यूपी में मुसलमानों पर लाठीचार्ज का दावा भ्रामक, सपा कार्यकर्त्ताओं का यह वायरल वीडियो 5 साल पुराना है
सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज का एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस मुसलमानों को पीट रही है। हालाँकि पड़ताल में पता चलता है कि यह वीडियो हाथरस...
सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज का एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस मुसलमानों को पीट रही है। हालाँकि पड़ताल में पता चलता है कि यह वीडियो हाथरस के कथित कांड को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्त्ताओं के विरोध प्रदर्शन का है, साथ ही वीडियो 5 साल से ज्यादा पुराना है।
क्या लिख रहे हैं लोग?
एक पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा एक्स यूजर मणिपुर पोस्ट ने वीडियो शेयर कर लिखा, ‘प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ भारतीय सुरक्षा बलों की हिंसा उत्तर प्रदेश में भारतीय पुलिस को मुस्लिम प्रदर्शनकारियों की पिटाई करते हुए देखा गया। भारत अपने ही लोगों के साथ ऐसा ही बर्ताव करता है। ज़रा सोचिए, मणिपुर, नागालैंड, खालिस्तान और कश्मीर जैसे इलाकों में वे किस हद तक बल का इस्तेमाल करते होंगे। मानवाधिकार कहाँ हैं? UN’

क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो हमे यह वीडियो समाजवादी पार्टी के विधायक राम गोविंद चौधरी के एक्स अकाउंट पर मिला। उन्होंने एक अक्टूबर 2020 को वीडियो पोस्ट कर लिखा था, ‘आज दिनांक 1-10- 2020 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के युवा संगठनों द्वारा हाथरस, बलरामपुर ,आजमगढ़ की घटनाओं पर शांतिपूर्वक धरने पर निर्दयी पुलिस द्वारा भयंकर लाठीचार्ज की निंदा की जाती है।’

आगे चलकर यही वीडियो हमे न्यूज नेशन वॉइस के यूट्यूब चैनल पर भी मिला। इस वीडियो को 2 अक्टूबर 2020 को अपलोड किया गया था।वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, हाथरस कांड के विरोध में लखनऊ के हजरतगंज में प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
| दावा | यूपी में पुलिस प्रदर्शन कर रहे मुसलमानों को पीट रही है। |
| हकीकत | यह वीडियो अक्टूबर 2020 का है, जब हाथरस कांड को लेकर लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। |



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