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26 May 2026, Tue

क्या यूपी में योगी सरकार में राजभर समाज के लोगों की सुनियोजित हत्याएं हो रही हैं?

क्या यूपी में योगी सरकार में राजभर समाज लोगों की सुनियोजित हत्याएं हो रही हैं?

उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यूपी में भाजपा सरकार पर फर्जी एनकाउंटर और पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के खिलाफ पक्षपाती नीतियों का आरोप लगाया। इसी प्रेस कांफ्रेंस में सपा नेता डॉ. रमा शंकर राजभर ने प्रदेश में राजभर जाति के लोगों की हत्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने इन घटनाओं का जातिगत रंग दिया।

समाजवादी पार्टी के यूट्यूब चैनल पर मौजूद प्रेस कांफ्रेंस की वीडियो में ठीक 42 मिनट पर डॉ. रमा शंकर राजभर स्टेज पर आते हैं। गाजीपुर में शिव मूरत राजभर और दीपक राजभर की हत्या। मऊ में अमित राजभर, अनिल राजभर की हत्या और शिव बचन राजभर। जौनपुर में पंकज राजभर और डॉ. सुनील राजभर। बाराबंकी में बबलू राजभर। कुशीनगर में रिंकी राजभर और संत कबीरनगर में नंदनी राजभर की हत्या को जातिगत रंग दिया गया।

रिंकू यादव समाजवादी ने एक्स पर लिखा, ‘दर्जनों राजभर समाज की हत्या होती है जिस वाराणसी से प्रधानमंत्री जी प्रतिनिधित्व करते है वहां राजभर समाज की फर्जी एनकाउंटर होता है। सुरेश राजभर, फरा राजभर, छोटू राजभर, डॉ. सचिन राजभर, इंजीनियर रोहित राजभर, फत्ते राजभर, साधू राजभर, सचिन राजभर, कृष्णा राजभर सहित दर्जनों राजभर समाज के लोगों की हत्या होती है।

क्या है हकीकत? दावे की पड़ताल में लिए हमने एक-एक कर सभी मामलों की पड़ताल की।

गाजीपुर में शिवमूरत राजभर की हत्या की पड़ताल करने पर हमें पता चला कि यह घटना अगस्त 2023 की है। जहाँ जिम से लौट रहे 21 वर्षीय शिवमूरत राजभर को बदमाशों ने आपसी विवाद में गोली मार दी थी। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों श्रीकृष्ण राय उर्फ पिंटू और गोविंद राय को गिरफ्तार किया था।

गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के मरदह इलाके में युवा नेता दीपक राजभर की गोली मारकर हत्या करने का मामला 14 जनवरी 2026 का है। जानकारी के अनुसार, मुंह ढके बदमाशों ने दीपक राजभर को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वे दीपक को उसकी ही बाइक पर बीच में बिठाकर सिंगेरा चट्टी तक ले गए। सिंगेरा चट्टी से बदमाशों ने अंडा, बीयर, सिगरेट और पानी खरीदा। इसके बाद वे दीपक को एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उसे बेहद करीब से गोली मार दी गई। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं पुलिस की जांच में सामने आया कि दीपक की हत्या बेलसड़ी गांव के रामनिवास राजभर फौजी व धनंजय राजभर ने हत्या कराई थी। पुलिस ने हत्या करने वाले विशाल यादव उर्फ छोटक और सौरभ यादव को गिरफ्तार किया है। दाेनों से पूछताछ में पता चला कि बीते अक्टूबर में दीपावली पर बेलसड़ी गांव में मेला लगा था। जिसमें रात में नाच का कार्यक्रम था। इस दौरान झगड़ा व मारपीट से दीपक राजभर के दोस्त ने नाच बंद करा दिया था। इसके करीब चार-पांच दिन बाद दीपक के दोस्त ने रामनिवासी राजभर फौजी और धनंजय राजभर की पिटाई की थी। रामनिवासी राजभर फौजी और धनंजय राजभर के कहने पर हत्यारोपी विशाल यादव और सौरभ यादव ने अपने साथी करंडा के मलाहपुरवा संदेश चौधरी, चाड़ीपुर मठिया निवासी जसवंत यादव उर्फ प्रद्युम्न और कोटिया धरम्मरपुर निवासी अभिषेक यादव उर्फ गोलू के साथ मिलकर दीपक राजभर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

