उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यूपी में भाजपा सरकार पर फर्जी एनकाउंटर और पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के खिलाफ पक्षपाती नीतियों का आरोप लगाया। इसी प्रेस कांफ्रेंस में सपा नेता डॉ. रमा शंकर राजभर ने प्रदेश में राजभर जाति के लोगों की हत्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने इन घटनाओं का जातिगत रंग दिया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के नेता पंकज राजभर ने एक होर्डिंग भी लगाया, जिसमे दावा किया गया कि 2024 से 2026 तक भाजपा सरकार में राजभर समाज के 22 लोगों की हत्या हो गई।
समाजवादी पार्टी के यूट्यूब चैनल पर मौजूद प्रेस कांफ्रेंस की वीडियो में ठीक 42 मिनट पर डॉ. रमा शंकर राजभर स्टेज पर आते हैं। गाजीपुर में शिव मूरत राजभर और दीपक राजभर की हत्या। मऊ में अमित राजभर, अनिल राजभर की हत्या और शिव बचन राजभर। जौनपुर में पंकज राजभर और डॉ. सुनील राजभर। बाराबंकी में बबलू राजभर। कुशीनगर में रिंकी राजभर और संत कबीरनगर में नंदनी राजभर की हत्या को जातिगत रंग दिया गया।
रिंकू यादव समाजवादी ने एक्स पर लिखा, ‘दर्जनों राजभर समाज की हत्या होती है जिस वाराणसी से प्रधानमंत्री जी प्रतिनिधित्व करते है वहां राजभर समाज की फर्जी एनकाउंटर होता है। सुरेश राजभर, फरा राजभर, छोटू राजभर, डॉ. सचिन राजभर, इंजीनियर रोहित राजभर, फत्ते राजभर, साधू राजभर, सचिन राजभर, कृष्णा राजभर सहित दर्जनों राजभर समाज के लोगों की हत्या होती है।
दर्जनों राजभर समाज की हत्या होती है जिस वाराणसी से प्रधानमंत्री जी प्रतिनिधित्व करते है वहां राजभर समाज की फर्जी एनकाउंटर होता है।
— Rinku Yadav Samajwadi (@Rinku9621) May 26, 2026
सुरेश राजभर
फरा राजभर
छोटू राजभर
डॉ सचिन राजभर
इंजीनियर रोहित राजभर
फत्ते राजभर
साधू राजभर
सचिन राजभर
कृष्णा राजभर
दर्जनों राजभर समाज की हत्या… pic.twitter.com/7N2wqvIQ7n
पंकज राजभर ने लिखा, ‘2024 से 2026 तक भाजपा सरकार में राजभर समाज के 22 लोगों की हत्या हो गई, लेकिन सरकार और उसके मंत्री सिर्फ बयानबाज़ी और रील बनाने में व्यस्त रहे। वाराणसी से लेकर मऊ, गाज़ीपुर, बलिया, जौनपुर तक राजभर समाज का खून बहता रहा और सत्ता में बैठे तथाकथित “हितैषी” मौन रहे। जब अपने समाज के लोगों की जान सुरक्षित नहीं, तब सत्ता में भागीदारी किस काम की? राजभर समाज अब जवाब मांग रहा है। सुरक्षा चाहिए, न्याय चाहिए, दिखावा नहीं।’

