उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक अस्पताल की लापरवाही से इंडो-तिबेटन बॉर्डर पुलिस (ITBP) में तैनात एक जवान की माँ के हाथ कटने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में अब दावा किया जा ITBP के हथियारबंद कमांडोज ने पुलिस कमिश्नरेट को पूरी तरह घेर या कब्ज़ा कर लिया है। हालंकि पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने एक्स पर लिखा, ‘ITBP के जवानों ने पुलिस का दफ्तर घेरा! कमिश्नर ऑफिस ITBP के क़ब्ज़े में? उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन है’
ITBP के जवानों ने पुलिस का दफ्तर घेरा!
— Surendra Rajput (@ssrajputINC) May 23, 2026
कमिश्नर ऑफिस ITBP के क़ब्ज़े में?
उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन है pic.twitter.com/a704YnylFp
ममता त्रिपाठी ने लिखा, ‘कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के दफ्तर को ITBP के हथियारबंद कमांडोज ने पूरी तरह घेर लिया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला आईटीबीपी के एक जवान की मां का हाथ काटने की दिल दहला देने वाली घटना से जुड़ा है। पुलिस की कथित निष्क्रियता, लापरवाही और एक्शन ना होने से नाराज ITBP के जवानों ने @kanpurnagarpol कमिश्नर ऑफिस को घेर लिया .. बाप रे !’
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के दफ्तर को ITBP के हथियारबंद कमांडोज ने पूरी तरह घेर लिया है।
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) May 23, 2026
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला आईटीबीपी के एक जवान की मां का हाथ काटने की दिल दहला देने वाली घटना से जुड़ा है।
पुलिस की कथित निष्क्रियता, लापरवाही और एक्शन ना होने से नाराज ITBP के जवानों… pic.twitter.com/D3OiFJTkBG
अभिषेक उपाध्याय ने लिखा, ‘बड़ी खबर- कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेरे हुए ITBP के जवान। साथी जवान विकास सिंह की माँ के कटे हाथ के मामले में प्रशासन की लचर कार्रवाई से आहत जवानों ने आज कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ही घेर लिया। अब पता चला है कि तेज़ी से कार्रवाई हो रही है। प्रशासनिक व्यवस्था एकदम से जागी है, मानो गहरी नींद के बीच लाइट चली गई हो, AC बंद हो गया हो, पॉवर बैकअप फेल हो गया हो!! ऐसे में उठना ही इकलौता विकल्प है!!’
बड़ी खबर-
— abhishek upadhyay (@upadhyayabhii) May 23, 2026
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेरे हुए ITBP के जवान।
साथी जवान विकास सिंह की माँ के कटे हाथ के मामले में प्रशासन की लचर कार्रवाई से आहत जवानों ने आज कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ही घेर लिया।
अब पता चला है कि तेज़ी से कार्रवाई हो रही है।
प्रशासनिक व्यवस्था एकदम से जागी है,… pic.twitter.com/uei8C9MsDN
आवेश तिवारी ने लिखा, ‘यूपी में दो घटनाएं घटी हैं। लखनऊ सिविल कोर्ट में पुलिस से मुकाबले के लिए वकीलों को लाठियां बांटी गई हैं। उधर 55 किलोमीटर दूर कानपुर में एक सैनिक की मां का गलत इलाज करने से खार खाए आइटीबीपी के जवानों और अधिकारियों ने कमिश्नरेट को कब्जे में ले लिया। आप कह सकते हैं यह साधारण सी घटना है। नहीं। यह असाधारण सी घटनाएं हैं। दरअसल जनता का और सिस्टम के अलग अलग हिस्सों का सब्र जवाब दे चुका है। सरकार यह बात समझ नहीं रही है मुझे उम्मीद भी नहीं है कि समझेगी।’
यूपी में दो घटनाएं घटी हैं। लखनऊ सिविल कोर्ट में पुलिस से मुकाबले के लिए वकीलों को लाठियां बांटी गई हैं। उधर 55 किलोमीटर दूर कानपुर में एक सैनिक की मां का गलत इलाज करने से खार खाए आइटीबीपी के जवानों और अधिकारियों ने कमिश्नरेट को कब्जे में ले लिया।
— Awesh Tiwari (@awesh29) May 23, 2026
आप कह सकते हैं यह साधारण सी… pic.twitter.com/6Ugpkw1Z7D
आईपी सिंह ने लिखा, ‘यूपी पुलिस की अराजकता मनमानी के बाद ITBP के जवानों कमांडो ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस को घेर लिया और ITBP के कब्जे में यूपी के बड़े पुलिस अफसर। गृह मंत्रालय के सहमति से हुआ होगा। DGP और मुख्य सचिव को फौरन हटा देना चाहिए। यूपी में कानून-व्यवस्था की स्तिथि बेहद नाजुक है। CM को इस्तीफा दे देना चाहिए।’
यूपी पुलिस की अराजकता मनमानी के बाद ITBP के जवानों कमांडो ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस को घेर लिया और ITBP के कब्जे में यूपी के बड़े पुलिस अफसर।
