देश में कुछ दिनों से एक नई पार्टी सुर्खियों में बनी हुई है। इस पार्टी का नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party) है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभी तक कोई आधिकारिक या चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं है, इस समय भारतीय सोशल मीडिया, विशेषकर Gen Z (जेन-जी या युवा पीढ़ी) के बीच एक बेहद लोकप्रिय व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन बन चुकी है। इस बीच सोशल मीडिया में कई वीडियो वायरल हैं, इन वीडियो के साथ दावा है कि भारत के अलग अलग हिस्सों में Gen Z प्रोटेस्ट कर रहे हैं।
पहला वीडियो पोस्ट
एक पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा हैंडल मणिपुर पोस्ट ने एक्स पर लिखा, ‘इंडियन GenZ प्रोटेस्टर्स आर्मी हेडक्वार्टर के पास भिड़ गए। इंडियन GenZ कॉकरोच जनता पार्टी CJP प्रोटेस्टर्स ने नोएडा में इंडियन मिलिट्री और CRPF ऑफिस के पास के इलाकों में धावा बोल दिया, जब पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सेस को लोकल प्रोटेस्टर्स के खिलाफ इंडियन PM मोदी का सपोर्ट करते देखा गया। लोग BJP और आर्मी के ज़ुल्म के खिलाफ गुस्से में हैं।’

पैम्फलैट्स ने लिखा, ‘मोदी सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ने के बीच, सेना के दफ़्तरों के पास Gen Z प्रदर्शनकारियों की झड़प।’
🚨🇮🇳 BREAKING — Cockroach Party
— Pamphlets (@PamphletsY) May 22, 2026
Gen Z Protesters Clash Near Army Offices as Anger Against Modi Regime Grows. pic.twitter.com/iAbpHu3r3V
इसी वीडियो को अन्य पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट ख़ुशी अम्बेडकर, रोमाना खान, तपस्या यादव ने भी पोस्ट किया है
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने देखा कि इस वीडियो को 5 अलग अलग क्लिप जोड़कर बनाया गया है। पहला वीडियो 13 अप्रैल 2026 को यूपी के नोएडा में हुए लेबर प्रोटेस्ट का है। जहाँ मजदूरों की वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

दूसरा वीडियो भी अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए लेबर प्रोटेस्ट का है। जहाँ हिंसक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की जीप पलट दी थी।
वहीं चौथा वीडियो भी नोएडा में हुए लेबर प्रोटेस्ट का है। जहाँ प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी थी।

दूसरा वीडियो पोस्ट
एक पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा एक्स अकाउंट Zard si Gana ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘भारत के सामने बहुत बड़ी मुश्किलें आने वाली हैं!! भारत की ‘Gen Z कॉकरोच पार्टी’ के प्रदर्शनकारी इस समय PM मोदी और भारत की ‘राजनीतिकरण वाली सेना’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि लोग भारतीय नेताओं और सेना के झूठ से तंग आ चुके हैं। भारतीय सेना अपनी ही जनता के मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है।’

इस वीडियो को मणिपुर पोस्ट ने भी शेयर किया है।
क्या है हकीकत? पीएम मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के इस वीडियो को चार अलग-अलग वीडियो को एक साथ जोड़कर बनाया गया है। पहला वीडियो दिसंबर 2025 का है। जिसमें इसमें कांग्रेस कार्यकर्ता नेशनल हेराल्ड केस में सेंट्रल एजेंसियों के कथित गलत इस्तेमाल के खिलाफ रायपुर में प्रोटेस्ट करते दिख रहे हैं।

दूसरा वीडियो अप्रैल 2026 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राजस्थान में राहुल गांधी के खिलाफ फाइल की गई चार्जशीट के खिलाफ पीएम मोदी का पुतला जलाने का है।

तीसरी वीडियो साल 2020 में हाथरस रेप केस के खिलाफ लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का है।
वहीं चौथा वीडियो दिसंबर 2025 में राजस्थान में अरावली मुद्दे पर हुए प्रदर्शन का है।