मऊ में अनिल राजभर की हत्या 14 नवंबर 2025 को हुई थी। अनिल राजभर उर्फ पिल्लू मछली पकड़ने गए थे, जहां उनकी सिर पर वार कर हत्या कर दी गई थी और शव खेत के पास फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने बड़ेलाल गोड़ को गिरफ्तार किया था। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी बड़ेलाल गोड़ ने बताया कि उसने गांव के पास नाले में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया था। पिछले कुछ दिनों से अनिल राजभर उर्फ पिल्लू उसके जाल से मछलियां चुरा रहे थे। 14 नवंबर की रात जब अनिल राजभर फिर से मछली पकड़ रहे थे, तो बड़ेलाल ने उन्हें देख लिया। मना करने पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद बड़ेलाल ने गुस्से में लोहे की सरिया लगी लाठी से अनिल राजभर के सिर पर कई बार वार किया।

मऊ जिले के थाना सरायलखंसी क्षेत्र के गरथौली गांव में 2 फरवरी 2026 को 54 वर्षीय शिव बचन राजभर की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार शिव बचन राजभर के गले और हाथ पर धारदार हथियार से गंभीर वार किए गए थे।

पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि शिव बचन राजभर की हत्या उसकी बहु पिंकी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की है। दरअसल, बहु पिंकी का पति विदेश रहता है। डांटने पर बहू ने अपने प्रेमी और उसके दो दोस्तों के साथ मिलकर धारदार हथियार से शिव बचन की हत्या कर दी। शराब पीने से लेकर गला रेतने का वीडियो भी बनाया था। इस मामले में पुलिस ने राममिलन राजभर, सुधीर राजभर, छठ्ठू राजभर उर्फ रोहित और बहु पिंकी को गिरफ्तार किया था।

जौनपुर के जलालपुर में पंकज राजभर की हत्या का मामला नवंबर 2024 का है। पंकज राजभर का अपने ही गाँव के छोटू सिंह, रोहित सिंह और अविनाश सिंह से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि गुस्साए तीनों आरोपियों ने अपनी स्वीफ्ट कार पकंज राजभर के उपर चढा दिया था। इतना ही नहीं दोनों ने उस पर कार चढाकर कई राउंड कुचला जिससे पंकज गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गया। घटना के बाद परिजन युवक को वाराणसी ले गएं जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने उसी समय अभिषेक सिंह उर्फ छोटू पुत्र दिनेश सिंह, रोहित कुमार सिंह पुत्र नरसिंह बहादुर और अविनाश सिंह पुत्र अशोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।

जौनपुर के खेतासराय में डिस्पेंसरी संचालक सुनील राजभर का शव गत 17 जनवरी 2026 की सुबह घर के गेट के पिलर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। स्वजन हत्या कर शव लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की बात कह रहे थे। वहीं पुलिस जांच में पता चला कि सुनील राजभर ने प्रेमिका हिना से विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम में भी आत्महत्या की पुष्टि हुई है। इस मामले में पुलिस ने हिना को गिरफ्तार कर लिया था।

बाराबंकी के रामनगर ब्लॉक के बेहटा गांव में बबलू राजभर की हत्या का मामला मार्च 2026 का है। बबलू ने करीब तीन दिन पहले ही साइकिल पर आइसक्रीम का डिब्बा रखकर बेचने का काम शुरू किया था। 25 वर्षीय बबलू रोज की तरह गांव–गांव घूमकर आइसक्रीम बेचने निकला था। वह परसावल गांव पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात 50 वर्षीय शंकर यादव से हुई। शंकर यादव ने बबलू से आइसक्रीम ली लेकिन आइसक्रीम खाने के बाद जब बबलू ने शंकर यादव से पैसे मांगे तो इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

आरोप है कि शंकर यादव ने पहले उसे वहां आवाज लगाकर बेचने से मना किया और धमकी दी कि अगर दोबारा आवाज लगाई तो जान से मार देगा। इसके बावजूद जब बबलू नहीं माना और आइसक्रीम का पैसा मांग कर जोर-जोर से आइसक्रीम भी बेचने लगा। इस पर शंकर यादव पास में बने घर से धारदार हथियार (बांका) लेकर आया और उसकी गर्दन पर कई वार कर दिया। हमले में बबलू राजभर का सिर धड़ से अलग हो गया। वारदात यहीं खत्म नहीं हुई। हत्या के बाद शंकर बबलू के सिर को पास स्थित घर ले गया। इसके बाद वहां जल रहे चूल्हे में उसे जलाना शुरू कर दिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

