लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ देश के अगले आर्मी चीफ होंगे। केंद्र सरकार ने शनिवार को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के लिए उनकी नियुक्ति की मंजूरी दी। सेठ मौजूदा आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून को खत्म होगा। उसी दिन सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ का पद संभालेंगे। इस बीच सोशल मीडिया पर पूर्व भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल पीआर शंकर का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में वो कहते दिखाई दे रहे है कि लेफ्टीनेंट जनरल धीरज सेठ और उनके पिताजी के प्रभावशाली संबंधों और धीरज सेठ को शीर्ष पद के लिए आगे बढ़ाना एक मजबूत राजनीतिक नेटवर्क है। उनका पूरा परिवार सत्ता प्रतिष्ठान से गहराई से जुड़ा हुआ है। हालांकि पड़ताल में यह वीडियो AI जनरेटेड पाया गया।
क्या लिख रहे हैं लोग?
एक पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा यूजर The Fidato ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ”इंडिया डिकोड’ की रिपोर्ट के अनुसार, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पी.आर. शंकर ने भारत के नए आर्मी चीफ के चयन पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसके लिए कथित लॉबिंग, राजनीतिक समर्थन और प्रभावशाली पारिवारिक संबंधों का हवाला दिया है। जब भारत के ही शीर्ष सैन्य अधिकारियों की ओर से पक्षपात के आरोप लग रहे हों, तो इस विवाद को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।’
According to reports highlighted by India Decode, retired Lt Gen P.R. Shankar has publicly questioned the selection of India's new Army Chief, citing alleged lobbying, political backing, and influential family ties.
— The Fidato (@TheFidato) June 16, 2026
️When claims of favoritism are coming from India’s own… pic.twitter.com/4ZSDzHTCOB
पाकिस्तानी यूजर Confront Reality ने लिखा, ‘नए सेना प्रमुख के चयन पर लेफ्टिनेंट जनरल पी.आर. शंकर ने भारत के नए सेना प्रमुख की नियुक्ति पर खुलकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रभावशाली पारिवारिक संबंधों, राजनीतिक प्रभाव और सिस्टम के भीतर कथित लॉबिंग की ओर इशारा किया है।’
New Army Chief Selection
— Confront Reality (@ConfrontReal) June 16, 2026
Lt Gen P.R. Shankar has openly questioned the appointment of India’s new Army Chief, pointing to powerful family connections, political influence, and alleged lobbying within the establishment.#India #Army #Nepotism pic.twitter.com/r4OZrtxE3d
इसी तरह के दावे के साथ इस वीडियो को दानिश, लक्ष्मी कुमार, Fact Vault ने भी शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने पूर्व जनरल पी आर शंकर के एक्स एकाउंट को खंगाला तो उनका एक पोस्ट मिला। इस पोस्ट में उन्होंने वायरल वीडियो का खंडन किया। पी आर शंकर लिखते हैं,’यह पूरी तरह से एआई द्वारा बनाई गई फर्जी सामग्री है। यह मेरी आवाज़ बिल्कुल नहीं है। @adgpi @PMOIndia @rajnathsingh @SpokespersonMoD मेरे हाल के एक वीडियो की आवाज़ को लेकर उस पर डबिंग की गई है।’

पड़ताल में आगे हमे गनरशॉट नाम के यूट्यूब चैनल पर उनका असल वीडियो में। यह वीडियो बिल्कुल वायरल वीडियो जैसा है, वही सेटअप वही कपड़े भी पहने नजर आ रहे है। हालाँकि इस वीडियो में वो ईरान-यूएसए डील को लेकर बात कर रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने कहीं भी लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को लेकर बात नहीं की है।
| दावा | लेफ्टीनेंट जनरल पी आर शंकर ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को शीर्ष पद पर बढ़ाए जाने को एक राजनीतिक और प्रभावशाली संपर्क का परिणाम बताया। |
| हकीकत | हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो AI जनरेटेड निकला पूर्व जनरल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। उनके ईरान – यू.एस.ए डील को लेकर दिए गए बयान का वीडियो उठाकर उसे AI से डब्ड किया गया है। |

