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20 Jun 2026, Sat

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नाम पर वायरल यह बयान फर्जी है

सोशल मीडिया पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तस्वीर के साथ एक पोस्टकार्ड वायरल हो रहा है। पोस्टकार्ड में शी जिनपिंग के एक कथित बयान को कोट करते हुए लिखा गया है, ‘मोदी के भारत के लोग सपने में भी हमारी बराबरी करने का सपना नहीं देख सकते हैं क्योंकि उनके नेताओं ने जाति धर्म का गोबर जनता के दिमाग में भर दिया है।’ हालांकि, हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ।

क्या लिख रहे हैं लोग?

एक एक्स यूजर नाजिया ने पोस्ट कर लिखा, ‘ शर्म करो गोबर भक्तों तुम्हारी वजह से क्या क्या सुनना पड़ रहा है..!!’

वही इन्स्टाग्राम और फेसबुक पर फैक्ट विध अमित ने पोस्ट कर लिखा, ‘मोदी के भारत के लोग सपने में भी हमारी बराबरी नहीं कर सकते, क्योंकि उनके नेताओं ने जाति धर्म का गोबर जनता के दिमाग में भर दिया है” – शी जिनपिंग (चीन राष्ट्रपति)’

वही शोबनाथ राव ने पोस्ट कर लिखा, ‘ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बयान अक्षरशः सत्य है कोई if but nhi’

क्या है हकीकत?

दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे यह पुष्टि हो सके कि शी जिनपिंग ने ऐसा कोई बयान दिया है।

इसके बाद हमने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत के संदर्भ में हाल ही के बयानों को तलाशा तो Reuters की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली। 26 जनवरी को प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को देश के गणतंत्र दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि चीन और भारत “अच्छे पड़ोसी, दोस्त और साझेदार” हैं। शी ने कहा कि पिछले साल चीन-भारत संबंधों में सुधार और विकास हुआ है और ये संबंध “विश्व शांति और समृद्धि को बनाए रखने और बढ़ावा देने के लिए बहुत महत्वपूर्ण” हैं।

शी ने जिनपिंग कहा कि चीन का हमेशा से मानना ​​रहा है कि “अच्छे पड़ोसी, दोस्त और साझेदार” बने रहना चीन और भारत दोनों के लिए सही विकल्प है। उन्होंने चीन और भारत का ज़िक्र “एक साथ नाचते ड्रैगन और हाथी” के तौर पर किया। शी ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष आपसी आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाएंगे और स्वस्थ व स्थिर संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे की चिंताओं का समाधान करेंगे।

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