कुशीनगर में रिंकि राजभर की हत्या– रिंकि राजभर की हत्या की हत्या का मामला मई 2023 का है। कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र में बुद्धनगरी के पथिक निवास के पीछे निर्माणाधीन मकान में रिंकि का शव मिला था। रिंकि 15 दिन से लापता थी, जिसकी सुचना परिजनों ने पुलिस को भी दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि रिंकि की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी। शादीशुदा प्रेमी ने युवती के साथ पहले गलत काम किया था।

पुलिस ने बताया कि रिंकी का गोरखपुर जनपद के थाना पीपीगंज स्थित मुईधरपुर निवासी विरेंद्र पासवान पुत्र जवाहर पासवान से प्रेम संबंध था। वह कुशीनगर में ही किराए के मकान में रहकर जेसीबी चलाता था। युवती ने शादी का दबाव बनाया था, जबकि प्रेमी पहले से ही शादीशुदा था। इस कारण वह शादी करना नहीं चाह रहा था। युवती अपने प्रेमी पर बार-बार शादी के लिए दबाव बना रही थी। नहीं करने पर उसे बर्बाद करने की धमकी दे रही थी। 15 मई 2023 को रात्रि आठ बजे युवती को निर्माणाधीन मकान में मिलने के लिए बुलाया और चाकू से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की महिला विंग की प्रदेश महासचिव रहीं नंदिनी राजभर की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी। उसके प्रेमी साहुल राजभर ने ही हथौड़ी से मार कर उसकी हत्या की थी। दरअसल, बेलहर थाना क्षेत्र के बनौली गांव निवासी साहुल राजभर की बहन की शादी डीघा गांव में हुई है। वह बहनोई के घर रहकर मेडिकल स्टोर चलाता था, जहां नंदिनी राजभर उससे दवा लेने आती थी। धीरे-धीरे साहुल से नंदिनी की नजदीकी बन गई। नंदिनी का मोबाइल फोन खराब होने पर साहुल ने उसे बस्ती बुलाकर मोबाइल खरीदकर दिया। साथ ही उसने नंदिनी को 26 हजार रुपये भी उधार दिए थे।

इधर कुछ दिनों से नंदिनी ने साहुल से बातचीत बंद कर दी थी। वह जब भी फोन मिलाता तो नंदिनी का फोन अक्सर व्यस्त रहता था। साहुल को शक था कि वह किसी अन्य से बात करती है। इस कारण दोनों में विवाद होने लगा और साहुल अपने दिए रुपये व मोबाइल फोन नंदिनी से मांगने लगा लेकिन वह टालती रही। इसी नाराजगी में साहुल 10 मार्च 2024 को नंदिनी के घर गया तो देखा कि वह बेड पर सोकर किसी से मोबाइल फोन पर बात कर रही थी। यह देख साहुल और नाराज हो गया और पास में रखे हथौड़े से उसके सिर पर कई बार वार कर दिए, जिससे नंदिनी की मौके पर ही मौत हो गई।

वाराणसी में रोहित राजभर की हत्या

वाराणसी में बारात में झगड़े के बाद 5 मई 2026 को रोहित राजभर की हत्या कर दी गई थी। युवक को बारात से लौटते समय आरोपी युवकों ने पत्थर से सिर और चेहरा कूच दिया। इसके बाद सड़क किनारे शव फेंककर फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने धर्मेन्द्र राजभर और रामाशीष राजभर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने आए थे। देर रात लौटते समय बसंतपुर चकदुल्ला के पास उनकी बाइक और रोहित राजभर की बाइक आमने-सामने टकरा गई। हादसे में रोहित गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। आरोपी घबराकर बिना किसी को सूचना दिए मौके से फरार हो गए थे।

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में अभी तक यह सामने आया कि राजभर समाज के युवकों की हत्याओं का मामला जातिगत नहीं हैं। न ही यह हत्याएं सुनियोजित हैं, यह घटनाएँ नाच बंद कराने, मछली चोरी, प्रेम प्रसंग जैसे मामलों से सम्बंधित हैं। अधिकांश घटनाओं में पीड़ित और आरोपी एक ही जाति से हैं, यानि अखिलेश यादव के जातिये गठजोड़ पीडीए से हैं।

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