सोशल मीडिया में एक वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के झांसी में एक युवक द्वारा एक दलित बच्चे से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। हालाँकि पड़ताल में पता चलता कि यह दावा पूरी तरह झूठा है।
समाजवादी पार्टी पूर्व प्रदेश सचिव शिवम शेरा यादव ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘झाँसी में दलित बच्चों के साथ दुष्कर्म करने का वीडियो आया सामने बेटी बचाओ देश बचाओ का नारा देने वाले अब सभी नेता कहां है। बाबा के सरकार की पुलिस कहां सोई हुई है। जो बच्चियों के दिन दहाड़े शोषण किया जा रहा है। फाँसी चढ़ा दीया जाए इसे’

नंद किशोर शाक्य ने एक्स पर लिखा, ‘न्याय की मांग, झांसी में दलित बच्चों के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने की खबर बेहद चिंताजनक है। यदि आरोप सत्य हैं, तो दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए। बेटी बचाओ, देश बचाओ का नारा केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सरकार, प्रशासन और समाज सभी की जिम्मेदारी है।’
🚨 न्याय की मांग 🚨
— नन्द किशोर शाक्य (@NandKis96343769) June 8, 2026
झांसी में दलित बच्चों के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने की खबर बेहद चिंताजनक है।
यदि आरोप सत्य हैं, तो दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए।
बेटी बचाओ, देश बचाओ का नारा केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और… pic.twitter.com/uEk7uppH2p
जन कल्याण पत्रकार नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ‘झाँसी में दलित बच्चों के साथ दुष्कर्म करने का वीडियो आया सामने बेटी बचाओ का नारा देने वाले अब सभी नेता कहां है वायरल वीडियो में इस दुष्ट को कड़ी से कड़ी सजा मिले’
#झाँसी #mauranipur : में दलित बच्चों के साथ दुष्कर्म करने का वीडियो आया सामने बेटी बचाओ का नारा देने वाले अब सभी नेता कहां है वायरल वीडियो में इस दुष्ट को कड़ी से कड़ी सजा मिले @jhansipolice @Uppolice @dgpup @upviralcheak pic.twitter.com/I6zs1couAI
— जन कल्याण पत्रकार (@tech10950763) June 7, 2026
क्या है हकीकत? दावे की पड़ताल में हमने सम्बंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया लेकिन हमे इस दावे को लेकर कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।
इसके बाद हमे झांसी पुलिस के एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो को लेकर एक स्पष्टीकरण मिला। पोस्ट में पुलिस ने बताया है कि झाँसी पुलिस के थाना मऊरानीपुर पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच की तो पाया कि यह वीडियो 6 साल पुराना है। जांच के दौरान बच्चे के पिता नफीस राईन ने बताया कि वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम आशिक राईन है और वह उनके बच्चे के साथ कुछ गलत हरकत नहीं कर रहा था। दरअसल, नफीस राईन, आशिक राईन के मकान में किराये पर रहते हैं। घटना के वक्त उनका बेटा 8 साल का था और गुटखा खाने लगा था। नफीस राईन और उनकी पत्नी द्वारा डांटने के बाद भी बच्चा गुटखा खाना नहीं छोड़ रहा था। जिसके बाद आशिक राईन बच्चे को समझाने के उद्देश से उसे डांट रहा था। घटना के वक्त वह और उनकी पत्नी भी मौके पर मौजूद थीं। नफीस राईन ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो को गलत और भ्रामक संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है।

निष्कर्ष: पड़ताल से स्पष्ट है कि झांसी में दलित बच्चे के साथ दुष्कर्म का दावा गलत है। यह वीडियो वायरल 6 साल पुराना है। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति बच्चे के साथ कोई अश्लील हरकत नहीं कर रहा था, बल्कि उसे गुटखा खाने से रोकने और समझाने के लिए डांट-फटकार रहा था। यह बच्चा भी दलित नहीं, मुस्लिम समुदाय से है।

