उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी की एक महिला नेता के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यूपी में भाजपा के गुंडों ने सपा महिला नेता के साथ बदसलूकी और मारपीट की। योगी सरकार में पीडीए सुरक्षित नहीं है। साथ ही इस घटना में आरोपियों को सीएम योगी की जाति से भी जोड़ा गया है, उन्हें ब्राहमण भी बताया गया है हालंकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।
समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने एक्स पर लिखा, ‘योगी आदित्यनाथ की सरकार में PDA समाज सुरक्षित नहीं है। कानून का राज समाप्त हो गया गया है बाहुबलियों के हाथ में असल सत्ता है। यूपी में हर अपराध के पीछे बीजेपी के गुंडे और माफिया शामिल हैं। 100% गुंडे माफिया भाजपाई हो गये हैं। पुलिस कप्तान ने अबतक क्या कार्यवाही की DGP महोदय?’
योगी आदित्यनाथ की सरकार में PDA समाज सुरक्षित नहीं है।
— I.P. Singh (@IPSinghSp) May 29, 2026
कानून का राज समाप्त हो गया गया है बाहुबलियों के हाथ में असल सत्ता है।
यूपी में हर अपराध के पीछे बीजेपी के गुंडे और माफिया शामिल हैं।
100% गुंडे माफिया भाजपाई हो गये हैं।
पुलिस कप्तान ने अबतक क्या कार्यवाही की DGP महोदय?… pic.twitter.com/bG0fobPB1I
गौरव ने लिखा, ‘वीडीओ यूपी के चंदौली जिले का है, जहाँ जिस बर्बरता के साथ समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष चंदौली श्रीमती गार्गी पटेल पर हमला किया गया वह बहुत ही डरावना और अक्षम्य अपराध है। क्या मुखिया जी अपने प्रदेश में कुछ इस तरीके से नारी वंदन करवायेंगे ??’
वीडीओ यूपी के चंदौली जिले का है,
— GAURAV🇮🇳 (@GK010200) May 29, 2026
जहाँ जिस बर्बरता के साथ समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष चंदौली श्रीमती गार्गी पटेल पर हमला किया गया वह बहुत ही डरावना और अक्षम्य अपराध है।
क्या मुखिया जी अपने प्रदेश में कुछ इस तरीके से नारी वंदन करवायेंगे ?? pic.twitter.com/tJrCqd2Wwr
शिवम ने लिखा, ‘योगी सरकार महिलाओं का हाल. विशुद्ध जातिवादी सरकार चल रही है, महाराज के सजातियों का राज है.’

वहीं जीतू यादव ने लिखा, ‘चंदौली में BJP के नेता अमित पांडे,और सूरज सिंह के द्वारा सपा के नेत्री पर किया गया जान लेवा हमला, आख़िर ये सरकार कब तक प्रदेश को और गर्त में ले जाएगी ये सब सरकार के इशारे पर किया जा रहा है ये सरकार किसी गरीब लोगों OBC,SC, को कब तक इस तरह मरवाएगी।’

क्या है हकीकत? दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड की मदद से सर्च करने पर हमें 28 मई को प्रकाशित मामले से संबंधित ETV भारत की एक रिपोर्ट मिली।

रिपोर्ट के मुताबिक, समाजवादी पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल पर उनके ही घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। इस दौरान दबंगों ने उनके बाल पकड़कर घसीटा और लात-घूंसों व लोहे की रॉड से बेहद बेरहमी से पीटा। घायल गार्गी पटेल का सीधा आरोप है कि यह जानलेवा हमला जमीन के कारोबार और पैसों के पुराने विवाद से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्यारे लाल यादव के बेटे अमित यादव, मनोज यादव, उनकी पत्नी और बेटी ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। इतना ही नहीं, सपा नेत्री ने अपनी ही पार्टी के एक अन्य नेता सिद्धांत जायसवाल पर इस हमले की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
इस सम्बन्ध में अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक घटना मुगलसराय क्षेत्र के मढ़िया गांव की है। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 9:24 बजे गार्गी सिंह पटेल अपने घर पर मौजूद थीं। गार्गी सिंह पटेल ने बताया कि उन्हें जमीन के कारोबार के सिलसिले में कहीं जाना था। इसी दौरान उनके बिजनेस पार्टनर प्यारे लाल यादव घर पहुंचे। आरोप है कि उनके पीछे-पीछे सपा नेता मनोज यादव, डाली, अमित यादव और उर्मिला समेत पांच लोग जबरन घर के भीतर घुस आए। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया।
वहीं दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को दी गई तहरीर में गार्गी सिंह ने बताया है कि कुछ दिन पहले पार्टी कार्यालय में मीटिंग खत्म होने के बाद सपा नेता सिद्धांत जायसवाल ने उन्हें काटकर फेंकवाने की धमकी दी थी। उनका आरोप है कि इसी धमकी के बाद उनके साथ यह घटना हुई है। गार्गी सिंह की तहरीर पर वाराणसी के सूजाबाद निवासी उर्मिला यादव, अमित यादव, मनोज यादव, मोनी यादव तथा वाराणसी के रामनगर निवासी सिद्धांत जायसवाल के खिलाफ चार गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीं चंदौली पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल द्वारा पोस्ट एक वीडियो में अपर पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले पीड़ित महिला गार्गी पटेल द्वारा तहरीर प्राप्त कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
निष्कर्ष: चंदौली में सपा की महिला नेता गार्गी सिंह पर अमित यादव, मनोज यादव, मोनी यादव तथा उर्मिला यादव ने पैसों के पुराने विवाद को लेकर मारपीट की थी। महिला नेता ने सपा नेता सिद्धांत जायसवाल को भी आरोपी बनाया है। इस प्रकरण में एक भी आरोपी सीएम योगी की जाति से भी नहीं है। न ही कोई ब्राह्मण है। आरोपी और पीड़ित अखिलेश यादव के राजनैतिक गठजोड़ पीडीए से आते हैं।

