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25 Jun 2026, Thu

लखनऊ में सीएम योगी के बनाये गए घरों पर बुलडोजर चलाने का दावा गलत है

सोशल मीडिया पर लखनऊ के डालीबाग में मुख्तार अंसारी की अवैध कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर एलडीए द्वारा बनाए गए भवनों को लेकर एक वीडियो वायरल है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि योगी सरकार ने डालीबाग में सरदार पटेल आवास योजना के तहत गरीबों के लिए फ्लैट बनाये थे लेकिन अब सिंचाई विभाग ने इसे अपनी जमीन पर अवैध निर्माण बताते हुए सभी घरों पर बुलडोजर चला दिया है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

क्या लिख रहे हैं लोग?

watchnation360 नाम के इंस्टाग्राम पेज ने इस वीडियो को शेयर एकर लिखा, ‘योगी के बनाये घरों परचला बुलडोज़र! भौचक्के रह गए भाजपाई!’

क्या है हकीकत?

दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें मामले से जुड़ी ETV भारत की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, डालीबाग में मुख्तार अंसारी की अवैध कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर एलडीए द्वारा भवन निर्मान कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर में भवन के सभी 72 फ्लैटों की चाभी स्वामियों को सौंपा था। इसके बाद 18 जून को सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी कर भवन कि जमीन को सिंचाई विभाग की भूमि बताया था। विभाग ने 7 दिन में जमीन खाली करने को कहा था, अन्यथा खुद अवैध कब्जा हटाने और खर्च वसूलने की चेतावनी दी थी।

हालांकि, गुरुवार को सिंचाई विभाग ने अपने द्वारा लगाए गए नोटिस हटा लिए हैं, जिससे यह साफ हो गया कि सभी 72 फ्लैटें पूरी तरह से वैध हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण को यह भूमि शासन ने दी गई थी। इस बिल्डिंग के पीछे एलडीए ने बांध रोड भी बनाए हैं। बिल्डिंग रेरा से पंजीकृत है और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसका नक्शा भी पास किया है। इन सारे तथ्यों को देखते हुए सिंचाई विभाग ने माना है कि भूल वश यह नोटिस चश्पा हो गया है और बिल्डिंग पर लाल निशान लगा दिए गए है।

वहीं 19 जून को प्रकाशित न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सहायक अभियंता-द्वितीय (लखनऊ खंड-2 शारदा नहर) की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सरदार पटेल आवास योजना के अंतर्गत बने आवासों के लिए सिंचाई विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं जारी की गई है। दरअसल, हैदर कैनाल बंधे पर अवैध कब्जा किए हुए लोगों ने विभागीय नोटिस लेने पर आपत्ति की तो इन नोटिस को सार्वजनिक और ऐसे स्थानों पर चस्पा किया गया, जहां इन्हें देखा जा सके।

विभाग का उद्देश्य केवल नहर और बांध क्षेत्र की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखना और अनधिकृत निर्माण व कब्जों को रोकना है। इसी क्रम में सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा कर अवैध कब्जाधारकों को अग्रिम सूचना दी गई है, ताकि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा सकें। अवैध कब्जे हटाने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। ऐसा नहीं किए जाने पर विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।



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