देश में गाय को राष्ट्र माता या राष्ट्रीय पशु घोषित करने की चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो में किसी पशु के कंकाल नजर आ रहे हैं, वीडियो को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से जोड़ा गया है। दावा है कि योगी सरकार में गौवंश के खराब हालात हैं।
एक इन्स्टाग्राम यूजर ‘Awara Nahi Humara Hai’ ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘गौमाता देखभाल की हकदार हैं, अभियानों की नहीं। गौमाता कल्याण की हकदार हैं, वोट-बैंक की राजनीति की नहीं।’

क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने इस वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स सर्च किया तो यह वीडियो हमे एक गौरक्षक उदय सिंह के एक्स अकाउंट पर मिला। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, ‘हरियाणा के फरीदाबाद शहर में गौ माताओं के साथ अत्यंत दुखद घटना हो रही है। यहाँ गौ माताओं के शवों का बड़ा ढेर मिल रहा है।..’

हमने इन कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया तो दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट भी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक फरीदाबाद के पाली से सूरजकुंड स्थित मानव रचना कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर जंगल क्षेत्र से पुलिस को बड़ी संख्या में गौवंश के अवशेष मिलने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस स्थान पर अवशेष मिले हैं, वह नगर निगम द्वारा ठेके पर दी गई अधिकृत जगह है। इस स्थान का उपयोग शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मृत पाए जाने वाले गोवंशों के शवों को लाने और उनके निस्तारण के लिए किया जाता है। जांच में यह भी सामने आया कि यह स्थान लंबे समय से इसी उद्देश्य के लिए उपयोग में लिया जा रहा है और इसके संचालन की अनुमति संबंधित विभाग द्वारा दी गई है।

सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना गौ-रक्षा दल की ओर से प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर जब जांच की गई तो पता चला कि यह नगर निगम की ओर से ठेके पर दी गई जगह है, जहां मृत गोवंशों को लाकर उनका निस्तारण किया जाता है। उन्होंने बताया कि गौ-रक्षा दल के लोगों को इस स्थल के बारे में जानकारी नहीं थी, क्योंकि वहां किसी प्रकार का सूचना बोर्ड या पहचान संबंधी संकेतक नहीं लगा हुआ था। पुलिस के अनुसार मामले में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या गोहत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।