सूर्या समाजवादी ने लिखा, ‘मात्र दो साल में राजभर समाज के 22 लोगों की हत्याएं इस सरकार में हुई है, अभी तक किसी को न्याय नहीं मिला हत्या करने वाले सब सरकार से ही जुड़े लोग है इसलिए न किसी का इनकाउंटर हुआ और न ही किसी के घर पर बुलडोजर चला।’
मात्र दो साल में राजभर समाज के 22 लोगों की हत्याएं इस सरकार में हुई है, अभी तक किसी को न्याय नहीं मिला
— Surya Samajwadi (@surya_samajwadi) May 26, 2026
हत्या करने वाले सब सरकार से ही जुड़े लोग है इसलिए न किसी का इनकाउंटर हुआ और न ही किसी के घर पर बुलडोजर चला pic.twitter.com/QLgj9De0uD
इसी होर्डिंग को विशाल ज्योतिदेव अग्रवाल, आशुतोष वर्मा, मनीष यादव ने भी पोस्ट किया है
क्या है हकीकत? पड़ताल में हमने एक एक कर सभी वारदातों के सम्बन्ध में गूगल सर्च किया।
दिसम्बर 2024 में वाराणसी में सुरेश राजभर की हत्या
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी में मालवाहक चालक 33 वर्षीय सुरेश राजभर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। इस प्रकरण में परिजनों के अलावा स्थानीय लोगों ने बताया गया कि सुरेश की हत्या के आरोपी उसके दोस्त ही हैं, जो उसके साथ रोजाना उठते-बैठते और शराब पीते थे। घटना से पहले भी सभी ने साथ में शराब पी थी। इस दौरान दोस्तों में विवाद हुआ और मुख्य आरोपी विशाल सोनकर ने सुरेश राजभर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस प्रकरण में विशाल सोनकर को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। साथ ही, मृतक के अन्य दोस्तों मनोज चौहान, अक्षय उर्फ कल्लू चौहान, विक्की चौहान, आर्यन सोनकर, सतीश सोनकर और अजय को गिरफ्तार किया गया।
मई 2025 में वाराणसी में फया राजभर की हत्या
वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनीपुर गांव में हुई 59 वर्षीय प्राइवेट लाइनमैन फया राजभर की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जंसा थाना क्षेत्र के कुंडरिया गांव के रहने वाले रहीस खान, बधई सिंह और मोहित सिंह को धर दबोचा और अदालत में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
अक्टूबर 2025 में वाराणसी में छोटू राजभर की हत्या
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक चौबेपुर थाना क्षेत्र के छितौना गांव में 5 जुलाई की सुबह खेत में मवेशी चरने को लेकर दो पक्षों में मारपीट, पथराव और धारदार हथियार से हमला किया गया था। मारपीट में चार लोग घायल हुए थे। 5 जुलाई को मारपीट में घायल छोटू राजभर (45 वर्ष) की बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। 3 महीने से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष के बाद छोटू की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी भाजपा के बूथ अध्यक्ष संजय सिंह को गिरफ्तार किया। साथ ही अमित सिंह, अनुराग सिंह भी को गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
अक्टूबर 2024 में वाराणसी में डॉ. सचिन राजभर की मौत
Inextlive की रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी सिंधोरा थाना क्षेत्र के करेमुआ गांव निवासी सचिन राजभर दवाखाना चलाते थे। नित्य की भांति रविवार रात 9 बजे दवाखाना बन्द कर बाइक से घर के लिए निकला थ रास्ते में सरायबेना गांव के समीप युवक सड़क के किनारे खून से लथपथ मिला था। बाइक बगल में खड़ी थी। सर व मस्तक में चोट के गहरे निशान थे। खून का जबरजस्त रिसाव हो रहा था। मृतक की मौत को लेकर परिजनों ने हंगामा कर दिया।परिजन रंजिश में युवक की हत्या की आशंका ब्यक्त कर रहे थे। वहीं सिंधोरा थानाध्यक्ष निकिता सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया दुर्घटना लग रही है लेकिन पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।
मई 2026 में वाराणसी में रोहित राजभर की हत्या का आरोप
वाराणसी में 5 मई 2026 को रोहित राजभर की हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि 26 अप्रैल को मनीष सिंह की हत्या हुई थी, जिसमें राजभर समाज के लोगों पर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ठाकुर और राजभर समुदाय के बीच वर्चस्व को लेकर पोस्ट की जा रही थीं। हमें आशंका है कि इसी रंजिश के चलते मेरे भाई की हत्या की गई है।
वहीं जांच में सामने आया है कि यह प्रकरण सडक हादसे का था। इस मामले में पुलिस ने धर्मेन्द्र राजभर और रामाशीष राजभर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने आए थे। देर रात लौटते समय बसंतपुर चकदुल्ला के पास उनकी बाइक और रोहित राजभर की बाइक आमने-सामने टकरा गई। हादसे में रोहित गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। आरोपी घबराकर बिना किसी को सूचना दिए मौके से फरार हो गए थे।

फरवरी 2026 में फत्ते राजभर की हत्या
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक कुंभापुर गांव में 11 फरवरी को अवतार राजभर उर्फ फत्ते की लाश तालाब किनारे मिली थी। आशंका जताई गई थी कि उसकी मौत डूबने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। इस आधार पर भाई जंजीर राजभर की तहरीर पर बड़ागांव पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अवतार राजभर गांव के ही निलेश यादव के तालाब की रखवाली करता था। निलेश तालाब में मछली पालन करता है। दोनों पक्षों में विवाद था, पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन कर रही है।
होर्डिंग में बलिया की सूची में पहला नाम दिग्विजय राजभर दिया गया है हालाँकि अभी तक हमारी पड़ताल में बलिया ऐसा कोई नाम नहीं मिला है। हम इस पर लगातार सर्च कर रहे हैं।
नवम्बर 2025 में बलिया में चंदन राजभर की हत्या
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक बलिया जिले के मनियर थाना क्षेत्र के महलीपुर गांव निवासी चंदन राजभर के हत्यारोपी अभिमन्यु राजभर को पुलिस ने 24 घंटे में मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। अभिमन्यु राजभर ने अपने भाई रघुनन्दन और उसके साले राजू राजभर के साथ मिलकर चन्दन राजभर की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