तीसरा वीडियो पोस्ट
एक पाकिस्तान अकाउंट आयशा ने लिखा, ‘भारतीय GenZ के विरोध प्रदर्शन फिर भड़के “कॉकरोच जनता पार्टी” के बैनर तले युवा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ राजस्थान के जयपुर की सड़कों पर उतर आई है। प्रदर्शनकारी मौजूदा प्रशासन और सैन्य नेतृत्व का कड़ा विरोध कर रहे हैं, और इसके लिए वे व्यवस्थागत भ्रष्टाचार तथा नागरिक अधिकारों के हनन का हवाला दे रहे हैं। जैसे-जैसे तनाव बढ़ रहा है, युवाओं के नेतृत्व में हो रहा यह आंदोलन देश के मिजाज में आए एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। भारत में जनता का गुस्सा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि ‘मोदी मीडिया’ इसे छिपाने की कोशिश कर रहा है।’
🚨🇮🇳 INDIAN GENZ PROTESTS ERUPT AGAIN
— Ayesha Ufaq (@Ufaq_RM) May 22, 2026
Huge crowds of young activists under the "Cockroach Janta Party" banner have taken to the streets of Jaipur, Rajasthan. The demonstrators are voicing strong opposition to the current administration and military leadership, citing systemic… pic.twitter.com/gn9qN9QXy7
क्या है हकीकत? यह वीडियो राजस्थान के जयपुर का है। जहाँ 20 मई 2026 को NSUI कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
NSUI जयपुर में नीट पेपर लीक का विरोध। @VinodJakharIN @8PMnoCM @arvindchotia @DrRamSinghSamot @DainikBhaskar arpit Sharma pic.twitter.com/EOrAolhpIX
— Arpit Sharma (@Arpit_Dbhaskar) May 21, 2026
चौथा वीडियो पोस्ट
पाकिस्तान अकाउंट आयशा ने लिखा, ‘BREAKING राजनीतिक परिदृश्य बदल रहा है, क्योंकि युवा मतदाता बदलाव की मांग कर रहे हैं। Gen Z अब उदासीनता छोड़कर सक्रिय हो रहा है; वे पुरानी बयानबाज़ी से दूर हटकर एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जो रोज़गार, आज़ादी और वास्तविक प्रगति पर केंद्रित है। यह गति तेज़ हो रही है, और मौजूदा व्यवस्था हिल रही है। #Cockroachisback #GenZRising #PoliticsReimagined’
#BREAKING The political landscape is shifting as young voters demand change.Gen Z is trading apathy for action, moving away from old rhetoric toward a future focused on jobs, freedom, and real progress. The momentum is building, and the status quo is shaking. #Cockroachisback… pic.twitter.com/NXuF7vs9hc
— Ayesha Ufaq (@Ufaq_RM) May 21, 2026
मुसाफिर ने लिखा, ‘Gen Z जाग रहा है। BJP का अंत निकट है।’
Gen Z is waking up. The end of BJP is near…. pic.twitter.com/qe5dHNNS89
— MUSAFIR. (@Peoplepower08) May 20, 2026
क्या है हकीकत? पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो राजस्थान का जहाँ कार्तिकेय भारद्वाज ने पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। कार्तिकेय कांग्रेस पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्त्ता का हैं। उनके पिता कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज जयपुर में सांगानेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं।

पांचवा वीडियो पोस्ट
दीपक चन्द्र ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘पूरी टाइमलाइन “Melodi chocolate” 🍫 पर बहस करने में व्यस्त है, जबकि दूसरी तरफ, अरुणाचल प्रदेश की Gen Z भ्रष्टाचार, घोटालों और खराब शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। क्या यह “Cockroach Janta Party” की ध्यान भटकाने वाली राजनीति का असर है, या फिर भारत की Gen Z सचमुच अब इस तरह से सोचने लगी है?’
The whole timeline is busy debating “Melodi chocolate” 🍫 while, on the other side, Gen Z in Arunachal Pradesh is out on the streets protesting against corruption, scams, and poor governance.
— Deepak Chandra (@BolbhaiChandra) May 20, 2026
Is this the effect of the “Cockroach Janta Party’s” distraction politics, or is India’s… pic.twitter.com/0DRExRgxvL
क्या है हकीकत? यह वीडियो अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर का है, जिसमें ‘अरुणाचल ST बचाओ आंदोलन समिति’ का विरोध प्रदर्शन दिखाया गया है। यह समूह ‘इनर लाइन परमिट’ (ILP) प्रणाली को और अधिक सख्ती से लागू करने और उसके डिजिटलीकरण की मांग कर रहा है।

