पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर दशकों से भारत और चीन के आपसी संबंधों में तनाव रहा है। चीन हमेशा इसके दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है। अपनी संप्रभुता दिखाने के लिए चीन अक्सर अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नए चीनी नाम जारी करता है, वहां के नागरिकों को स्टेपल वीजा देता है और सीमा के पास बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की भी कोशिश करता है। हालांकि भारत ने कई मौकों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदल सकती। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया में कई वीडियो वायरल हुए हैं, इन वीडियो के साथ दावा है कि चीनी आर्मी अरुणाचल प्रदेश में दाखिल हो गयी है या चाइना ने अरुणाचल प्रदेश के इलाकों में कब्जा कर लिया है।
पहला वीडियो,
पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट ‘IRAN IRGCC‘ ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘चिंताजनक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले के टक्सिंग सेक्टर में लगभग 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आए और नए कैंप बना लिए, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं।’
🚨 Alarming reports claimed that Chinese troops advanced nearly 60 km into the Taksing sector of Arunachal Pradesh's Upper Subansiri district and established new camps, raising serious security concerns. pic.twitter.com/oPt9y5QynC
— IRAN IRGCC (@IranIRGCC) July 6, 2026
कांग्रेस कार्यकर्त्ता दिनेश पन्त ने लिखा, ‘अगर यह खबर सच है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर तक घुसपैठ की है, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है, ऐसी स्थिति में देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जनता को सरकार और संबंधित एजेंसियों से स्पष्ट, पारदर्शी और आधिकारिक जानकारी मिलने की उम्मीद है, हम सभी का कर्तव्य है कि किसी भी वायरल खबर को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करें, देशहित में जागरूक रहें, अफवाहों से बचें और सत्य का साथ दें। राष्ट्रहित सबसे ऊपर।’
🚨 अगर यह खबर सच है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर तक घुसपैठ की है, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है,
— 𝘿𝙞𝙣𝙚𝙨𝙝𝙋𝙖𝙣𝙩_𝙄𝙉𝘾 (@IncPantd69) July 6, 2026
ऐसी स्थिति में देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए,
जनता को सरकार और संबंधित एजेंसियों से स्पष्ट, पारदर्शी और आधिकारिक जानकारी मिलने की उम्मीद है,
हम… pic.twitter.com/lULQsKdVU7
मोहसिन काजमी ने इन्स्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘देश डूब रहा है’
इसी तरह के दावे के इस वीडियो को दिनेश चौहान, सोनू शाह, मयंक पंडित, नियाज अहमद, संजना, पंजाबी, रिजवान, शिवानी रैना, अमरीश, फुरकान, ने पोस्ट किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने इस वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो यह वीडियो हमे थाईलैंड के एक फेसबुक यूजर के अकाउंट पर मिला, इस वीडियो को 16 जून को ‘लंबी दूरी की पदयात्रा की झलकियाँ। #प्रशिक्षक #NCO3069 #लेयंगफाखाखैंग #तीसरीबटालियनदूसरीकंपनी #आगेबढ़ोयुवाओं #लंबीदूरीकीपदयात्राऔररात्रिविश्राम‘ कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था।

इस अकाउंट पर थाईलेंड के जवानों की ट्रेनिंग के कई और वीडियो भी मौजूद है।

दूसरा वीडियो,
पुष्पराज शर्मा ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘चीन की सेना फायरिंग करते हुए अरुणाचल में करीब 30 किलोमीटर तक घुस आई है। लेकिन सरकार चुप है क्योंकि सरकार सिर्फ कमजोर पाकिस्तान को आंखे दिखा सकती गई चीन को नहीं। और ये खबर पक्की है क्योंकि अरुणाचल में एक दोस्त से कन्फर्म किया है मैने।’

