आम आदमी पार्टी के समर्थन वाली कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जंतर-मंतर पर जुटे छात्रों और युवाओं ने नीट-यूजी पेपर लीक समेत परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। अमेरिका से लौटे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश में लोग भारतीय सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
एक पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट ने एक्स यूजर Zard si Gana ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘भारत पतन की कगार पर है। दिल्ली, मुंबई और मणिपुर में भारत के खिलाफ बड़े प्रदर्शनों के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी भारतीय सेना के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत नहीं, बल्कि चीन का हिस्सा है।’
🚨🇮🇳 INDIA ON THE VERGE OF COLLAPSE
— Zard si Gana (@ZardSi) June 6, 2026
After massive protests in Delhi, Mumbai, and Manipur against India, large numbers of protesters have now taken to streets in Arunachal Pradesh.
The protesters are demanding justice against Indian Army.
Arunachal Pradesh is China, not India. pic.twitter.com/m7MtQHTGzC
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने वायरल वीडियो के अलग अलग स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो इस वीडियो के व्यूजल ‘The Assam Tribune‘ की रिपोर्ट में नजर आए। 16 मई 2026 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक, वायरल वीडियो अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर का है, जहां e-ILP (Electronic Inner Line Permit) के नए दिशानिर्देशों के विरोध में प्रदर्शन हुआ था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने NH-415 के कई हिस्सों को जाम कर दिया था और गिरफ्तार किए गए आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में राज्य सरकार ने हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों को रिहा कर दिया।
दरअसल ILP एक विशेष अनुमति-पत्र (Permit) होता है, जो भारत के कुछ संरक्षित राज्यों में प्रवेश करने के लिए बाहरी भारतीय नागरिकों को लेना पड़ता है। eILP के माध्यम से यह अनुमति ऑनलाइन आवेदन करके प्राप्त की जा सकती है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ILP व्यवस्था होने के बावजूद बड़ी संख्या में बाहरी लोग फर्जी दस्तावेज़ों, ओवरस्टे और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के कारण राज्य में रह रहे हैं, जिससे स्थानीय जनजातीय समुदायों की जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शनों का नेतृत्व मुख्य रूप से Arunachal ST Bachao Andolan Committee और उससे जुड़े आदिवासी संगठनों ने किया। मुख्य मांगें थीं:
- ILP व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और “स्पॉन्सरशिप” के दुरुपयोग को रोका जाए।
- eILP को पूरी तरह डिजिटल और रियल-टाइम निगरानी वाली प्रणाली बनाया जाए।
- फर्जी ILP और ओवरस्टे करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
- प्रवेश चौकियों पर QR आधारित सत्यापन लागू किया जाए।
- अवैध प्रवासियों और बिना परमिट रहने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाए।
निष्कर्ष: यह वीडियो अरुणाचल प्रदेश में e-ILP नीति के विरोध में हुए प्रदर्शन का है। प्रदर्शन भारतीय सेना के विरोध में नहीं, बल्कि Inner Line Permit प्रणाली को और सख्ती से लागू करने, अवैध घुसपैठ एवं अनधिकृत बसावट के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किए गए थे।

