ओमान के समुद्री तट के नजदीक एक कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी नौसेना के हमले और उसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार (13 जून, 2026) को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की। उन्होंने अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीयों की मौत की कड़ी निंदा की, जिस पर अब अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से प्रतिक्रिया दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सभी कमर्शियल जहाजों को तत्काल अमेरिकी नौसेना के नियमों के सख्ती से पालन करना चाहिए। इस बीच सोशल मीडिया में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तस्वीर के साथ एक पोस्टकार्ड शेयर किया जा रहा है। पोस्टकार्ड पर नवभारत टाइम्स का LOGO है, दावा किया गया है कि मार्को रुबियो ने भारत की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘अब ये EVM के सहारे सत्ता में बैठे लोग बताएंगे हमें क्या करना चाहिए क्या नहीं।’
क्या लिख रहे हैं लोग?
सपा नेता आईपी सिंह ने एक्स पर पोस्टकार्ड शेयर कर लिखा, ‘बात तो सही है भारत में अवैध सरकार है जो EVM मशीनों में खेल करके सत्ता में बैठी है। दुनिया में EVM पर भरोसा नहीं है पर जितना दोष बीजेपी का उससे 100 गुना दोषी RG कांग्रेस है जिसने EVM की वकालत की। आडवाणी जी विपक्ष में रहते हुए EVM का विरोध किया था तब कांग्रेस वकालत करती थी। आज उसी EVM को मोदी बीजेपी ने अपना हथियार बना लिया है।’
बात तो सही है भारत में अवैध सरकार है जो EVM मशीनों में खेल करके सत्ता में बैठी है।
— I.P. Singh (@IPSinghSp) June 16, 2026
दुनिया में EVM पर भरोसा नहीं है पर जितना दोष बीजेपी का उससे 100 गुना दोषी RG कांग्रेस है जिसने EVM की वकालत की।
आडवाणी जी विपक्ष में रहते हुए EVM का विरोध किया था तब कांग्रेस वकालत करती थी।
आज… pic.twitter.com/cwCpEwbG8h
गार्गी रावत ने लिखा, ‘मार्को रूबियो ऐसा क्यों बोल रहे हैं?’

Queen नाम के एक्स हैंडल ने लिखा, ‘विदेश मंत्री जयशंकर कों मार्क रुबियों का करारा जवाब…’

वहीं शेखर खरे और इंडिया नाम के फेसबुक पेज ने भी इसी दावे के साथ पोस्टकार्ड को शेयर किया है।
क्या है हकीकत?
दावे की पड़ताल में हमने सबसे पहले मार्को रुबियो के कथित बयान से जुड़े कीवर्ड्स की मदद से इंटरनेट पर खोज की। हालांकि, हमें किसी भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट आधिकारिक बयान या प्रेस रिलीज में ऐसा कोई बयान नहीं मिला। इसके बाद हमने नवभारत टाइम्स के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स और वेबसाइट पर उपलब्ध पोस्टकार्ड्स की जांच की। जांच के दौरान हमें वायरल पोस्टकार्ड जैसा कोई भी मूल पोस्ट नहीं मिला।
इसके बाद हमे NBT के एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट मिली जिसमे वायरल पोस्टकार्ड का खंडन किया गया है। एनबीटी ने लिखा, ‘पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई फर्ज़ी पोस्ट वायरल की जा रही हैं, जिनके माध्यम से भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। कृपया सावधान रहें — ये सभी पोस्ट पूरी तरह फेक हैं। NBT के नाम का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी खबर की सत्यता और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल NBT के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और प्लेटफॉर्म्स पर ही भरोसा करें।’
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई फर्ज़ी पोस्ट वायरल की जा रही हैं, जिनके माध्यम से भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है।
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) June 16, 2026
कृपया सावधान रहें — ये सभी पोस्ट पूरी तरह फेक हैं। NBT के नाम का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।… pic.twitter.com/ciM7mvd7o4
| दावा | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा ‘अब ये EVM के सहारे सत्ता में बैठे लोग बताएंगे हमें क्या करना चाहिए क्या नहीं।’ |
| हकीकत | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस प्रकार का कोई बयान नहीं दिया है। नवभारत टाइम्स के LOGO के साथ वायरल पोस्टकार्ड फर्जी है। |