एक इन्स्टाग्राम यूजर ने वीडियो पर ‘चाईना ने भारतीय सीमा पार की’ कैप्शन के साथ इसे पोस्ट किया।
इस वीडियो को इन्स्टाग्राम पर खबरनामा ने भी पोस्ट किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमे यह वीडियो हमे मीडिया आउटलेट ‘India Today NE’ के इन्स्टाग्राम अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 25 अप्रैल 2026 को पोस्ट किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक मणिपुर में उखरुल हेडक्वार्टर से आ रहे असम राइफल्स के काफिले ने तालुई गांव में स्थानीय महिलाओं द्वारा लगाए गए बैरिकेड को जबरन पार किया। आरोप है कि काफिले के गुजरने के दौरान गोलीबारी हुई, जिससे अफरातफरी मच गई और एक महिला घायल हो गई। जब काफिला हूमी की ओर बढ़ा तो स्थानीय लोगों ने उसे फिर से रोकने की कोशिश की लेकिन वहां भी गोलीबारी की खबर मिली, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया।

तीसरा वीडियो,
उत्तम चंद ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘चीन ने भारत के हा भारत के अरुणाचल प्रदेश मैं घुस कर अरुणाचल प्रदेश से 60 किलोमीटर जमीन पर कब्ज़ा कर लिया और फिर अगामी सारी गतिविधियों को दरकिनार कर इस देश याने कि हमारे भारत का मालिक अपनी छुट्टियाँ बिताने निकल पड़े हैं विदेश यात्रा पे ……… क्या ही फर्क पड़ता है’

नियार इकबाल ने इन्स्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘वह मोदी जी वह आपका 56 इंच का सीन कहां गया आप तो चीन से नहीं लड़ सकते हैं कि आपके पास ताकत ही नहीं है आप तो सिर्फ पाकिस्तान से लड़ जाएगा हिंदुस्तान के मुसलमान लडि़एगा क्योंकि आप यह नया भारत कुर्सी बचाने के चक्कर में भारत को भेज रहे हैं जब से भाजपा आई है तब से पूरा तानाशाही हो गया पूरा भारत को’
इसके अलावा सौरभ छाबड़ा ने भी इस वीडियो को शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
हमे इस वीडियो को लेकर फिलहाल हमे अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के कब्जे के सम्बन्ध में कोई प्रमाणिक रिपोर्ट नहीं मिली है हालाँकि हम यह स्पष्ट यह कह सकते हैं कि यह मणिपुर का पुराना वीडियो है।
चौथा वीडियो,
एक बांग्लादेशी यूजर ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘चीन द्वारा पकड़े जाने के बाद, भारत का BSF कान पकड़कर बैठा है…’
After being captured by China, India's BSF is holding its ears and is sitting up, Bharat Sakta's devotee is the Yama of the Norm.https://t.co/oZSmfGrDmP#BorderSituation #BorderSecurity #viralvideotiktok pic.twitter.com/rp3ozlBV8K
— monir bro (@RahamanMof89163) July 3, 2026
शाहरुख ने इन्स्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर लिखा, ‘आज भारत चीन के सामने झुक गया नरेंद्र मोदी देश के गद्दार पीएम’
क्या है हकीकत?
पड़ताल के दौरान हमने देखा कि वीडियो पर ‘Sesh TV’ का वॉटरमार्क मौजूद है। इसके आधार पर सर्च करने पर हमें ‘Sesh TV’ का फेसबुक पेज मिला, जो एक बांग्लादेशी पेज है। इस वीडियो को यहाँ एक जुलाई को शेयर किया गया था, पोस्ट के विवरण में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि इसे AI की मदद से तैयार किया गया है।

इस वीडियो में चीनी सैनिकों के सामने भारतीय जवानों की उठक-बैठक में बॉडी मूवमेंट अस्वाभाविक नजर आती है। साथ ही यूनिफॉर्म, हथियार और बैकग्राउंड में भी कई दृश्य असंगतियां दिखाई देती हैं, जो AI-निर्मित वीडियो की सामान्य पहचान हैं। AI डिटेक्शन टूल HIVE ने भी इस वीडियो के AI-जनरेटेड होने की पुष्टि की है।

