सोशल मीडिया पर एनबीटी का एक पोस्टकार्ड वायरल है। इस पोस्टकार्ड में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनके पिता की मौत आजादी की लड़ाई में हुई थी, साथ ही उन्होंने पिता की मौत का कारण भीषण गर्मी को बताया और लोगों को ज्यादा पानी पीने की सलाह दी। इस पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
शेखर खरे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,’कबीरा टट्टी ऐसी लगी की निकल गए अब्बाजान, इसलिए चिचा शौचालय बंनाने को हैं मेहरबान,,!! जपनाम, जपनाम,,!! ये nbt वाले भी खूब,,!!
कबीरा टट्टी ऐसी लगी की निकल गए अब्बाजान ,
— Shekhar Khare ( सेवानिवृत्त ) (@SKkhare11) June 7, 2026
इसलिए चिचा शौचालय बंनाने को हैं मेहरबान,,!!
जपनाम, जपनाम,,!! ये nbt वाले भी खूब,,!! pic.twitter.com/WWfTxAtUNT
कुलदीप सिंह ने लिखा, ‘भक्तों के लिए पेस है नयी गप्प। अब बेटा लपेटते रहो।’
भक्तों के लिए पेस है नयी गप्प। अब बेटा लपेटते रहो।🤣🤣🤣🤣 pic.twitter.com/WMAFwXWoyQ
— ठाकुर कुलदीप सिंह (स्वतंत्र विचार) (@Ramesh18498367) June 7, 2026
Sharmass ने लिखा, ‘प्रधान मंत्री को याद है. उनका जन्म 1950 में हुआ. यानी याददाश्त उसके बाद की होगी. जेल में पिताजी का इलाज नहीं हुआ था – यानी 1947 से पहले – तीन-चार साल बाद बेचारे दस्त के कारण स्वर्गवासी हो गए. पानी पीते रहिए. वर्ना तीन-चार साल बाद भी हगते-हगते आपकी मौत हो सकती है.’
प्रधान मंत्री को याद है. उनका जन्म 1950 में हुआ. यानी याददाश्त उसके बाद की होगी. जेल में पिताजी का इलाज नहीं हुआ था – यानी 1947 से पहले – तीन-चार साल बाद बेचारे दस्त के कारण स्वर्गवासी हो गए.
— sharmass27@yahoo.in (@sharmass27yaho1) June 7, 2026
पानी पीते रहिए. वर्ना तीन-चार साल बाद भी हगते-हगते आपकी मौत हो सकती है. pic.twitter.com/Db8K3Ev8dH
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने एनबीटी के फेसबुक पेज को खंगाला, एनबीटी के फेसबुक पेज की जांच में हमें वायरल पोस्टकार्ड नहीं मिला।इसके बजाय हमें अलग टेक्स्ट वाला मूल पोस्टकार्ड मिला। इस पोस्टकार्ड को 26 अप्रैल 2026 को पोस्ट किया गया था, पोस्टकार्ड पर लिखा था, ‘दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना 2027 को डिजिटल बनाया गया है।’
पोस्टकार्ड के साथ साझा किए गए कैप्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी दिया गया था। इसमें कहा गया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण में कहा, “हमारे देश में इस समय एक बहुत अहम अभियान चल रहा है, जिसके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी जरूरी है। यह है जनगणना का अभियान, यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है… जनगणना 2027 को डिजिटल बनाया गया है, सारी जानकारी सीथे डिजिटल माध्यम में दर्ज हो रही है। घर-घर जाने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप है, वे आपसे बात कर उसी में जानकारी दर्ज करेंगे। इस बार जनगणना में आपकी भागीदारी भी आसान बनाई गई है, आप खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, कर्मचारी के आने के 15 दिन पहले आपके लिए सुविधा शुरु होगी।”
निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में पाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नहीं कहा कि आजादी की लड़ाई में उनके पिता की मौत हुई, न ही उन्होंने पिता की मौत का कारण भीषण गर्मी बताते हुए ज्यादा पानी पीने की सलाह नहीं दी थी। वायरल एनबीटी पोस्टकार्ड एडिटेड है।

