सोशल मीडिया पर NBT का एक पोस्टकार्ड वायरल है। पोस्टकार्ड में दावा किया जा रहा है कि चित्रकूट स्थित तुलसी पीठ के संस्थापक और प्रमुख जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा है, ‘अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे पर ब्राह्मणों का भी पूरा अधिकार है क्योंकि ब्राह्मण भी एक प्रकार से देवता होते हैं और जिन्होंने राम मंदिर बनवाया है उनका भी पूरा अधिकार बनता है दानपेटी पर।’ हालाँकि हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी निकला।
क्या लिख रहे है लोग?
एक एक्स यूजर राम करन निर्मल ने पोस्ट कर लिखा, ‘मंदिर में दलित, पिछड़ो का भी कुछ अधिकार है या चढ़ावे एवं दर्शन के लिए लाईन लगाने के लिए हीं बने है? ब्राह्मण देवता है तो दलित पिछड़े क्या है?
मंदिर में दलित, पिछड़ो का भी कुछ अधिकार है या चढ़ावे एवं दर्शन के लिए लाईन लगाने के लिए हीं बने है?
— Ram Karan Nirmal (@RamkaranNirmal) June 17, 2026
ब्राह्मण देवता है तो दलित पिछड़े क्या है? pic.twitter.com/I4iMyfxxQH
इंस्टाग्राम यूजर शीला ने भी वीडियो साझा कर लिखा, ‘क्या हम वापस गुलामी की तरफ़ तो नहीं जा रहे’

वही फेसबुक यूजर इंडियन मुस्लिम की अवाज़ ने पोस्ट कर लिखा, ‘ब्राह्मण क्या है जानने के लिए मनुस्मृति पढ़ें,भारत में ज्यादातर गैर मुस्लिम मनुस्मृति के वजह से मुस्लिम हुवे हैं।

क्षत्राणि यशिका सिंह ने लिखा, ‘देख रहे हो गैर ब्राह्मण लोगो यह अंधा क्या बक बक कर रहा है सच यही है किसी की आस्था भगवान में नहीं है सारा खेला पैसों का है। आराम से चोरी कर सके इसलिए ये मंदिरों में गैर ब्राह्मण लोगो को पुजारी बनने नहीं देते दिखावा के लिए बाहर साफ सफाई और अन्य मजदूरी बाहरी कामो के लिए रख लेते है। हम क्षत्रिय तो जाग रहे हैं आप सभी गैर ब्राह्मण लोग भी जागे और अपने हक अधिकारों की रक्षा करे’

इसके अलावा रमा शंकर तिवारी ने भी इसे शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
पड़ताल में हमने इस पोस्टकार्ड से सम्बन्धित बयान के कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया लेकिन हमे जगद्गुरु रामभद्राचार्य का ऐसा कोई बयान नहीं मिला।
इसके बाद हमने NBT के सोशल मीडिया अकाउंट को स्क्रोल किया। इस दौरान वायरल पोस्टकार्ड में इस्तेमाल की गयी जगद्गुरु रामभद्राचार्य की तस्वीर वाला असल पोस्टकार्ड मिला 6 जून के इस पोस्टकार्ड में लिखा है, ‘ऑपरेशन सिंदूर दो दिन और जारी रहता तो POK भारत में मिल गया होता’
| दावा | रामभद्राचार्य ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे पर ब्राह्मणों का भी पूरा अधिकार है क्योंकि ब्राह्मण भी एक प्रकार से देवता होते हैं और जिन्होंने राम मंदिर बनवाया है उनका भी पूरा अधिकार बनता है दानपेटी पर। |
| हकीकत | यह एक एनबीटी का एडिटेड पोस्टकार्ड है, रामभद्राचार्य ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। |