पांचवा वीडियो,
राजू चौधरी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘हमारा ध्यान राम मंदिर में हुए चंदे की चोरी में उलझ गया, उधर चीन ने LAC के इस पार एक नई कॉलोनी तक बसा दी। लेकिन मोदी जी और उनकी मंडली की ओर से इस पर एक शब्द तक नहीं निकला। स्थानीय नागरिक इसे जबरन कब्जा बता रहे हैं, जबकि मंत्री किरण रिजिजू इसे LAC की स्थिति तय न होने का कारण बता रहे हैं। मंत्री जी, यदि LAC की स्थिति तय नहीं है, तो भारत भी थोड़ा उधर जा सकता है। सिर्फ़ चीन ही इधर क्यों आ रहा है? देश की राजनीति से ज्यादा जरूरी देश की सुरक्षा है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए’

क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमे यह वीडियो एक एक्स यूजर कुनाल की प्रोफाइल पर मिला, वीडियो को 31 दिसम्बर 2021 को ‘अरुणाचल प्रदेश के बुम ला के पास भारतीय सेना द्वारा चीनी PLAGF सैनिकों को रोकना’ कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था।

इस सम्बन्ध में एनबीटी की 1 जनवरी 2022 को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल में ही भारतीय सेना का बुम ला (दर्रा) के पास चीनी सेना के एक गश्ती दल से आमना-सामना हुआ था। भारतीय सेना के हस्तक्षेप के बाद चीनी सेना को मजबूरन पीछे लौटना पड़ा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर भी किया जा रहा है।
छठा वीडियो,
एक इन्स्टाग्राम यूजर राम कुमार के वीडियो में बताया गया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना कब्जा कर रही है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल हमे इस वीडियो से सम्बन्धित रिपोर्ट नेपाली मीडिया आउटलेट ‘Kantipur’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो के द्रश्य स्पष्ट नजर आते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक नेपाली सेना ने गोरखा-जितगढ़ी एकीकरण रूट पर एक ट्रेक शुरू किया है। सेना की रुद्रध्वज बटालियन ने शुक्रवार को गोरखा दरबार के हनुमानभंज्यांग से यह ट्रेक शुरू किया। टीम ने ऐतिहासिक मिलिट्री यूनिफॉर्म और हथियारों के साथ ट्रेक शुरू किया। गोरखा दरबार में ट्रेक टीम को विदाई देते समय नेपाली सेना की स्थापना के समय की पांच कंपनियों के झंडे और ‘विक्ट्री लैंप’ (विजय ज्योति) सौंपे गए। नेपाल-एंग्लो युद्ध के दौरान रूपंदेही के जितगढ़ी किले में हुई लड़ाई में मिली जीत की याद में, बुटवल सब-मेट्रोपॉलिटन सिटी हर साल बैसाख 7 तारीख को विजय उत्सव मनाती है।
इसी तरह नेपाली मीडिया ‘Online Khabar’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि नेपाल सेना की गोरखा दरबार से जीतगढ़ी तक ऐतिहासिक एकीकरण मार्ग पर पदयात्रा शुरू हो गई है। यह पदयात्रा का चौथा संस्करण है, जो शुक्रवार को शुरू हुआ। गोरखा दरबार के हनुमान भंज्यांग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रेक में भाग लेने वालों को विदाई दी गई। रुद्रध्वज बटालियन के कमांडर बिरोध रिजाल ने बताया कि उन्हें नेपाली सेना की पहली कंपनियों (श्रीनाथ, सबुज, पुराना गोरख, बर्दवानी और कालीबॉक्स) के झंडे और मशालें सौंपकर विदाई दी गई।
सातवाँ वीडियो,
एक इन्स्टाग्राम यूजर विष्णु ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘भारत की सीमा में घुस गया चीन कहाँ है मोदी’
क्या है हकीकत?
अपनी पड़ताल में हमने इस वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो यह वीडियो हमे एक इन्स्टाग्राम यूजर की प्रोफाइल पर मिला, यहाँ इस वीडियो को बिना किसी कैप्शन के 24 फरवरी 2026 को पोस्ट किया गया था। यह वीडियो जवानों की ट्रेनिंग जैसा नजर आता है, साथ ही इन जवानों का रंगरूप या युनिफोर्म भी चाइना की आर्मी जैसी नहीं है।

