हमीरपुर में बच्चों के साथ मारपीट की 8 साल पुरानी खबर भ्रामक दावे के साथ वायरल
सोशल मीडिया में हिंदी अखबार की एक कटिंग वायरल है। इसके मुताबिक यूपी के हमीरपुर में दो दलित बच्चों को निर्वस्त्र कर पीटा गया। दोनों को कुएं में हाथ बांधकर लटका दिया और यमुना में डुबो-डुबोकर पीटा। भीम...
सोशल मीडिया में हिंदी अखबार की एक कटिंग वायरल है। इसके मुताबिक यूपी के हमीरपुर में दो दलित बच्चों को निर्वस्त्र कर पीटा गया। दोनों को कुएं में हाथ बांधकर लटका दिया और यमुना में डुबो-डुबोकर पीटा।
भीम आर्मी के कार्यकर्त्ता मंजीत सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘सत्ता के नशे में इतना अपराध ठीक नहीं l अब दलित नहीं झुकेगा जांच कर कारवाई बेहद जरूरी l अन्यथा जल्द पहुंचने का ऐलान होगा’
सत्ता के नशे में इतना अपराध ठीक नहीं l
— Manjeet Singh Notiyal (@Manjeetsnotiyal) May 11, 2026
अब दलित नहीं झुकेगा जांच कर कारवाई बेहद जरूरी l
अन्यथा जल्द पहुंचने का ऐलान होगा. @Uppolice pic.twitter.com/P6LOZAC69j
रवि आर्या ने लिखा, ‘पी में किसकी सरकार? भाजपा सरकार, भाजपा सरकार क्या हो रहा है आपके साथ? अत्याचार, अत्याचार’
यूपी में किसकी सरकार?
— Ravi Arya (@raviadi7793) May 12, 2026
भाजपा सरकार, भाजपा सरकार
क्या हो रहा है आपके साथ?
अत्याचार, अत्याचार 😡 pic.twitter.com/qE17ZebrAW
पवन ने लिखा, ‘आजादी का मृत महोत्सव’
आजादी का मृत महोत्सव pic.twitter.com/tLxyGrU0gi
— पवन (@Voiceofpavan) May 12, 2026
गिरिजा शंकर पाल ने लिखा, ‘ये खबर नहीं, इंसानियत पर कलंक है। हमीरपुर में दलित बच्चों को निर्वस्त्र कर दी गई यातनाएं— क्या यही है हमारा समाज? क्या यही है कानून का डर? जब मासूम बच्चों को इस तरह सरेआम प्रताड़ित किया जाता है, तो सवाल सिर्फ अपराधियों पर नहीं, पूरे सिस्टम की चुप्पी पर उठता है।’
✍️🔛ये खबर नहीं, इंसानियत पर कलंक है।
— Girija Shankar Pal (@Girijapalpbh) May 12, 2026
हमीरपुर में दलित बच्चों को निर्वस्त्र कर दी गई यातनाएं—
क्या यही है हमारा समाज? क्या यही है कानून का डर?
जब मासूम बच्चों को इस तरह सरेआम प्रताड़ित किया जाता है,
तो सवाल सिर्फ अपराधियों पर नहीं,
पूरे सिस्टम की चुप्पी पर उठता है।
👉 क्या दलित… pic.twitter.com/5iIHamE0rj
इसके अलावा वामपंथी नेता सुभासिनी अली, सूरज जाटव ने भी इस कटिंग को शेयर किया है
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने सम्बन्धित कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया तो हिंदी अखबार पत्रिका की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। 27 अप्रैल 2018 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक हमीरपुर ज़िले में सुमेरपुर थाने के भौरा गाँव निवासी दलित किसान राम खिलावन के दो मासूम बच्चे 9 से दस साल के हैं। इन दोनों बच्चों को डीजे की चोरी के आरोप में गाँव के ही आधा दर्जन दबंग पकड़ कर ले गए थे और उन दबंगों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दोनों मासूमों को नदी के पानी में डुबाया, कुँए में लटकाया, उनके शरीर में पेट्रोल डाला। तब भी मन नहीं भरा तो ब्लेड से दोनों बच्चों के प्राइवेट पार्ट सहित जिस्म में कई जगह वार कर लहू लुहान कर दिया।
इस सम्बन्ध में हमने अमर उजाला की वेबसाइट पर अप्रैल 2018 का पुराना ईपेपर तलाशा तो यह खबर 28-29 अप्रैल 2018 को प्रकाशित मिली। पुराना ईपेपर तलाशा तो यह प्रकरण 28-29 अप्रैल 2018 को प्रकाशित मिला। रिपोर्ट के मुताबिक सुमेरपुर थाने के भौरा गाँव निवासी लालमन निषाद की बेटी की शादी थी। शादी से सामान चोरी होने की आशंका में रामखिलावन अहिरवार उर्फ़ रामखिलावन वर्मा के बेटे रीशु और उसके दोस्त विजय निषाद को लोगों ने पीटा था। इस सम्बन्ध में पुलिस ने लालमन निषाद, छुटकू निषाद और छोटू निषाद के खिलाफ केस दर्ज किया था।

इसके बाद हमने भौरा गाँव प्रधान सुरेन्द्र सिंह से भी सम्पर्क किया। हमने उन्हें घटना के सम्बन्ध में बताया तो उन्होंने कहा कि यह मामला काफी पुराना है। लालमन निषाद की बेटी की शादी में सामान चोरी के आरोप में दो युवकों को पीटा गया था। इसमें एक रामखिलावन वर्मा का बेटा रीशु है जबकि दूसरा बच्चा विजय निषाद है।
पड़ताल के क्रम में हमने भौरा गाँव प्रधान की मदद से पीड़ित राम खिलावन से सम्पर्क किया। उन्होंने बताया कि उनका नाम रामखिलावन वर्मा है। मैं अनुसूचित जाति से आता हूँ, इस घटना में मेरा बेटे रिशु वर्मा और रामपाल निषाद के बेटे विजय निषाद को पीटा गया था।
उन्होंने आगे बताया कि गाँव में लालमन निषाद की बेटी की शादी थी। शादी में चोरी के आरोप में दोनों बच्चों रीशु वर्मा और विजय निषाद को लालमन निषाद, छुटकू निषाद और छोटू निषाद ने पीटा था। इस मामले में पुलिस ने लालमन निषाद, छुटकू निषाद और छोटू निषाद के खिलाफ एफआईआर फर्ज करवाई थी। मैं अनुसूचित जाति वर्ग से हूँ इसीलिए केस SC-ST एक्ट में दर्ज किया गया था। फिलहाल यह मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है।
निष्कर्ष: हमीरपुर में दो बच्चों के साथ मारपीट का यह प्रकरण अप्रैल 2018 का है। इस मामले में पीड़ित बच्चों में एक एक बच्चा दलित हैं, साथ ही बच्चों को चोरी के शक में पीटा गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था



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