मार्च 2026 में विक्की राजभर की हत्या
बलिया के विक्की राजभर की हत्या की वारदात यूपी में नहीं, कर्नाटक के बेंगलुरु में हुई थी। बलिया के मीडिया संस्थान ‘जनता तक बलिया’ ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘बेंगलुरु में बलिया के 30 वर्षीय विक्की राजभर की होली के दिन लोकल ब्वॉय द्वारा चाकू मार कर हत्या! बलिया के भरतपुरा गांव में शव पहुंचते ही मचा कोहराम! गांव के सभी लोगों की आंखें नम दिखी! रेवती, सहतवार, बलिया के पांच लड़के एक ही रूम में रहते थे। चाकू मरने वाला पहले रेवती के ओमप्रकाश को चाकू मारा, जिसकी हालत काफी गंभीर है जो आईसीयू में आखिरी सांस ले रहा है । बचाने गए विक्की राजभर को भी चाकू मार दिया जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। विक्की राजभर के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं जिनके रोते बिलखते चेहरे को देखकर सबका सीना फटा जा रहा था। इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।’
दिसम्बर 2024 में शिवमूरत राजभर की हत्या
गाजीपुर में शिवमूरत राजभर की हत्या के मामले में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि मरदह थाना क्षेत्र के कंसारी मोड़ के पास बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। आपसी विवाद के चलते घटना को अंजाम दिया गया है। आज शाम को भी इसी आपसी विवाद के चलते मारपीट हुई थी। इसके बाद घर की तरफ भाग रहे शिवमूरत को पीछा कर रहे बदमाशों ने गोली मार दी। कंधे में गोली लगने से वह जख्मी हो गया और बदमाश फरार हो गए। घायल युवक को आनन-फानन में इलाज के लिए मऊ ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों श्रीकृष्ण राय उर्फ पिंटू और गोविंद राय को गिरफ्तार किया था।

जनवरी 2026 में गाजीपुर में दीपक राजभर की हत्या
गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के मरदह इलाके में युवा नेता दीपक राजभर की तीन गोली मारकर हत्या कर दी गयी। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं पुलिस की जांच में सामने आया कि दीपक की हत्या बेलसड़ी गांव के रामनिवास राजभर फौजी व धनंजय राजभर ने हत्या कराई थी। पुलिस ने हत्या करने वाले विशाल यादव उर्फ छोटक और सौरभ यादव को गिरफ्तार किया है।

दाेनों से पूछताछ में पता चला कि बीते अक्टूबर में दीपावली पर बेलसड़ी गांव में मेला लगा था। जिसमें रात में नाच का कार्यक्रम था। इस दौरान झगड़ा व मारपीट से दीपक राजभर के दोस्त ने नाच बंद करा दिया था। इसके करीब चार-पांच दिन बाद दीपक के दोस्त ने रामनिवासी राजभर फौजी और धनंजय राजभर की पिटाई की थी। रामनिवासी राजभर फौजी और धनंजय राजभर के कहने पर हत्यारोपी विशाल यादव और सौरभ यादव ने अपने साथी करंडा के मलाहपुरवा संदेश चौधरी, चाड़ीपुर मठिया निवासी जसवंत यादव उर्फ प्रद्युम्न और कोटिया धरम्मरपुर निवासी अभिषेक यादव उर्फ गोलू के साथ मिलकर दीपक राजभर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मार्च 2026 में सुधारन राजभर की हत्या
गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र के उधउपुर गांव निवासी सुधारन राजभर की दो युवकों ने हत्या की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों इंद्रजीत और ऋतिक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इंद्रजीत के बुआ के बेटे अनुज का एक युवती से प्रेम संबंध था और वह उससे बातचीत करता था। इसी बीच मृतक सुधारन भी उसी युवती से बात करने लगा था। इस बात को लेकर अनुज नाराज था। अनुज ने सुधारन को समझाने के लिए उसका मोबाइल नंबर इंद्रजीत को दिया था। इसके बाद इंद्रजीत ने सुधारन को फोन कर युवती से बात न करने की चेतावनी दी लेकिन सुधारन ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसी दौरान दोनों के बीच फोन पर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दे दी। इसी विवाद के बाद सुधारन को मिलने के बहाने बुलाया गया। जब वह मौके पर पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद इंद्रजीत, ऋतिक और अन्य युवकों ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।