आठवां वीडियो,
एक एक्स यूजर समाजवादी सौरभ ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘BJP MP MLA चुराने में मस्त और BJP RSS मंदिर चुराने में मस्त adani आदिवासी को उजाड़ने में लगे हैं चिन अरुणाचल प्रदेश 60 KM भारत 🇮🇳 अंदर आ घुसी किया मोदी के लाल आँख कब दिखायेगी’
BJP MP MLA चुराने में मस्त और BJP RSS मंदिर 🛕 चुराने में मस्त adani आदिवासी को उजाड़ने में लगे हैं चिन अरुणाचल प्रदेश 60 KM भारत 🇮🇳 अंदर आ घुसी किया मोदी के लाल आँख कब दिखायेगी…??? pic.twitter.com/CVhjS8UxGY
— samajwadi_saurabh007 (@Saurabh79711342) July 7, 2026
प्रणब कुमार रॉय ने लिखा, ‘भाजपा सांसद और विधायक चुराने में मस्त और बीजेपी और RSS मंदिर चुराने में मस्त। अडानी आदिवासी को उजाड़ने में लगे हैं पर दूसरी तरफ चिन अरुणाचल प्रदेश 60 KM भारत अंदर घुस और है पर मोदी चीन को लाल आँख दिखाने से डरे हुए है।’
भाजपा सांसद और विधायक चुराने में मस्त और बीजेपी और RSS मंदिर 🛕 चुराने में मस्त। अडानी आदिवासी को उजाड़ने में लगे हैं पर दूसरी तरफ चिन अरुणाचल प्रदेश 60 KM भारत 🇮🇳 अंदर घुस और है पर मोदी चीन को लाल आँख दिखाने से डरे हुए है। pic.twitter.com/x4a1R1Mw1x
— Pronob Kumar Roy (@PronobKumarRoy) July 7, 2026
क्या है हकीकत?
हमने इस वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो यह वीडियो में हमे एक यूट्यूब चैनल मिला, यहाँ इस वीडियो को साढ़े 5 साल पहले 7 दिसम्बर 2020 को अपलोड किया गया था।

नौवां वीडियो,
इन्स्टाग्राम यूजर ‘Transportnewsindia‘ ने अरुणाचल प्रदेश में 60KM तक चीनी कब्जे कैप्शन वाला वीडियो पोस्ट किया है।

क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमे यह वीडियो एक थाईलैंड टिकटॉक यूजर की प्रोफाइल पर मिला। इस अकाउंट पर थाईलेंड की आर्मी से जुड़े कई वीडियो पोस्ट किए गये हैं।

| दावा | सोशल मीडिया पर अलग-अलग वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ कर ली है, भारतीय सीमा के अंदर कब्जा कर लिया है और LAC पर चीन की सैन्य गतिविधियों को दिखाने वाले ये वीडियो वास्तविक हैं। |
| हकीकत | पड़ताल में वायरल वीडियो भ्रामक निकले। इनमें से कई वीडियो थाईलैंड, मणिपुर और नेपाल के पुराने या असंबंधित वीडियो हैं, एक वीडियो AI-जनरेटेड है जबकि अन्य वीडियो भी पुराने या गलत संदर्भ में शेयर किए गए हैं। अरुणाचल प्रदेश में चीनी कब्जे या वायरल दावों की पुष्टि करने वाला कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला है। |

