सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी तीन युवकों को डंडे से पीटटी हुई नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने कॉलेज की लड़कियों को परेशान करने वाले 3 लड़कों को लाठियों पीटा है। कुछ लोग इस वीडियो को उत्तर प्रदेश का भी बता रहे हैं।
क्या लिख रहे हैं लोग?
खुचरेंप ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘वैसे तो मैं पुलिसिया कार्यवाही का समर्थक नहीं हूं, लेकिन ये सुवर कॉलेज के बाहर लड़कियां छेड़ते थे,इसलिए इन राक्षसों को मेरी तरफ से 20 लाठी मारो। आंध्रप्रदेश’

Ocean jain ने लिखा, ‘महाराज जी मुख्यमंत्री तो बस एक यूपी के बने हैं पर उनकी बजह से माहौल पूरे देश का ख़राब हों गया है। प्रदेश कोई भी हों मुख्यमंत्री कोई भी जो पब्लिक अब योगी एक्शन की ही माँग करती है। विशाखापत्तनम में ये तीन लड़के कॉलेज आने जाने वाली लड़कियों को छेड़ते थे जिसकी बजह से कई लड़कियों ने पढ़ाई छोड़ दी। फिर आंध्र पुलिस ने कॉलेज की लड़कियों को परेशान करने के लिए 3 युवकों को लाठियों से सरेआम पीट उन्हें यूपी पुलिस की याद दिला दी’

सुधीर मिश्रा ने लिखा, ‘जिसने पैर हटाया ,, उसके 5 से 10 लाठियाँ ज्यादा पड़ी.. य़ह लड़कियाँ छेड़ने वाले मंजनू हैं’

क्या है हकीकत?
पड़ताल में वायरल वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को जब गूगल रिवर्स सर्च किया तो हमे टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर 27 मई 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो के द्रश्य हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक आंध्रप्रदेश के ईथानगर में एक पुलिस कांस्टेबल पर हमला करने के आरोप में तेनाली कस्बे की पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी चेब्रोलू जॉन विक्टर (25), शेख बाबूलाल (21) और डोमा राकेश (25) कथित तौर पर लड्डू नाम के एक कुख्यात बदमाश के करीबी सहयोगी हैं। तेनाली टू टाउन पुलिस अधिकारी रामुलु नाइक के अनुसार तीनों आरोपियों ने, ‘किलर’ नामक एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर, गांजे के नशे में धुत होकर कांस्टेबल कन्ना चिरंजीवी पर हमला किया था। हमले के बाद कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रिपोर्ट में आगे लिखा है कि इस गिरफ्तारी के बाद विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि एक वीडियो सामने आया है जिसमें आरोपी को जमीन पर बैठाकर पुलिसकर्मी उसके पैरों पर पिटाई कर रहे हैं।
वहीं 27 मई 2025 को द हिंदू पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक मानवाधिकार मंच (एचआरएफ) ने एक पुलिस कांस्टेबल पर हमला करने के आरोपी तीन युवकों के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट करने के लिए तेनाली पुलिस की कड़ी निंदा की है और इस घटना को संवैधानिक अधिकारों और कानून के शासन का घोर उल्लंघन बताया है।
इस मामले में NDTV की रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश के तेनाली में तीन आदमियों को पैर फैलाकर सड़क के बीचोंबीच बैठा दिया गया। दर्जनों पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सबक सिखाने के लिए सरेआम उनकी पिटाई की। ये तीनों व्यक्ति विक्टर, बाबूलाल और राकेश स्थानीय डॉन लड्डू के अनुयायी हैं और उन्होंने एक महीने पहले नशे की हालत में एक पुलिस कांस्टेबल चिरंजीवी पर हमला किया था। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने पुलिस की इस हरकत को “संवैधानिक मूल्यों पर हमला” करार दिया और कहा कि लोकतंत्र में सार्वजनिक रूप से मारपीट करने की कोई जगह नहीं है।
| दावा | आंध्र प्रदेश पुलिस ने कॉलेज की लड़कियों को परेशान करने वाले 3 लड़कों को लाठियों से सरेआम पीटा। |
| हकीकत | वायरल वीडियो एक साल पुराना है। आंध्रप्रदेश पुलिस ने मई 2025 में एक पुलिस कांस्टेबल पर हमले में आरोपी तीनों लड़कों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गयी थी। |

