सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला तेज आंधी-बारिश के दौरान छोटे-छोटे बच्चों को बचाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य भारत के सरकारी स्कूल का है।
Dr Ranjan ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘भारतीय मानसून के दौरान सरकारी स्कूलों की हालत… शिक्षा के लिए वोट करें।’
Condition of Govt Schools in Indian Monsoon Season…
— Dr Ranjan (@DocRGM) June 1, 2026
Vote for Education. pic.twitter.com/0YMjCJBKKZ
वहीं Indian नाम के एक एक्स यूजर ने दावा किया, ‘मानसून में सरकारी स्कूलों की स्थिति। जब आप शिक्षा के बजाय धर्म के नाम पर वोट देते हैं, तो आपके बच्चों को यही मिलता है।’

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने इस वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट्स को गूगल रिवर्स सर्च किया तो यह वीडियो हमे हमें Inside Nepal नाम के फेसबुक पेज पर मिला। वीडियो के साथ लिखे गए टेक्स्ट की जांच करने पर पता चला कि वह नेपाली भाषा में लिखा गया है। टेक्स्ट में बताया गया है कि यह दृश्य नेपाल के कपिलवस्तु जिले के विजयनगर स्थित रामशरण आधारभूत विद्यालय का है, जहां भीषण आंधी-बारिश के दौरान जर्जर स्कूल भवन बारिश और तेज हवा का सामना नहीं कर पाया। इसके बाद एक शिक्षिका ने चारपाई को छत की तरह इस्तेमाल कर छोटे-छोटे बच्चों को बचाने की कोशिश की।
हमें यही वीडियो Gauriganj Darpan नाम के फेसबुक पेज पर भी मिला। वहां भी वीडियो को विजयनगर, कपिलवस्तु स्थित रामशरण आधारभूत विद्यालय का बताया गया है। इस पेज पर दी गई जानकारी में इसकी लोकेशन झापा जिला, नेपाल दर्ज है।


निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर इस वीडियो को भारतीय सरकारी स्कूल का बताकर शेयर किया जा रहा है, लेकिन यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि नेपाल के कपिलवस्तु जिले स्थित एक स्कूल का है।

