सोशल मीडिया एनबीटी का एक पोस्टकार्ड वायरल है, इस पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ट्रेनों में किन्नर बनकर यात्रियों से पैसे मांगने वाले युवक संघ से जुड़े हुए हैं। इस दावे के साथ कई सोशल मीडिया यूजर्स वायरल कटिंग पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
आचार्य कन्फ़्यूशियस ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ‘हे राम!! यही बापू के अंतिम शब्द थे मित्रों! हमारे मुंह से भी यही निकले इस खबर को देखने के बाद! इनके भी अच्छे दिन आ गए BC! Beyond Conception! लमो लमो….’
हे राम!!
— आचार्य कन्फ़्यूशियस (@AchryConfucious) June 6, 2026
यही बापू के अंतिम शब्द थे मित्रों!
हमारे मुंह से भी यही निकले इस खबर को देखने के बाद!
😭😭😭
इनके भी अच्छे दिन आ गए BC! Beyond Conception!
🤦🤣🤣🤣
लमो लमो…. pic.twitter.com/GKalJYll6c
Lovely ने पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ‘हाये दईया, अंडों के तो अच्छे दिन आ गए, भईया,’
हाये दईया,
— Lovely (@Lovely92698976) June 6, 2026
अंडों के तो अच्छे दिन आ गए,
भईया,
🙊👇🙊 pic.twitter.com/wqD4PQYHF2
इसके अलावा गर्वी रावत ने भी इसे शेयर किया है।
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने एनबीटी के फेसबुक पेज को खंगाला तो असल पोस्टकार्ड मिला। इस पोस्टकार्ड पर लिखा है, ‘ट्रेन में पैसे वाले किन्नर असली नहीं, 6 महीने में पकड़े गए 60 नकली हिजड़े, आरपीएफ ने पकड़ा तो सभी मर्द निकले’ इस पोस्टकार्ड के साथ कैप्शन में लिखा है,
‘ट्रेनों में आपसे पैसे मांगने वाले किन्नर असली नहीं हैं। ये खुलासा जबलपुर आरपीएफ की कार्रवाई में हुई है। छह महीने के अंदर 60 से अधिक ऐसे युवक पकड़े गए हैं, जो ट्रेनों में नकली किन्नर बनकर लोगों से रुपए मांगते हैं। इनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि ये लोग बेरोजगारी की वजह से ऐसा कर रहे हैं। दरअसल, पश्चिम मध्य रेलवे का मुख्यालय जबलपुर में है। तीन जून को रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की तरफ से ट्रेनों में स्पेशल अभियान किन्ररों के खिलाफ चलाया गया था। आरपीएफ को लगातार शिकायत मिल रही थी कि किन्नर यात्रियों को परेशान कर रहे हैं। साथ ही उनसे अवैध वसूली की जा रही है। इसके बाद अलग-अलग ट्रेनों में चेकिंक अभियान चलाया गया।’
हमे इस सम्बन्ध में नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (CRPF) को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ किन्नर यात्रियों को परेशान कर रहे हैं और उनसे अवैध वसूली कर रहे हैं। शिकायतों के आधार पर 3 जून को ट्रेनों में विशेष अभियान चलाया गया। जांच के दौरान आरपीएफ ने कई ऐसे लोगों को पकड़ा जो किन्नर बनकर यात्रियों से पैसे मांग रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार बीते छह महीनों में 60 से अधिक ऐसे युवक पकड़े जा चुके हैं। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि बेरोजगारी के कारण उन्होंने यह तरीका अपनाया था।
निष्कर्ष: मध्यप्रदेश के जबलपुर में ।छह महीने के अंदर 60 से अधिक ऐसे युवक पकड़े गए हैं, जो ट्रेनों में नकली किन्नर बनकर लोगों से रुपए मांगते हैं। एनबीटी के पोस्टकार्ड में ‘मर्द’ शब्द लिखा था जिसे एडिट कर ‘संघी’ किया गया।

