से पुजारी सहित लगभग आधा दर्जन लोग वहां पहुंचे और मछली पकड़ने का विरोध करने लगे। इसके बाद दोनों युवकों को जबरन स्टीमर में बैठाकर ड्योढ़ी गंगा घाट ले जाया गया, जहां उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। फिलहाल, पुलिस ने सलेमपुर निवासी पीड़ित रामदीन की शिकायत पर गोलू उर्फ संदीप तथा तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पड़ताल में आगे हमें इस घटना की एफआईआर कॉपी मिली। पीड़ित रामधीन ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया है कि 8 जून को गंगा स्नान के दौरान कुछ लोग उन्हें स्टीमर से जबरन द्योती घाट मंदिर के पास ले गए, जहां गोलू उर्फ संदीप और उसके साथियों ने प्लास्टिक के डंडों व बांस से उनकी पिटाई की। पीड़ितों का कहना है कि हाथ-पैर जोड़कर गुहार लगाने के बाद उन्हें छोड़ा गया जबकि आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं पीड़ित ने एफआईआर में कहीं भी जाति की वजह से पीटने की बात नहीं कही है।

अपनी पड़ताल में आगे हमने सलेमपुर गाँव प्रधान अमित की मदद से ड्योढ़ी गंगा घाट के मंदिर के सेवादार ‘गंभीर भैया’ से सम्पर्क किया। गंभीर ने बताया, ”ड्योढ़ी गंगा घाट के मंदिर के आसपास के क्षेत्र में मछली पकड़ना-मारना प्रतिबंधित है। घटना वाले दिन भी युवकों को मछली पकड़ने से माना किया, बाद में कहासुनी बढ़कर मारपीट तक पहुँच गई। जाति की वजह से गंगा नहाने से रोकने की बात में कोई सच्चाई नहीं है। यहाँ मंदिर या गंगा में किसी के साथ जातिगत भेदभाव नही होता है।”
गंभीर ने आगे कहा, ‘वायरल वीडियो में भगवा वस्त्र में एक शख्स डंडा लेकर युवको को पीट रहे हैं, वो मंदिर के पुजारी नहीं हैं, न ही उनका मंदिर से कोई लेना देना है। घटना वाले दिन वो घाट पर नहाने आए थे। जव विवाद बढ़ा तो उन्होंने भी युवकों को पीटा। इस प्रकरण में संदीप उर्फ़ गोलू के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, वो भी पुजारी नहीं हैं, मंदिर की गौशाला में कार्य करते हैं और निषाद जाति से आते हैं। ड्योढ़ी गंगा घाट मंदिर के पुजारी ने कोई मारपीट नहीं की।’
पड़ताल में आगे हमने महाराजपुर थाना के इंस्पेक्टर राजेश कुमार से संपर्क किया। राजेश कुमार ने हमें बताया कि पीड़ित पक्ष घाट पर मछली पकड़ने गए थे। वहां लोग मछली मारने व पकड़ने के खिलाफ हैं। इस वजह से लोगों ने उनका विरोध किया। दलित होने की वजह से गंगा में नहाने से रोकने वाली कोई बात नहीं है। गंगा घाट पर नहाने से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है, न ही किसी को नहाने से रोका जाता है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
| दावा | कानपुर में पुजारी ने दलित युवकों को गंगा घाट पर नहाने की वजह से पीटा। |
| हकीकत | कानपुर में युवकों को गंगा में मछली पकड़ने की वजह से पीटा गया था। युवकों को पीटने की घटना में जातिगत एंगल नहीं है। |

