सोशल मीडिया पर एक पोस्टकार्ड वायरल है। पोस्टकार्ड में ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मुजतबा ख़ामेनेई का फोटो लगा है। दावा है कि उन्होंने अपने एक बयान में कहा, ‘ट्रंप के सामने घुटने टेकना भारत के प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। कभी हमें इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले भारत पर गर्व होता था।’ हालाँकि पड़ताल में पता चलता है कि अयातुल्ला सैयद मुजतबा ख़ामेनेई ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
क्या लिख रहे है लोग?
कॉकरोच जनता पार्टी-बिहार ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनियां में भारत का नाम डूबा दिया। क्या अब हमें ईरान से भी ये सब सुनना पड़ेगा?’
नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनियां में भारत का नाम डूबा दिया। क्या अब हमें ईरान से भी ये सब सुनना पड़ेगा? pic.twitter.com/3bGVDgvYAk
— Cockroach Janta Party – Bihar (@CJP_4_Bihar) June 13, 2026
दिनेश भारद्वाज ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘140 करोड़ की जनता वाले भारत के कमजोर पीएम ने दुनियां को इंदिरा जी को याद करवा ही दिया..’
140 करोड़ की जनता वाले भारत के कमजोर पीएम ने दुनियां को इंदिरा जी को याद करवा ही दिया.. pic.twitter.com/WnhdLUdNLg
— Dinesh Bhardwaj 🇮🇳 (@bhardwaj2509) June 15, 2026
वही फेसबुक यूजर पर्सा रिजवी किंग ने पोस्ट कर लिखा, ‘अब हमें ईरान से भी ये सब सुनना पड़ेगा?’

इसके अलावा कुलदीप सिंह, INC NEWS, कमल सिंह, तेजस्वी यादव ने भी इसे शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने वायरल बयान से सम्बंधित कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया लेकिन हमे इस सम्बन्ध में कोई प्रमाणिक मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। मोजतबा खामेनेई ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संदर्भ में ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया है।
इसके बाद हमे दो अप्रैल 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट जरुर मिले जिसके मुताबिक भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने लखनऊ में दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के शोक में शामिल होने वाले भारतीयों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारत को “निष्ठा और मानवता” की भूमि बताया। पत्रकारों से बात करते हुए इलाही ने कहा कि खामेनेई “उन लोगों की आवाज हैं जिनकी कोई आवाज नहीं है” और उन्होंने शोक में लोगों की स्वैच्छिक भागीदारी की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि उनकी उपस्थिति मानवता, नैतिकता और वफादारी के भारत के मूल्यों को दर्शाती है।

| दावा | मुजतबा ने अपने एक बयान में कहा, ‘ट्रंप के सामने घुटने टेकना भारत के प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। कभी हमें इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले भारत पर गर्व होता था।’ |
| हकीकत | मोजतबा खामेनेई ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संदर्भ में ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया है। वायरल बयान फर्जी है। |