— I.P. Singh (@IPSinghSp) May 23, 2026
गृह मंत्रालय के सहमति से हुआ होगा।
DGP और मुख्य सचिव को फौरन हटा देना चाहिए।
यूपी में कानून-व्यवस्था की स्तिथि बेहद नाजुक है।
CM को इस्तीफा… pic.twitter.com/FX5z8cDLoJ
इसी तरह प्रतिष्ठित न्यूज़ वेबसाइट जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान टाइम्स, के साथ-साथ यूपी कांग्रेस, ब्रिजेश, प्रियांशु कुमार, सूर्या समाजवादी, कविश अजीज, रिस्की यादव, शिवम यादव, अनिल तिवारी, नीरज कनौजिया, लक्ष्मण यादव, रिस्की यदुवंशी ने भी मामले को ITBP का पुलिस कमिश्नरेट पर कब्जा और घेरना बताया।
क्या है हकीकत? दावे की पड़ताल में हमें 19 मई को प्रकाशित ETV भारत की एक रिपोर्ट मिली। जिसके मुताबिक, कानपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में मंगलवार को इंडो-तिबेटन बॉर्डर पुलिस (ITBP) में तैनात एक जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंच गया था। पीड़ित जवान विकास सिंह का आरोप है कि टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी मां का दाहिना हाथ काटना पड़ा। का हाथ कटने के बाद न्याय न मिलता देख पीड़ित जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पहले रेल बाजार थाना गया, फिर अपर पुलिस आयुक्त शिवा सिंह के पास पहुंचा। पीड़ित बेटे ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

इस मामले में हमें UttarPradesh.ORG News का एक पोस्ट जिसमें बताया गया है कि, ‘कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोपों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज आईटीबीपी के दर्जनों जवान कमिश्नरेट पहुंच गए। मौके पर आईटीबीपी के अधिकारी भी मौजूद रहे और पुलिस कमिश्नर से बातचीत की। आईटीबीपी के लाइजनिंग ऑफिसर ने आरोप लगाया कि जिस बीमारी का इलाज ही नहीं हुआ, स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में उसी का जिक्र कर अस्पताल को राहत दे दी। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।’
कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोपों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज आईटीबीपी के दर्जनों जवान कमिश्नरेट पहुंच गए। मौके पर आईटीबीपी के… pic.twitter.com/Rhw1nwSoZv
— UttarPradesh.ORG News (@WeUttarPradesh) May 23, 2026
पड़ताल में आगे हमें न्यूज़ एजेंसी IANS के एक्स हैंडल पर इस मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विपिन टंडन का स्पष्टीकरण मिला। उन्होंने कहा कि ‘कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के घेराव की खबर पूरी तरह झूठी और भ्रामक है। कोई घेराव नहीं हुआ। एक ITBP जवान की मां का इलाज के दौरान हाथ काटा गया था, और उन्होंने मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाया था। इसी मामले को लेकर पीड़ित जवान अपने अधिकारीयों के साथ समय लेकर कमिश्नर से बातचीत करने आये थे। चूंकि यह मेडिकल लापरवाही का मामला था, इसलिए CMO कार्यालय द्वारा जांच कराई गई।’
Kanpur, Uttar Pradesh: On an ITBP jawan carrying his mother’s amputated hand in a thermocol box to the Police Commissioner’s office, demanding action against a private hospital over alleged medical negligence, Additional Police Commissioner Vipin Tanda says, "This news is… pic.twitter.com/pRqRWdVwRe
— IANS (@ians_india) May 23, 2026
वहीं पड़ताल में आगे हमें भारत समाचार के एक्स हैंडल पर ITBP अधिकारी का बयान भी मिली। ITBP अधिकारी ने बताया कि घेराव जैसी कोई बात नहीं है। मैं समय लेकर अपने जवान की मां का हाथ कटने के मामले में कमिश्नर सर से मिलने गया था और मेरे जवान बहार खड़े थे। इसी चीज को मीडिया ने गलत तरीके से लिया।
कानपुर
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) May 23, 2026
➡जवान की मां का हाथ कटने का मामला
➡ITBP अधिकारी का बयान आया सामने
➡कमिश्नर ऑफिस पहुंचे थे ITBP अधिकारी, जवान
➡घेराव जैसी कोई बात नहीं- ITBP अधिकारी
➡मीडिया ने गलत तरीके से लिया- ITBP अधिकारी
➡‘हमें कमिश्नर सर पर भरोसा, जांच के बाद होगा न्याय’#Kanpur #ITBP… pic.twitter.com/W4pe3CM4CD
निष्कर्ष: पड़ताल से स्पष्ट है कि इंडो-तिबेटन बॉर्डर पुलिस (ITBP) के अधिकारी अपने साथी जवान के प्रकरण में पुलिस कमिश्नरेट बात करने पहुंचे थे। इस दौरान अधिकारीगण के साथ आए अन्य जवान ऑफिस के बाहर थे। ITBP ने पुलिस कमिश्नरेट को घेरने का खंडन किया है।