मऊ में अनिल राजभर हत्या
मऊ में अनिल राजभर की हत्या 14 नवंबर 2025 को हुई थी। अनिल राजभर उर्फ पिल्लू मछली पकड़ने गए थे, जहां उनकी सिर पर वार कर हत्या कर दी गई थी और शव खेत के पास फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने बड़ेलाल गोड़ को गिरफ्तार किया था। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी बड़ेलाल गोड़ ने बताया कि उसने गांव के पास नाले में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया था। पिछले कुछ दिनों से अनिल राजभर उर्फ पिल्लू उसके जाल से मछलियां चुरा रहे थे। 14 नवंबर की रात जब अनिल राजभर फिर से मछली पकड़ रहे थे, तो बड़ेलाल ने उन्हें देख लिया। मना करने पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद बड़ेलाल ने गुस्से में लोहे की सरिया लगी लाठी से अनिल राजभर के सिर पर कई बार वार किया।

मऊ में शिव बचन राजभर की हत्या
मऊ जिले के थाना सरायलखंसी क्षेत्र के गरथौली गांव में 2 फरवरी 2026 को 54 वर्षीय शिव बचन राजभर की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार शिव बचन राजभर के गले और हाथ पर धारदार हथियार से गंभीर वार किए गए थे।

पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि शिव बचन राजभर की हत्या उसकी बहु पिंकी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की है। दरअसल, बहु पिंकी का पति विदेश रहता है। डांटने पर बहू ने अपने प्रेमी और उसके दो दोस्तों के साथ मिलकर धारदार हथियार से शिव बचन की हत्या कर दी। शराब पीने से लेकर गला रेतने का वीडियो भी बनाया था। इस मामले में पुलिस ने राममिलन राजभर, सुधीर राजभर, छठ्ठू राजभर उर्फ रोहित और बहु पिंकी को गिरफ्तार किया था।
जौनपुर में पंकज राजभर की हत्या
जौनपुर के जलालपुर में पंकज राजभर की हत्या का मामला नवंबर 2024 का है। पंकज राजभर का अपने ही गाँव के छोटू सिंह, रोहित सिंह और अविनाश सिंह से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि गुस्साए तीनों आरोपियों ने अपनी स्वीफ्ट कार पकंज राजभर के उपर चढा दिया था। इतना ही नहीं दोनों ने उस पर कार चढाकर कई राउंड कुचला जिससे पंकज गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गया। घटना के बाद परिजन युवक को वाराणसी ले गएं जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने उसी समय अभिषेक सिंह उर्फ छोटू पुत्र दिनेश सिंह, रोहित कुमार सिंह पुत्र नरसिंह बहादुर और अविनाश सिंह पुत्र अशोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।
जनवरी 2026 में जौनपुर में डॉ. सुनील राजभर की हत्या का आरोप
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक जौनपुर के खेतासराय में डिस्पेंसरी संचालक सुनील राजभर का शव गत 17 जनवरी 2026 की सुबह घर के गेट के पिलर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। स्वजन हत्या कर शव लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की बात कह रहे थे। वहीं पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों ने रिपोर्ट में आत्महत्या कर लेने की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस कारणों की तलाश में जुट गई। छानबीन में पुलिस को पता चला कि सुनील राजभर का हिना नामक महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था। सुनील का काल डिटेल खंगालने पर दोनों के बीच लगातार बातचीत होने की पुष्टि हुई।पुलिस जांच में पता चला कि सुनील राजभर ने प्रेमिका हिना से विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम में भी आत्महत्या की पुष्टि हुई है। हिना उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। सुनील पारिवारिक समस्याओं, आगे की पढ़ाई व आर्थिक तंगी का हवाला देते कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करने को कह रहा था। इस मामले में पुलिस ने हिना को गिरफ्तार कर लिया था।

मार्च 2026 में बाराबंकी में बबलू राजभर की हत्या
बाराबंकी के रामनगर ब्लॉक के बेहटा गांव निवासी बबलू राजभर साइकिल पर आइसक्रीम का डिब्बा रखकर बेचने का काम शुरू किया था। 25 वर्षीय बबलू रोज की तरह गांव–गांव घूमकर आइसक्रीम बेचने निकला था। वह परसावल गांव पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात 50 वर्षीय शंकर यादव से हुई। शंकर यादव ने बबलू से आइसक्रीम ली लेकिन आइसक्रीम खाने के बाद जब बबलू ने शंकर यादव से पैसे मांगे तो इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

