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8 Jul 2026, Wed

कानपुर में ITBP जवानों ने पुलिस कमिश्नरेट नहीं घेरा था

कानपुर में ITBP जवानों ने पुलिस कमिश्नरेट नहीं घेरा था

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक अस्पताल की लापरवाही से इंडो-तिबेटन बॉर्डर पुलिस (ITBP) में तैनात एक जवान की माँ के हाथ कटने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में अब दावा किया जा ITBP के हथियारबंद कमांडोज ने पुलिस कमिश्नरेट को पूरी तरह घेर या कब्ज़ा कर लिया है। हालंकि पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ।

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने एक्स पर लिखा, ‘ITBP के जवानों ने पुलिस का दफ्तर घेरा! कमिश्नर ऑफिस ITBP के क़ब्ज़े में? उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन है’

ममता त्रिपाठी ने लिखा, ‘कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के दफ्तर को ITBP के हथियारबंद कमांडोज ने पूरी तरह घेर लिया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला आईटीबीपी के एक जवान की मां का हाथ काटने की दिल दहला देने वाली घटना से जुड़ा है। पुलिस की कथित निष्क्रियता, लापरवाही और एक्शन ना होने से नाराज ITBP के जवानों ने @kanpurnagarpol कमिश्नर ऑफिस को घेर लिया .. बाप रे !’

अभिषेक उपाध्याय ने लिखा, ‘बड़ी खबर- कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को घेरे हुए ITBP के जवान। साथी जवान विकास सिंह की माँ के कटे हाथ के मामले में प्रशासन की लचर कार्रवाई से आहत जवानों ने आज कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ही घेर लिया। अब पता चला है कि तेज़ी से कार्रवाई हो रही है। प्रशासनिक व्यवस्था एकदम से जागी है, मानो गहरी नींद के बीच लाइट चली गई हो, AC बंद हो गया हो, पॉवर बैकअप फेल हो गया हो!! ऐसे में उठना ही इकलौता विकल्प है!!’

आवेश तिवारी ने लिखा, ‘यूपी में दो घटनाएं घटी हैं। लखनऊ सिविल कोर्ट में पुलिस से मुकाबले के लिए वकीलों को लाठियां बांटी गई हैं। उधर 55 किलोमीटर दूर कानपुर में एक सैनिक की मां का गलत इलाज करने से खार खाए आइटीबीपी के जवानों और अधिकारियों ने कमिश्नरेट को कब्जे में ले लिया। आप कह सकते हैं यह साधारण सी घटना है। नहीं। यह असाधारण सी घटनाएं हैं। दरअसल जनता का और सिस्टम के अलग अलग हिस्सों का सब्र जवाब दे चुका है। सरकार यह बात समझ नहीं रही है मुझे उम्मीद भी नहीं है कि समझेगी।’

आईपी सिंह ने लिखा, ‘यूपी पुलिस की अराजकता मनमानी के बाद ITBP के जवानों कमांडो ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस को घेर लिया और ITBP के कब्जे में यूपी के बड़े पुलिस अफसर। गृह मंत्रालय के सहमति से हुआ होगा। DGP और मुख्य सचिव को फौरन हटा देना चाहिए। यूपी में कानून-व्यवस्था की स्तिथि बेहद नाजुक है। CM को इस्तीफा दे देना चाहिए।’

इसी तरह प्रतिष्ठित न्यूज़ वेबसाइट जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान टाइम्स, के साथ-साथ यूपी कांग्रेस, ब्रिजेश, प्रियांशु कुमार, सूर्या समाजवादी, कविश अजीज, रिस्की यादव, शिवम यादव, अनिल तिवारी, नीरज कनौजिया, लक्ष्मण यादव, रिस्की यदुवंशी ने भी मामले को ITBP का पुलिस कमिश्नरेट पर कब्जा और घेरना बताया।

क्या है हकीकत? दावे की पड़ताल में हमें 19 मई को प्रकाशित ETV भारत की एक रिपोर्ट मिली। जिसके मुताबिक, कानपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में मंगलवार को इंडो-तिबेटन बॉर्डर पुलिस (ITBP) में तैनात एक जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंच गया था। पीड़ित जवान विकास सिंह का आरोप है कि टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी मां का दाहिना हाथ काटना पड़ा। का हाथ कटने के बाद न्याय न मिलता देख पीड़ित जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पहले रेल बाजार थाना गया, फिर अपर पुलिस आयुक्त शिवा सिंह के पास पहुंचा। पीड़ित बेटे ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

इस मामले में हमें UttarPradesh.ORG News का एक पोस्ट जिसमें बताया गया है कि, ‘कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोपों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज आईटीबीपी के दर्जनों जवान कमिश्नरेट पहुंच गए। मौके पर आईटीबीपी के अधिकारी भी मौजूद रहे और पुलिस कमिश्नर से बातचीत की। आईटीबीपी के लाइजनिंग ऑफिसर ने आरोप लगाया कि जिस बीमारी का इलाज ही नहीं हुआ, स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में उसी का जिक्र कर अस्पताल को राहत दे दी। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।’

पड़ताल में आगे हमें न्यूज़ एजेंसी IANS के एक्स हैंडल पर इस मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विपिन टंडन का स्पष्टीकरण मिला। उन्होंने कहा कि ‘कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के घेराव की खबर पूरी तरह झूठी और भ्रामक है। कोई घेराव नहीं हुआ। एक ITBP जवान की मां का इलाज के दौरान हाथ काटा गया था, और उन्होंने मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाया था। इसी मामले को लेकर पीड़ित जवान अपने अधिकारीयों के साथ समय लेकर कमिश्नर से बातचीत करने आये थे। चूंकि यह मेडिकल लापरवाही का मामला था, इसलिए CMO कार्यालय द्वारा जांच कराई गई।’

वहीं पड़ताल में आगे हमें भारत समाचार के एक्स हैंडल पर ITBP अधिकारी का बयान भी मिली। ITBP अधिकारी ने बताया कि घेराव जैसी कोई बात नहीं है। मैं समय लेकर अपने जवान की मां का हाथ कटने के मामले में कमिश्नर सर से मिलने गया था और मेरे जवान बहार खड़े थे। इसी चीज को मीडिया ने गलत तरीके से लिया।

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