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26 Jun 2026, Fri

यूपी में ब्राह्मण बुजुर्ग को जूतों की माला पहनाने वाली वायरल अखबार की कटिंग AI-जनरेटेड है

सोशल मीडिया पर एक कथित हिंदी अखबार की कटिंग तेजी से वायरल हो रही है। कटिंग की हेडलाइन है, ‘ठाकूरों का कहरः ब्राह्मण बुजुर्ग को जूते की माला पहनाकर घुमाया।’ इसके साथ दावा किया जा रहा है कि योगी सरकार में ठाकुर वर्चस्व का आतंक बढ़ गया है और उत्तर प्रदेश में एक ब्राह्मण बुजुर्ग को जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया गया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

क्या लिख रहे हैं लोग?

एक फेसबुक यूजर रंजन कुमार ने इस कटिंग को पोस्ट किया है।

क्या है हकीकत?

पड़ताल में हमने देखा कि वायरल कटिंग में घटना को प्रतापगढ़ का बताया गया है। हालांकि, संबंधित कीवर्ड्स के साथ गूगल सर्च करने पर इस घटना से जुड़ी किसी भी विश्वसनीय समाचार वेबसाइट या स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट नहीं मिली। यदि इतनी गंभीर घटना हुई होती तो उसके बारे में अन्य समाचार माध्यमों में भी रिपोर्ट मिलना स्वाभाविक था।

इसके अलावा, कथित हिंदी अखबार की इस कटिंग में हिंदी की अशुद्धियों की भरमार है। खबर के शीर्षक में ही ‘ठाकुरों’ की जगह ‘ठाकूरों’ लिखा गया है। इसी तरह ब्राह्मण, विपक्ष, संगठन, गिरफ्तारी, पीड़ित, युवकों, जिले, विरोध, दहशत समेत दर्जनों शब्दों की वर्तनी गलत है। किसी पेशेवर हिंदी अखबार में एक ही खबर में इतनी बड़ी संख्या में भाषा और वर्तनी संबंधी गलतियां होना बेहद असामान्य है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खबर में दावा किया गया है कि बुजुर्ग के गले में जूते की माला पहनाई गई थी, लेकिन तस्वीर को ध्यान से देखने पर उनके गले में जूतों जैसी कोई माला दिखाई नहीं देती। कटिंग में इस्तेमाल किए गए लेआउट और भाषा पर भी सवाल उठते हैं। खबर की शैली मुख्यधारा के हिंदी अखबारों जैसी नहीं है और कई वाक्य अस्वाभाविक प्रतीत होते हैं, जो AI-जनरेटेड सामग्री की ओर इशारा करते हैं।

इसके बाद हमने इस कटिंग को AI कंटेंट डिटेक्शन टूल Hive Moderation से भी जांचा। टूल के विश्लेषण में इस तस्वीर के AI-Generated होने की संभावना 99.9% बताई गई।

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