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10 Aug 2026, Mon

RSS स्वयंसेवकों ने ब्रिटेन की रानी को सलामी नहीं दी, तस्वीर एडिटेड है

सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नाम से एक ब्लैक एंड वाइट तस्वीर वायरल है। तस्वीर में आरएसएस की पोशाक पहने कुछ लोग एक लाइन में खड़े दिख रहे हैं और ब्रिटेन की महारानी को उनके सामने से गुज़रते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि आरएसएस स्वयंसेवकों ने ब्रिटेन की महारानी को सलामी दी थी।

क्या लिख रहे हैं लोग?

एक एक्स यूजर प्रवीण ने पोस्ट कर लिखा, ‘आज़ादी की लड़ाई में जिनका योगदान “सलामी” तक सीमित था ! आज वही लोग दूसरों से देशभक्ति का प्रमाणपत्र मांगते फिरते हैं। अंग्रेज़ों के सामने सलामी,और आज देशभक्ति की दलाली! इतिहास भी कभी-कभी ज़ोर से हँसता होगा।’

योगेश मीणा ने लिखा, ‘आज़ादी की लड़ाई में जिनका योगदान “सलामी” तक सीमित था ! आज वही लोग दूसरों से देशभक्ति का प्रमाणपत्र मांगते फिरते हैं।’

क्या है हकीकत?

पड़ताल में वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च किया तो CNN की रिपोर्ट में एलिजाबेथ तस्वीर मिली। रिपोर्ट से पता चला एलिजाबेथ फरवारी 1956 में कॉमनवेल्थ दौरे के तहत नाइजीरिया गईं थी, यहाँ वह कडुना एयरपोर्ट पर ‘क्वीन्स ओन नाइजीरिया रेजिमेंट, रॉयल वेस्ट अफ्रीकन फ्रंटियर फोर्स’ (जिसका नाम हाल ही में बदला गया था) के जवानों का निरीक्षण कर रही हैं।

वहीं आरएसएस के स्वयंसेवकों की असल तस्वीर हमें डेक्कन क्रॉनिकल के जनवरी 2015 के आर्टिकल में एक तस्वीर मिली। स्पष्ट है कि वायरल तस्वीर इन्हीं दोनों तस्वीरों को जोड़कर बनायीं गयी है।

आगे की पड़ताल में हमें 4 जून 2017 की टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट मिली, रिपोर्ट के मुताबिक यह एडिटेड तस्वीर पहले भी वायरल हुई है, आरएसएस ने कांग्रेस एमपी द्वारा आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर कथित रूप से छेड़छाड़ (मॉर्फ) की गई तस्वीरें पोस्ट करने पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पोस्ट में स्वयंसेवकों की ऐसी तस्वीरें साझा की गईं, जिनमें उन्हें ब्रिटेन की महारानी को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए दिखाया गया था। आरएसएस कार्यकर्ताओं ने शहर प्रचार प्रमुख सागर चौकसे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया और हीरा नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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