आरोप है कि शंकर यादव ने पहले उसे वहां आवाज लगाकर बेचने से मना किया और धमकी दी कि अगर दोबारा आवाज लगाई तो जान से मार देगा। इसके बावजूद जब बबलू नहीं माना और आइसक्रीम का पैसा मांग कर जोर-जोर से आइसक्रीम भी बेचने लगा। इस पर शंकर यादव पास में बने घर से धारदार हथियार (बांका) लेकर आया और उसकी गर्दन पर कई वार कर दिया। हमले में बबलू राजभर का सिर धड़ से अलग हो गया। वारदात यहीं खत्म नहीं हुई। हत्या के बाद शंकर बबलू के सिर को पास स्थित घर ले गया। इसके बाद वहां जल रहे चूल्हे में उसे जलाना शुरू कर दिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मई 2023 में कुशीनगर में रिंकि राजभर की हत्या
रिंकि राजभर की हत्या की हत्या का मामला मई 2023 का है। कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र में बुद्धनगरी के पथिक निवास के पीछे निर्माणाधीन मकान में रिंकि का शव मिला था। रिंकि 15 दिन से लापता थी, जिसकी सुचना परिजनों ने पुलिस को भी दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि रिंकि की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी। शादीशुदा प्रेमी ने युवती के साथ पहले गलत काम किया था।

पुलिस ने बताया कि रिंकी का गोरखपुर जनपद के थाना पीपीगंज स्थित मुईधरपुर निवासी विरेंद्र पासवान पुत्र जवाहर पासवान से प्रेम संबंध था। वह कुशीनगर में ही किराए के मकान में रहकर जेसीबी चलाता था। युवती ने शादी का दबाव बनाया था, जबकि प्रेमी पहले से ही शादीशुदा था। इस कारण वह शादी करना नहीं चाह रहा था। युवती अपने प्रेमी पर बार-बार शादी के लिए दबाव बना रही थी। नहीं करने पर उसे बर्बाद करने की धमकी दे रही थी। 15 मई 2023 को रात्रि आठ बजे युवती को निर्माणाधीन मकान में मिलने के लिए बुलाया और चाकू से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी।
मार्च 2024 में संतकबीरनगर में नंदिनी राजभर की हत्या
संतकबीरनगर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की महिला विंग की प्रदेश महासचिव रहीं नंदिनी राजभर की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी। उसके प्रेमी साहुल राजभर ने ही हथौड़ी से मार कर उसकी हत्या की थी। दरअसल, बेलहर थाना क्षेत्र के बनौली गांव निवासी साहुल राजभर की बहन की शादी डीघा गांव में हुई है। वह बहनोई के घर रहकर मेडिकल स्टोर चलाता था, जहां नंदिनी राजभर उससे दवा लेने आती थी। धीरे-धीरे साहुल से नंदिनी की नजदीकी बन गई। नंदिनी का मोबाइल फोन खराब होने पर साहुल ने उसे बस्ती बुलाकर मोबाइल खरीदकर दिया। साथ ही उसने नंदिनी को 26 हजार रुपये भी उधार दिए थे।

इधर कुछ दिनों से नंदिनी ने साहुल से बातचीत बंद कर दी थी। वह जब भी फोन मिलाता तो नंदिनी का फोन अक्सर व्यस्त रहता था। साहुल को शक था कि वह किसी अन्य से बात करती है। इस कारण दोनों में विवाद होने लगा और साहुल अपने दिए रुपये व मोबाइल फोन नंदिनी से मांगने लगा लेकिन वह टालती रही। इसी नाराजगी में साहुल 10 मार्च 2024 को नंदिनी के घर गया तो देखा कि वह बेड पर सोकर किसी से मोबाइल फोन पर बात कर रही थी। यह देख साहुल और नाराज हो गया और पास में रखे हथौड़े से उसके सिर पर कई बार वार कर दिए, जिससे नंदिनी की मौके पर ही मौत हो गई।
निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में अभी तक यह सामने आया कि राजभर समाज के युवकों की हत्याओं का मामला जातिगत नहीं हैं। न ही यह हत्याएं सुनियोजित हैं, यह घटनाएँ नाच बंद कराने, मछली चोरी, प्रेम प्रसंग जैसे मामलों से सम्बंधित हैं। अधिकांश घटनाओं में पीड़ित और आरोपी एक ही जाति से हैं, यानि अखिलेश यादव के जातिये गठजोड़ पीडीए से हैं।

