एपस्टीन फाइल में पीएम मोदी के 320 बार द्वीप जाने का दावा गलत है
अमेरिकी न्याय विभाग ने पिछले साल यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन के दुर्व्यवहार से जुड़े हजारों पन्नों के दस्तावेज़ जारी किए थे। इन दस्तावेज़ों में दुनिया भर के कई प्रभावशाली लोगों, राजनेताओं, अरबपतियों, और शाही परिवारों के सदस्यों के नाम और रिकॉर्ड सामने आए। इस बीच अब सोशल मीडिया में लोग दावा कर रहे हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जेफरी एपस्टीन के साथ 320 बार द्वीप गये थे।
क्या लिख रहे है लोग?
कुमार आर तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा,’हाल ही में सार्वजनिक की गई एपस्टीन फाइलों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख किए जाने के बाद वैश्विक जांच-पड़ताल को जन्म दिया है। हालांकि ऑनलाइन अफवाहें फैलती रहीं, लेकिन वास्तविक दस्तावेजों में केवल उनके 2017 के इज़राइल दौरे के बारे में एक ईमेल दिखाया गया था, जिसे भारत ने “घटिया अटकलें” बताते हुए दृढ़ता से खारिज कर दिया।’
The newly unsealed Epstein files have sparked global scrutiny after referencing Indian PM Narendra Modi. While rumours swirled online, the actual documents only showed an email about his 2017 trip to Israel, which India firmly rejected as "trashy ruminations." pic.twitter.com/hBgaoesvJ2
— Kumar R Talukdar🇮🇳 (@Kumarjyoti49291) June 7, 2026
इसके अलावा एक्स यूजर असलम, कुलदीप सिंह और इंस्टग्राम यूजर जॉयसेनगुप्ता ने भी पोस्टकार्ड शेयर कर इसी तरह की बातें लिखी।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने सम्बंधित कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया तो हमे इस प्रकरण में बीबीसी की रिपोर्ट मिली, 31 जनवरी 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकन जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी लाखों नई फ़ाइलें जारी की हैं। शुक्रवार को 30 लाख पेज, एक लाख 80 हज़ार तस्वीरें और दो हज़ार वीडियो सार्वजनिक रूप से पोस्ट किए गए। रिपोर्ट में लिखा है, ‘भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एपस्टीन फ़ाइल्स’ के एक ईमेल मैसेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेफ़री एपस्टीन की मुलाक़ात के दावों को ख़ारिज किया है।’
इसके बाद हमें ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्ट कॉर्पोरेशन की फरवरी 2026 की रिपोर्ट मिली, इस रिपोर्ट में मलेशिया के प्रधानमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री का नाम सामने आने का जिक्र है। रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का जिक्र ऐप्सटीन फाइल्स में सामने आए कुछ ईमेल में मिला है। इन ईमेल में पीएम मोदी के 2017 के इजरायली दौरे का जिक्र है। ईमेल में खुद जेफ्री एप्सटीन ने पीएम के इजरायली दौरे को लेकर टिप्पणी की थी।
इसके अलावा भारत सरकार ने भी ऐप्सटीन फाइल्स में पीएम मोदी के नाम का जिक्र होने को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया था। इस स्पष्टीकरण में लिखा था कि पीएम मोदी के 2017 में हुए इजरायली दौरे के जिक्र के अलावा इन फाइल्स में कहीं भी प्रधानमंत्री का जिक्र नहीं है। आगे इस मामले को लेकर किए जा रहे सभी दावों और कयासों को बेबुनियाद बताया गया है।
Our statement to clarify certain reports ⬇️ 🔗 https://t.co/WvcGHeA01D https://t.co/thmZFcNWsM
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) January 31, 2026
| दावा | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 320 बार जेफरी एपस्टीन के साथ द्वीप गए। |
| हकीकत | एपस्टीन फाइल में पीएम मोदी के द्वीप जाने या जेफरी एपस्टीन से किसी भी तरह का संबंध होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। दस्तावेजों में केवल इजरायल यात्रा से जुड़ा एक ईमेल सामने आया है जिसके दावों को भारत सरकार ने खारिज कर दिया था। |



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