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11 Mar 2026, Wed

यह वीडियो यूजीसी के मुद्दे पर गिरिराज सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नहीं है

सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने फिलहाल यूजीसी के नए रेगुलेशन पर रोक लगा दी और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। इस बीच सोशल मीडिया में बेगूसराय के भाजपा सांसद गिरिराज सिंह का एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो में भाजपा कार्यकर्त्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं, दावा है कि यूजीसी को लेकर गिरिराज का विरोध किया गया।

ममता त्रिपाठी ने लिखा, ‘गिरिराज सिंह मु्र्दाबाद… गिरिराज सिंह वापस जाओ… #मोदी सरकार में टेक्सटाइल मिनिस्टर गिरिराज सिंह अपने ही लोकसभा क्षेत्र में बेइज्जत किए गए.. डर के मारे मंत्री जी अपनी तरफ का शीशा भी डाउन नहीं किए कि #ugcregulations को लेकर कौनों पगलेट रेल ना दे और फिर हेडलाइन बन जाए’

एक्स यूजर राजपूत ऑफ़ इंडिया ने लिखा, ‘UGC के खिलाफ मोदी सरकार के मंत्री गिरीराज सिंह के काफिले का विरोध करते युवा क्रांतिकारी। रैली का विरोध , काफिले का विरोध और गांव में घुसने का भी विरोध करो तभी ये सुधरेंगे।’

4PM नेटवर्क ने लिखा, ‘मुर्दाबाद! मुर्दाबाद! मोदी सरकार के मंत्री गिरिराज सिंह का भारी विरोध जनता ने रोक दिया काफिला, काले झंडे लगाकर किया हंगामा गिरिराज सिंह का अपनों ने ही किया विरोध यूजीसी को लेकर हंगामा’

अनुज अग्निहोत्री ने लिखा, ‘तुम्हे क्या लगता है आंधी आएगी वनै वन निकल जाएगी, तुम्हें विरोध झेलना नहीं पड़ेगा?  देखो बेगूसराय में भाजपा के गिरिराज सिंह को UGC का विरोध झेलना पड़ रहा है?  वैसे एक बात कहूं UGC ने सवर्णों की आपसी वैमनस्यता को खत्म करके एकता पैदा कर दी है।’

अनुराधा तिवारी ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया।

इसके अलावा नेहा दास, उमाशंकर सिंह, दुर्गेश पांडेय, रितेश, परमवीर राठौर, उपदेश त्रिपाठी, संजीव पांडेय, प्रार्थना सिंह, अजीत सिंह, ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया है।

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने इस वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को गूगल सर्च किया तो यह वीडियो हमे समाचार संस्थान बिहार तक की रिपोर्ट में मिला। 11 मार्च 2024 को इस वीडियो के साथ लिखा गया, ‘बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अपने ही गढ़ में घिर गए, दर्जनों लोगों ने काला झंडा लेकर उनका विरोध किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। आखिर क्या है इस विरोध के पीछे की वजह और लोगों ने क्यों पकड़े हुए थे भाजपा के झंडे, जानिए इस रिपोर्ट में।’

इस सम्बन्ध में बीबीसी की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट भी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक विरोध प्रदर्शन में शामिल एक युवक विनोद राय का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से केंद्र सरकार की योजनाओं पर काम हो रहा है लेकिन पाँच साल के कार्यकाल में गिरिराज सिंह किसी गाँव में नहीं रुके। वह कहते हैं कि उन्होंने गाँव में एक हैंडपंप तो छोड़ दीजिए, गाय बाँधने का एक खूंटा तक नहीं लगवाया है।

सूर्य शेखर कुमार कहते हैं कि इस इलाक़े में लोग गिरिराज सिंह से नाराज़ हैं। यहाँ उनका कोई काम नज़र नहीं आता है। हमने अपने रेलवे स्टेशन का नाम ‘बरौनी फ्लैग’ से बदलकर ‘बरौनी गाँव’ करने की मांग की थी, वह भी नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि शहर के बीचोंबीच ट्रैफ़िक जाम से छुटकारा पाने के लिए फ़्लाई ओवर का निर्माण और बाईपास रोड पर बेहट में रेलवे फाटक के ऊपर आरओबी (रेलवे ट्रैक के ऊपर से बना पुल) भी बनाया जा रहा है।

दावामोदी सरकार के मंत्री गिरिराज सिंह का भारी विरोध जनता ने रोक दिया काफिला, काले झंडे लगाकर किया हंगामा गिरिराज सिंह का अपनों ने ही किया विरोध।
हकीकतयह वीडियो दो साल पुराना है। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध किया था।

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